तरकुलहा देवी – यहाँ क्रांतिकारी बाबू बंधु सिंह ने दी थी कई अंग्रेजों की बलि

Tarkulha Devi Temple Gorakhpur History in Hindi : गोरखपुर से लगभग 20 किमी. तथा चौरी-चौरा से 5 किमी. की दूरी पर स्थित है देवी तरकुलहा माता का मन्दिर। तरकुल अर्थात ताड़ के पेड़ के नीचे स्थापित होने से यह देवी तरकुलहा कहलाई। यह मन्दिर अपने भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।  इसका सर्वाधिक महत्त्व यह है … Read more

जानिए कैसे पड़ा माता शक्ति का नाम दुर्गा ?

durga-mata

How Goddess got her name Durga : पुरातन काल में दुर्गम नामक दैत्य ने स्वर्गलोक में भारी हाहाकार मचा रखी थी। उसने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न कर सभी वेदों को अपने वश में कर लिया था  जिससे देवताओं का बल क्षीण हो गया। दैत्यराज दुर्गम ने देवताओं को परास्त करके स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया। तब देवताओं को देवी … Read more

तनोट माता मंदिर जैसलमेर– जहां पाकिस्तान के 3000 बम हुए बेअसर

tanot-mata

तन्नोटराय का मन्दिर (Tanot Mata Temple Jaisalmer)  Tanot Mata Temple Jaisalmer History in Hindi : आठवीं शताब्दी के उतरार्द्ध में भाटी तणु राव ने तन्नोट में देवी स्वांगियां का मन्दिर बनवाया। यहाँ पर सैंकड़ों वर्षों से अखण्ड ज्योति आज भी प्रज्वलित है। तणु राव के नाम पर ही देवी स्वांगियां को ‘तणुटिया’ ‘तन्नोट’ राय देवी के नाम से … Read more

माता दुर्गा ने एक तिनके से तोड़ा देवताओं का घमंड

Durga Mata Broke Proud of the Gods : एक बार देवों और दानवों में युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध में देवता विजयी हुए परंतु इस विजय से उनके मन में अहंकार उत्पन्न हो गया। वे  स्वयं को सर्वश्रेष्ठ कहने लगे। जब जगदम्बा आदिशक्ति दुर्गा ने देवताओं को इस प्रकार अहंकार से ग्रस्त होते देखा तो वे … Read more

आंजन धाम : यहीं माँ अंजनी ने दिया था हनुमान को जन्म 

Anjan Dham Gumla Hanuman Birth Place History in Hindi : रामभक्त हनुमान का नाम सप्त चिरंजीवियों में शामिल है। देश-दुनिया में उनके अनेक मन्दिर हैं।  लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका जन्म कहाँ हुआ था ? …  कहा जाता है कि भगवान हनुमान जी के जन्म का इतिहास झारखंड के गुमला जिले के उत्तरी … Read more

चौसठ योगिनी मन्दिर, मुरैना – इसी मन्दिर पर आधारित है भारत का संसद भवन

Chausath Yogini Mandir Morena History in Hindi : सामान्यतः योगाभ्यास करने वाली स्त्री योगिनी कहलाती है। परन्तु शाक्त मत तथा तांत्रिक परम्पराओं में योगिनी देवीरूपा हैं जो सप्तमातृकाओं से सम्बद्ध हैं। इनकी संख्या 64 है। आपने अष्ट या चौंसठ योगिनियों के बारे में सुना होगा। दरअसल ये सभी आदिशक्ति मां काली का अवतार है। घोर नामक दैत्य … Read more

कामाख्या देवी शक्तिपीठ से जुड़े रोचक तथ्य

Mata Kamakhya Devi Shaktipeeth History in Hindi : कामाख्या शक्तिपीठ गुवाहाटी (असम) के पश्चिम में 8 कि.मी. दूर नीलांचल पर्वत पर है। 51 शक्तिपीठों में कामाख्या देवी शक्तिपीठ को सर्वोत्तम माना जाता है। कामाख्या देवी का यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ असम में गुवाहाटी के पश्चिम में 8 किमी. दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित है। माता सती … Read more

चूड़ामणि देवी मंदिर- इस मदिर में चोरी करने पर ही पूरी होती है मनोकामना

Devi Chudamani Temple Uttarakhand History in Hindi : इस मन्दिर में चोरी करने पर ही  मनोकामना होती है पूरी  – Mission Kuldevi  में हम आपको कुलदेवियों सहित देवी माँ के विभिन्न धामों का दर्शन करवाते हैं। हमारे भारत में कई ऐसे अनोखे मन्दिर हैं जिनकी परम्पराएं और मान्यतायें अनोखी होती हैं। पिछले लेख में हमने आपको … Read more

श्राई कोटि माता मंदिर- जहाँ पति-पत्नी नहीं कर सकते एक साथ मां के दर्शन

Sri Koti Mata Temple Himachal History in Hindi :भारतवर्ष में ऐसे कई मन्दिर हैं जो या तो अपने चमत्कारों के कारण प्रसिद्ध हैं या अपने रहस्यों के कारण। कई मन्दिर ऐसे भी हैं जो अपनी अनोखी परम्पराओं के कारण प्रसिद्ध हैं । ऐसा ही एक मन्दिर है जिसकी एक अनोखी परम्परा है। एक ऐसा मन्दिर जहाँ … Read more

माता वैष्णो देवी की अमर कथा | Vaishno Devi ki Katha and My Bike Ride to Katra

Mata Vaishno devi story in Hindi : भगवान विष्णु की शक्ति वैष्णवी का प्रसिद्ध मन्दिर ‘वैष्णो देवी’ के नाम से उत्तर भारत के सर्वाधिक पूजनीय और पवित्र स्थलों में से एक है। ऊँचे पर्वत पर स्थित यह मन्दिर अपनी भव्यता व मनोहर सुंदरता के कारण भी प्रसिद्ध है। कटरा से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर … Read more

This site is protected by wp-copyrightpro.com