गोंदला माता डूंगरपुर Gondala Mata – Dungarpur

Gondala Mata – Dungarpur : राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित आदिवासी मीणों की कुलदेवी गोंदला माता का विवरण देते हुए डॉ. रघुनाथ प्रसाद तिवारी अपनी पुस्तक ‘मीणा समाज की कुलदेवियां’ में लिखते हैं कि “आदिवासी संस्कृति में देवी उपासना आदिकाल से प्रचलित है। इन्ही में गोंदला माता जी का प्राचीन स्थान वनवासियों की श्रद्धा का … Read more

गुढाचंदरजी की घटवासन माता Ghatwasan Mata Temple Gudhachandar Ji

Ghatwasan Mata Temple Gudhachandar Ji : घटवासन माताजी का धाम राजस्थान के करौली जिले में करौली से लगभग 65 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में  तथा दौसा से लगभग 54 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।  गुढ़ाचन्दरजी नामक स्थान पर विराजित यह धाम अत्यंत रमणीय है। सिन्दूर में लिप्त माँ घटवासन की प्रतिमा के दर्शन पाकर भक्त कृतार्थ होते हैं। डॉ. … Read more

बीजासणी खुर्रा माता मन्दिर Bijasani Khurra Mata Temple : Lalsot-Mandawari

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बीजासणी खुर्रा माता का मन्दिर राजस्थान में दौसा जिले के लालसोट से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मण्डावरी / मंदवारी से 3 किलोमीटर दक्षिण में स्थित खुर्रा गाँव में है। यह देवी मीणा समाज के डाडरवाल (Dadarwal) व मांदड (Mandad) गोत्र की कुलदेवी है तथा स्थानीय सर्व जन आस्था का केंद्र है। डॉ. रघुनाथ प्रसाद … Read more

त्रागड सोनी ब्राह्मण समाज का इतिहास व कुलदेवी व्याघ्रेश्वरी माता Tragad Soni History

Tragad Brahmin | Tragad Soni History in Hindi | भगवती लक्ष्मी ने श्रीमालनगर का निर्माण कराकर वहाँ श्रीमाली ब्राह्मण बसाये। उन ब्राह्मणों की पत्नियों के लिए स्वर्णाभूषण बनाने के लिए त्रागड सोनी उत्पन्न किए। उनके लिए स्वर्णाभूषण की कला ही आजीविका का साधन बनी इसलिए वे कलाद भी कहलाए – देव्युवाच –         … Read more

बधासन माता : Badhasan Mata

बधासन या वधासन ‘वृद्धेश्वरी’ का अपभ्रंश शब्द है। यह माता नवदुर्गाओं में नवीं देवी सिद्धिदात्री के रूप में वर्णित है। इन्हें बूढ़ण माता भी कहा जाता है। बधासन माता / वृद्धेश्वरी माता माँ अम्बा का एक विशेषण है, जिसके अनुसार यह माता रिद्धि-सिद्धि में वृद्धि करती है। बधासन माता मीणा समाज के जेफ गोत्र की कुलदेवी है। … Read more

यहाँ ईंट की होती है कुलदेवी रूप में पूजा : बूढ़ादीत की ईंट माता Eent Mata Temple Budhadeet

Eent Mata Budhadeet

कहते हैं कि भगवान् कण-कण में विराजमान हैं। जल,थल व आकाश में ऐसा कोई स्थान नहीं जहाँ ईश्वर का वास न हो। देवभूमि भारत के वासियों की अटूट श्रद्धा का इस संसार में कोई थाह नहीं। हम प्रकृति ही नहीं बल्कि किसी भी वस्तुमें देवदर्शन कर सकते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि मनुष्य … Read more

दाँत माता का निराला मन्दिर व महिमा, जमवा रामगढ़ Daant Mata Temple Jamwa Ramgarh

दाँत माता का मंदिर जयपुर शहर से लगभग 23 किलोमीटर दूर जमवारामगढ़ कस्बे में स्थित है। यह मन्दिर कस्बे से गुजर रही अरावली पर्वत श्रृंखला के एक पहाड़ के मध्य में स्थित है। इस कारण यह मन्दिर दूर से ही दिखाई देने लगता है। 1000 ईस्वी सन् के आसपास कछवाहा क्षत्रिय कुल के आधिपत्य में आने … Read more

बंधर माता मन्दिर, तानागांव-चित्तौड़गढ़ Bandhar Mata Temple Tana Village

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Bandhar Mata Temple Tana Village : बंधर माता का मन्दिर राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के तानागांव में एक पहाड़ी पर अवस्थित है। मन्दिर में बंधर माता की प्रतिमा के साथ ही उनकी बहन तथा भैरूजी की प्रतिमा भी प्रतिष्ठापित है। नवरात्र में नवमी के दिन यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है। दूर-दूर से श्रद्धालु उपासक … Read more

भैसादश्री माता मन्दिर नीमच Bhaisad Shri Mata Temple Neemuch

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Bhaisad Shri Mata Temple Neemuch : भैसाद श्री माता मन्दिर नीमच सिटी के मीणा मोहल्ले में नदी के किनारे पर है। यह मन्दिर लगभग 600 वर्ष पुराना है। यह देवी माहेश्वरी समाज में आगीवाल खांप की कुलदेवी है। यदि आप भी भैसाद माता को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं तो कृपया Comment Box में … Read more

नौसर माता का मन्दिर, पुष्कर घाटी अजमेर

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Nausar Mata Temple Pushkar Valley Ajmer : नौसर माता का मन्दिर राजस्थान के अजमेर जिले की पुष्कर घाटी में स्थित है। यह मन्दिर लगभग 1300 वर्ष पुराना है। माता के श्रद्धालु दूर-दूर से यहाँ माथा टेकने और मनौती मांगने आते हैं। वैसे तो यहाँ प्रतिदिन ही उपासकों का ताँता लगा रहता है, परन्तु नवरात्रों में यहाँ … Read more

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