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श्री राधाकृष्ण की आरती

Radha Krishna Aarti : राधा कृष्ण आरती in Hindi ॐ जय श्री राधा जय श्री कृष्ण, !! श्री राधा कृष्णाय नमः !! !! घूम घुमारो घामर सोहे, जय श्री राधा, पट पीताम्बर मुनि मन मोहे जय श्री कृष्ण !! !! जुगल प्रेम रस झम-झम झमकै, श्री राधा कृष्णाय नमः !! !! राधा राधा कृष्ण कन्हैया जय श्री

अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्

Asht Lakshmi Stotram ।। अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम् ।। in Hindi आदिलक्ष्मी सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममये ।। मुनिगणमण्डित मोक्षप्रदायिनि, मञ्जुळभाषिणि वेदनुते ।। पङ्कजवासिनि देवसुपूजित, सद्गुणवर्षिणि शान्तियुते ।। जयजय हे मधुसूदन कामिनि, आदिलक्ष्मि सदा पालय माम् ।। १ ।। धान्यलक्ष्मी अहिकलि कल्मषनाशिनि कामिनि, वैदिकरूपिणि वेदमये ।। क्षीरसमुद्भव मङ्गलरूपिणि, मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते ।। मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि, देवगणाश्रित पादयुते ।। जयजय हे मधुसूदन कामिनि, धान्यलक्ष्मि

सालासर बालाजी की आरती

SALASAR BALAJI AARTI : सालासर बालाजी की आरती in Hindi जयति जय जय बजरंग बाला, कृपा कर सालासर वाला ॥ चैत सुदी पूनम को जन्मे, अंजनी पवन खुशी मन में । प्रकट भए सुर वानर तन में, विदित यश विक्रम त्रिभुवन में । दूध पीवत स्तन मात के, नजर गई नभ ओर । तब जननी

श्री परशुराम चालीसा

SHRI PARSHURAM CHALISA : श्री परशुराम चालीसा inHindi || दोहा || श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि। सुमरि गजानन शारदा, गहि आशिष त्रिपुरारि।। बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डार। बरणौं परशुराम सुयश, निज मति के अनुसार।। || चौपाई || जय प्रभु परशुराम सुख सागर, जय मुनीश गुण ज्ञान दिवाकर। भृगुकुल मुकुट बिकट रणधीरा, क्षत्रिय तेज

श्री लक्ष्मी मंत्र

LAKSHMI BEEJ MANTRA IN HINDI AND ENGLISH ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥ Om Hreem Shreem Lakshmibhayo Namah॥ MAHALAKSHMI MANTRA IN HINDI AND ENGLISH ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:॥ Om Shreem Hreem Shreem Kamale Kamalalaye Praseed Praseed Om Shreem Hreem Shreem Mahalakshmaye Namah॥ LAKSHMI GAYATRI MANTRA IN HINDI AND

श्री अन्नपूर्णा माता की आरती

Shri Annapurna Devi Aarti : श्री अन्नपूर्णा माता की आरती in Hindi बारम्बार प्रणाम मैया बारम्बार प्रणाम जो नहीं ध्यावे तुम्हे अम्बिके, कहा उसे विश्राम अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम प्रलय युगांतर और जन्मान्तर , कालांतर तक नाम सुर असुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहं राम चुमहि चरण चतुर चतुरानन, चारू चक्रधर

कुलदेवी श्री रायमाता गांगियासर – दर्शन, इतिहास व चमत्कार

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रायमाता का मन्दिर राजस्थान के झुंझुनू जिले में बिसाऊ तहसील से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर गांगियासर नामक गाँव में स्थित है। प्रवासी एवं स्थानीय भक्तों का यह उपासना केन्द्र चमत्कारी देवी के रूप में विख्यात है। गांगियासर ग्राम की देवी रायमाता के प्रकटीकरण का इतिहास भी चमत्कारी व रोचक

वैभवशाली मण्डोर उद्यान और मण्डोर किले के खंडहरों में विराजमान माँ चामुण्डा देवी

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जोधपुर की इस यात्रा में हमने पिछले दिन बीसहथ माता तथा मेहरानगढ़ की चामुण्डा माता के दर्शन किये। आज का दिन हमने मण्डोर के उद्यान देखने के लिए निश्चित किया था। हम सुबह जल्दी ही उठकर मण्डोर के लिए निकल गए। मण्डोर की यह यात्रा हमारी कुलदेवीधामयात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण

कैलामाता की अद्भुत कथा व इतिहास – कुलदेवीकथामाहात्म्य

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'कुलदेवीकथामाहात्म्य' करौली की कैलामाता इतिहास Kaila Mata Karauli Katha Itihas : कैलामाता का शक्तिपीठ राजस्थान में करौली से लगभग 25 कि.मी. की दूरी पर त्रिकूट पर्वत की सुरम्य घाटी में स्थित है। कैलामाता को करौलीमाता भी कहा जाता है। कैलामाता करौली के यदुवंशी राजपरिवार में कुलदेवी के रूप में पूजित हैं। महामाया महालक्ष्मी का

सुस्वागतम्

भारतीय संस्कृति के अनुसार देवी ही एकमात्र तत्त्व  है। सब उसी से जन्म लेते हैं और उसी में समा जाते हैं। वेद का वचन है- देवी ह्येकाग्र आसीत्। सा सर्वमजीजनत्। अर्थात् पहले एकमात्र देवी ही थी। उसी ने सबको जन्म दिया। इस प्रकार देवी मातृशक्ति है। मातृशक्ति के तीन लोकप्रिय रुप

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