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दधिमथी माता मंगल – राजस्थानी दोहा चौपाई में रचित भक्तिरचना

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श्रीदधिमथीमाता मंगल डॉ. रामकुमार दाधीच द्वारा राजस्थानी भाषा में रचित भक्तिरचना श्रीदधिमथीमाता मंगल पाठकों के लाभार्थ प्रकाशित की जा रही है। पाठ करने योग्य यह रचना गोठ-मांगलोद की श्री दधिमथी माता की कथा, महिमा तथा आध्यात्मिक तत्त्व विवेचन से समन्वित है। इसकी कथावस्तु का आधार श्री दधिमथी पुराण है। नोट:-  दधिमथी माता मंगल प्रकाशन के सर्वाधिकार…

Jai Ambe Jai Jai Durge जय अम्बे जय जय दुर्गे

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Devi Bhajan Lyrics: जय अम्बे जय जय दुर्गे जय अम्बे जय जय दुर्गे दयामयी कल्याण करो … आजाओ माँ आजाओ आकर दरस दिखा जाओ … जय अम्बे … कब के द्वार तिहारे ठाड़े मैया मेरी मुझ पर कृपा करो। जय अम्बे … तेरे दरस के प्यासे नैना दरस हमें दिखला जाओ। जय अम्बे …   Jai Ambe Jai Jai Durge Jai Ambe Jai Jai Durge…

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