नागाणा की नागणेचिया माता “Nagnechiya Mata- Nagana”

Nagnechiya Mata Temple History in Hindi : राजस्थान के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी चक्रेश्वरी, राठेश्वरी,  नागणेची या नागणेचिया के नाम से प्रसिद्ध है । नागणेचिया माता का मन्दिर राजस्थान में जोधपुर जिले के नागाणा गांव में स्थित है। यह मन्दिर जोधपुर से 96 किमी. की दूरी पर है।  प्राचीन ख्यातों और इतिहास ग्रंथों के अनुसार … Read more

वीरातरा की श्री वांकल माता – Shri Vankal Mata Viratra

Shri Vankal Mata Viratra

Vankal Mata Viratra History in Hindi : श्री वांकल माता का मन्दिर बाड़मेर से लगभग 48 कि.मी. तथा चौहटन तहसील से लगभग 10 कि.मी. उत्तर में स्थित है । जो लगभग 400 वर्षों से अधिक पुराना है । विरातरामाता भोपों की कुलदेवी मानी जाती है ।  यह मन्दिर पर्वत की तलहटी में है जो एक ओर … Read more

गर्गवंशी कृष्ण गौड़ ब्राह्मणों की आराध्य देवी विंध्याचल वासिनी की कथा | Vindhyachal Vasini Devi Katha

     विनोद शर्मा  कृष्णगौड़ ब्राह्मण सेवा समिति, जयपुर  द्वारा प्रेषित आलेख  माँ विंध्यवासिनी  भगवती अम्बिका नित्य स्वरूपिणी है। सत, चित और आनंदमय उनका श्री विग्रह है। वे सर्वोपरी है। यह चराचर जगत उनके ओतप्रेत है। उन्ही की आराधना के प्रभाव से ब्रह्माजी इस चराचर जगत की रचना करते है। भगवान विष्णु इस जगत का सरंक्षण … Read more

Bishath Mata / Biswant Mata Temple Tunkaliya

बीसहथ माता  Bishath / Biswant Mata का मंदिर राजस्थान के नागौर जिले में गोटन कस्बे के पास टुंकलिया गाँव में स्थित है। बीसहथ माता की इस क्षेत्र में बहुत लोकमान्यता है जिनका मंदिर एक विशाल तालाब के किनारे पर एक पहाड़ी पर बना है। इन्हें बिसवंत माता भी कहा जाता है। ये माहेश्वरी समाज में हुरकट शाखा … Read more

तंवर राजवंश की कुलदेवी व कुछ विशेष जानकारियां |Tanwar Rajput Vansh Kuldevi | Yogmaya Temple Delhi |Chilay Mata

तंवरों की कुलदेवी ”योगमाया” या चिलाय माता तंवर या तोमर राजवंश का भारत के इतिहास ही नहीं बल्कि संस्कृति में भी महत्त्वपूर्ण योगदान है। इस राजवंश ने सैकड़ों वर्षों तक दिल्ली पर एकछत्र शासन किया है। तोमर राजवंश की उत्पत्ति चंद्रवंशी पाण्डवों के वंश से हुई है। महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने वर्तमान दिल्ली के पास हस्तिनापुर … Read more

यहाँ माता की खण्डित प्रतिमा की होती है पूजा | Ashojai / Asojhai / Ashujai Chamunda Mata

मान्यता है कि कभी भी देव प्रतिमा को खण्डित रूप में नहीं पूजा जाता; लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर में देवी का एक ऐसा मन्दिर विद्यमान है जहाँ माता की खण्डित प्रतिमा की पूजा होती है। यह देवी मन्दिर है आसोजाई माता का मंदिर।  आशुजाई / आसोजाई / Asojhai / Achhojai चामुण्डा माता का मन्दिर … Read more

गुमानो देवी मन्दिर और चम्बल नदी की यात्रा | Gumano Devi Temple Karanpur & Chambal River

Gumano Devi Temple Karanpur : राजस्थान में करौली जिले के मुख्यालय से लगभग 56 किलोमीटर तथा देशभर में प्रसिद्ध माता कैला देवी के मंदिर से 34 किलोमीटर दक्षिण में करणपुर नाम का एक नगर स्थित है। इस नगर में गुमानो देवी का प्रसिद्ध मंदिर विद्यमान है जहाँ श्रद्धालु देवी के दरबार में माथा टेकने और माँ … Read more

नक्कश की देवी-गोमती धाम और हिण्डौन की यात्रा | Nakkash ki Devi-Gomti Dham, Hindaun

Nakkash ki Devi Gomti Dham | नक्कश की देवी – गोमती धाम हिंडौन शहर के मध्य में स्थित है। इस मन्दिर को Hindaun City का हृदय कहा जाता है जो कि जलसें तालाब के किनारे पर स्थित है। यह गोमतीदासजी महाराज द्वारा स्थापित Hindaun City का सबसे बड़ा मन्दिर है। यह माता दुर्गा के एक रूप नक्कश की देवी का … Read more

माता बगलामुखी देवी दर्शन, कथा व महिमा | Mata Baglamukhi Devi Temple Kangra Himachal

Mata Baglamukhi Devi Kangra : माता बगलामुखी देवी दस महाविद्याओं में से एक हैं। यह देवी पीले रंग के वस्त्र धारण करती है इसलिए इन्हें पीताम्बरा भी कहा जाता है। इनकी उपासना वाणी की सिद्धी तथा शत्रुओं पर विजय पाने के लिए की जाती है। माना जाता है कि देवी बगलामुखी इतनी शक्तिशाली हैं कि समस्त … Read more

अनोखा शक्तिपीठ है काँगड़ा का बज्रेश्वरी देवी मंदिर | Mata Bajreshwari Devi Temple Kangra

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Kangra Devi Shaktipeeth : हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा कस्बे में स्थित बज्रेश्वरी माता के मंदिर को काँगड़ा देवी के मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर माँ दुर्गा के ही एक रूप देवी वज्रेश्वरी को समर्पित है, जहां मात्र हिन्दू भक्त ही नहीं बल्कि मुस्लिम और सिख धर्म के श्रद्धालु भी अपना शीश झुकाते हैं और … Read more

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