अथातो भृगु वंश जिज्ञासा-भार्गव वंश, गोत्र व कुलदेवी परिचय- डॉ. मनहर गोपाल भार्गव

Bhrigu Vansh : भृगुवंश विश्व के प्राचीनतम वंशों में से एक है। प्राचीनतम उपलब्ध ग्रन्थ ‘ऋग्वेद’ में भृगुओं का अनेक स्थलों पर पितर के रूप में स्मरण किया जाना ही उनकी प्राचीनता का ज्वलंत प्रमाण है। इस वंश का देवताओं के साथ सम्बन्ध रहा। भृगु पुत्री लक्ष्मी का विवाह त्रिदेवों में श्री विष्णु के साथ … Read more

महर्षि कश्यप जिनके नाम से काश्यप गौत्र है Maharshi Kashyap

हमारा गोत्र काश्यप है जिसे कश्यप ऋषि के नाम पर ही नामकरण किया गया है। हमारे कुल के पूर्वज सर्वप्रथम “किशनगढ़-बास” में आकर बसे इसलिए “किशनगढ़ बास वाले” कहलाने लगे, जिनकी कुलदेवी का नाम अर्चट रखा गया। हमारे गोत्र के ऋषि कश्यप के बारे में कुछ जानकारी निम्न प्रकार है – आदिकाल में लोकप्रिय ब्रह्मा … Read more

भार्गव समाज का उद्गम स्थल – स्व. ओमप्रकाश भार्गव

हमारे समाज के बुद्धिजीवी वर्ग में सन् 1855 से 1860 के समय में अपने समाज की जड़ें, सही पहचान तथा परिचय के विषय में एक आत्मचिन्तन की लहर आयी। ऐसा लगने लगा कि ढूसर शब्द हमारी सही पहचान तथा परिचय नहीं है। ढूसर शब्द का हमारे साथ जुड़े होने से हमारे समाज की पहचान के … Read more

‘कुलदेवी नमो नमः’ भार्गव समाज – श्रवण कुमार उपाध्याय

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Kuldevi Namo Namah : मानव ने आदिकाल से पूजा का कोई-न -कोई विषय अपना रखा है। दुनिया के सभी देशों में देवियों की पूजा होती है। भारतवर्ष में निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक कुलदेवी है। कुलदेवी उस व्यक्ति की रक्षा करती है। हमारे यहाँ पर कुलदेवी पूजा की जड़ें बहुत ही गहरी है। प्रत्येक जाति की अपनी … Read more

कुलदेवी का महत्त्व – प्रभात मुकुल भार्गव

              डॉ. मनहर गोपाल भार्गव, मिर्जापुर का लेख “भार्गव गोत्र व कुलदेवी” मैंने कुछ समय पूर्व पढ़ा था। उसी से ज्ञात हुआ कि भार्गवों की कुल छः गोत्र होते हैं। परन्तु कुलदेवी अनेक हैं। मेरे मन में यह जिज्ञासा तब और भी अधिक जाग्रत हुई जब यह ज्ञात हुआ कि मेरे वंश … Read more

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