Ashwin Navratri 2022: शारदीय नवरात्रि | मुहूर्त्त, पूजा विधि व महत्त्व

shardiya navratri

Shardiya Navratri 2022: आश्विन माह मनाया जाने वाला शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज  26 सितम्बर से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में शक्तिरूपा मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना होती है, इसलिए इसे शक्ति की उपासना का पर्व भी कहा जाता है। इन नौ दिनों में व्रत रखने का … Read more Ashwin Navratri 2022: शारदीय नवरात्रि | मुहूर्त्त, पूजा विधि व महत्त्व

Chaitra Navratri 2023 : Puja Vidhi | Dates | Puja Muhurt| चैत्र नवरात्रि का महत्त्व व इतिहास

Navratri 2023 puja vidhi, muhurt, dates : नवरात्रि का पावन पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला चैत्र माह में और दूसरा आश्विन माह (शारदीय नवरात्रि) में। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी आती है। तो आइये सबसे पहले हम  जानते हैं कि नवरात्रि वर्ष में दो बार क्यों मनाई जाती है … Read more Chaitra Navratri 2023 : Puja Vidhi | Dates | Puja Muhurt| चैत्र नवरात्रि का महत्त्व व इतिहास

नीमाज की मगरमण्डीमाता | Magarmandi / Makarmandi Mata Nimaj Pali

  नीमाज (Nimaj) पाली जिले का एक प्रमुख कस्बा है । निमाज कस्बे से दो-ढाई किलोमीटर दूर पाली व अजमेर जिले की सरहद के समीप नवीं-दसवीं शताब्दी के पूर्व का ऐतिहासिक मगरमण्डीमाता (Magarmandi Mata) का एक प्राचीन और भव्य मन्दिर स्थित है। यहाँ इनकी बहुत लोकमान्यता है। ज्ञात इतिहास के अनुसार नीमाज रियासतकाल में ऊदावत … Read more नीमाज की मगरमण्डीमाता | Magarmandi / Makarmandi Mata Nimaj Pali

Shivratri ki Aarti Lyrics Hindi English

आरती श्री शिवरात्रि की (हिन्दी) आ गयी महाशिवरात्रि पधारो शंकर जी हो पधारो शंकर जी आरती उतारे पार उतारो शंकर जी हो उतरो शंकर जी तुम नयन नयन मे हो, मन धाम तेरा हे नीलकंठ है कंठ, कंठ मे नाम तेरा हो देवो के देव, जगत मे प्यारे शंकर जी तुम राज महल हो, तुम्ही … Read more Shivratri ki Aarti Lyrics Hindi English

वीरातरा की श्री वांकल माता – Shri Vankal Mata Viratra

Shri Vankal Mata Viratra

Vankal Mata Viratra History in Hindi : श्री वांकल माता का मन्दिर बाड़मेर से लगभग 48 कि.मी. तथा चौहटन तहसील से लगभग 10 कि.मी. उत्तर में स्थित है । जो लगभग 400 वर्षों से अधिक पुराना है । विरातरामाता भोपों की कुलदेवी मानी जाती है ।  यह मन्दिर पर्वत की तलहटी में है जो एक ओर … Read more वीरातरा की श्री वांकल माता – Shri Vankal Mata Viratra

Shri Kashi Vishwanath Suprabhatam Lyrics

॥ श्रीकाशीविश्वनाथसुप्रभातम् ॥ Shri Kashi Vishwanath Suprabhatam in Sanskrit / Hindi विश्वेशं माधवं धुण्डिं दण्डपाणिं च भैरवम।वन्दे काशीं गुहां गङ्गां भवानीं मणिकर्णिकाम॥१॥ उत्तिष्ठ काशि भगवान प्रभुविश्वनाथोगङ्गोर्मिसङ्गतिशुभैः परिभूषितोऽब्जैः।श्रीधुण्डिभैरवमुखैः सहितान्नपूर्णामाता च वाञ्छति मुदा तव सुप्रभातम्॥२॥ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारिःभानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवःकुर्वन्तु सर्वे भुवि सुप्रभातम्॥३॥ वाराणसीस्थितगजाननधुण्डिराजतापत्रयापहरणे प्रथितप्रभाव।आनन्दकन्दलकुलप्रसवैकभूमेनित्यं समस्तजगतः कुरु सुप्रभातम्॥४॥ ब्रह्मद्रवोपमितगाङ्गपयः प्रवाहैःपुण्यैः सदैव परिचुम्बितपादपद्मे।मध्येऽखिलामरगणैः परिसेव्यमानेश्रीकाशिके कुरु सदा … Read more Shri Kashi Vishwanath Suprabhatam Lyrics

Shri Venkatesh Stotram Lyrics

॥अथ श्रीवेङ्कटेशस्तोत्रम्॥ कमलाकुचचूचुककुङ्कुमतोनियतारुणितातुलनीलतनो।कमलायतलोचनलोकपतेविजयी भव वेङ्कटशैलपते॥१ सचतुर्मुखषण्मुखपञ्चमुखप्रमुखाखिलदैवतमौलिमणे।शरणागतवत्सल सारनिधेपरिपालय मां वृषशैलपते॥२ अतिवेलतया तव दुर्विषहैःअनुवेलकृतैरपराधशतैः।भरितं त्वरितं वृषशैलपतेपरया कृपया परिपाहि हरे॥३ अधिवेङ्कटशैलमुदारमतेजनताभिमताधिकदानरतात्।परदेवतया गदितान्निगमैःकमलादयितान्न परं कलये॥४ कलवेणुरवावशगोपवधूशतकोटिवृतात्स्मरकोटिसमात्।प्रतिवल्लविकाभिमतात्सुखदात्वसुदेवसुतान्न परं कलये॥५ अभिरामगुणाकर दाशरथेजगदेकधनुर्धर धीरमते।रघुनायक राम रमेश विभोवरदोभव देव दयाजलधे॥६ अवनीतनयाकमनीयकरंरजनीकरचारुमुखाम्बुरुहं।रजनीचरराजतमोमिहिरंमहनीयमहं रघुराम मये॥७ सुमुखं सुहृदं सुलभं सुखदंस्वनुजं च सुखायममोघशरं।अपहाय रघूद्वहमन्यमहंन कथञ्चन कञ्चन जातु भजे॥८ विना वेङ्कटेशं न नाथो नाथःसदा वेङ्कटेशं स्मरामि स्मरामि।हरे वेङ्कटेश … Read more Shri Venkatesh Stotram Lyrics

Shri Venkatesh Suprabhatam Lyrics

॥ अथ श्रीवेङ्कटेशसुप्रभातम्॥ कौसल्या सुप्रजा राम पूर्वा सन्ध्या प्रवर्ततेउत्तिष्ठ नरशार्दूल कर्तव्यं दैवमाह्निकम् ॥ १ उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द उत्तिष्ठ गरुडध्वज ।उत्तिष्ठ कमलाकान्त त्रैलोक्यं मङ्गलं कुरु ॥ २ मातस्समस्तजगतां मधुकैटभारेःवक्षोविहारिणि मनोहरदिव्यमूर्ते ।श्रीस्वामिनि श्रितजन-प्रियदानशीलेश्रीवेङ्कटेशदयिते तव सुप्रभातम् ॥ ३ तव सुप्रभातमरविन्दलोचने भवतु प्रसन्न-मुखचन्द्र-मण्डले ।विधिशङ्करेन्द्र-वनिताभिरर्चिते वृषशैलनाथदयिते दयानिधे ॥ ४ अत्र्यादिसप्तऋषयस्समुपास्य सन्ध्या–माकाशसिन्धुकमलानि मनोहराणि ।आदाय पादयुगमर्चयितुं प्रपन्नाःशेषाद्रिशेखरविभो तव सुप्रभातम् ॥ ५ पञ्चाननाब्जभव-षण्मुखवासवाद्याःत्रैविक्रमादिचरितं विबुधाः … Read more Shri Venkatesh Suprabhatam Lyrics

Shri Venkatesh Prapatti Lyrics

॥अथ श्रीवेङ्कटेशप्रपत्तिः॥ ईशानां जगतोऽस्य वेङ्कटपतेः विष्णोः परां प्रेयसींतद्वक्षस्स्थलनित्यवासरसिकां तत्क्षान्तिसंवर्धिनीं।पद्मालङ्कृतपाणिपल्लवयुगां पद्मासनस्थां श्रियंवात्सल्यादिगुणोज्ज्वलां भगवतीं वन्दे जगन्मातरम् ॥१ श्रीमन् कृपाजलनिधे कृतसर्वलोकसर्वज्ञ शक्त नतवत्सल सर्वशेषिन्।स्वामिन् सुशीलसुलभाश्रितपारिजातश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥२ आनूपुरार्पितसुजातसुगन्धिपुष्पसौरभ्यसौरभकरौ समसन्निवेशौ।सौम्यौ सदाऽनुभवनेऽपि नवानुभाव्यौश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥३ सद्योविकासिसमुदित्वरसान्द्ररागसौरभ्यनिर्भरसरोरुहसाम्यवार्तां।सम्यक्षु साहसपदेषु विलेखयन्तौश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥४ रेखामयध्वजसुधाकलशातपत्रवज्राङ्कुशाम्बुरुहकल्पकशङ्खचक्रैः।भव्यैरलङ्कृततलौ परतत्व चिन्हैःश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥५ ताम्रोदरद्युतिपराजितपद्मरागौबाह्यैर्महोभिरभिभूतमहेन्द्रनीलौ।उध्यन्नखांशुभिरुदस्तशशाङ्कभासौश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥६ सप्रेमभीति कमलाकरपल्लवाभ्यांसंवाहनेऽपि सपदि क्लममादधानौ।कान्ताववाङ्ग्मनसगोचरसौकुमार्यौश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥७ लक्ष्मीमहीतदनुरूपनिजानुभावनीलादिदिव्यमहिषीकरपल्लवानां।आरुण्यसङ्क्रमणतः किल सान्द्ररागौश्रीवेङ्कटेशचरणौ शरणं प्रपद्ये॥८ नित्यान्नमद्विधिशिवादिकिरीटकोटिप्रत्युप्त … Read more Shri Venkatesh Prapatti Lyrics

Shri Venkatesh Mangal Shasanam

॥अथ श्रीवेङ्कटेशमङ्गलशासनम्॥ श्रियः कान्ताय कल्याण निधये निधयेऽर्थिनांश्रीवेङ्कटनिवासाय श्रीनिवासाय मङ्गलम्॥१ लक्ष्मी सविभ्रमालोक सुभ्रू विभ्रमचक्षुषेचक्षुषे सर्वलोकानां वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥२ श्री वेङ्कटाद्रि शृङ्गाङ्ग्र मङ्गलाभरणाङ्घ्रयेमङ्गलानां निवासाय वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥३ सर्वावयवसौन्दर्य संपदा सर्वचेतसांसदा सम्मोहनायास्तु वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥४ नित्याय निरवद्याय सत्यानन्दचिदात्मनेसर्वान्तरात्मने श्रीमद् वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥५ स्वतस्सर्वविदे सर्व शक्तये सर्वशेषिणेसुलभाय सुशीलाया वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥६ परस्मै ब्रह्मणे पूर्णकामाय परमात्मनेप्रयुंजे परतत्त्वाय वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥७ आकाल तत्त्वमश्रान्तं आत्मनां अनुपश्यतांअतृप्त्यमृतरूपाय वेङ्कटेशाय मङ्गलम्॥८ … Read more Shri Venkatesh Mangal Shasanam

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