हनुमान जी की माता अंजनी माता का सुप्रसिद्ध मंदिर Anjani Mata Temple Karauli

Anjani Mata Karauli History in Hindi : राजस्थान राज्य के करौली जिले से 3 किलोमीटर दूर हिण्डोन मार्ग पर  हनुमान जी की माता अंजनी माता का सुप्रसिद्ध मंदिर स्थित है। अंजनी देवी कुंजर नामक एक वानर की पुत्री थी, तथा इनके पति का नाम केसरी था। माता अंजनी के गर्भ से हनुमानजी का जन्म वायुपुर नामक पावन … Read more

झाला वंश का इतिहास, खांपें और कुलदेवी – शक्तिदेवी /आद माता

Jhala Kuldevi Aad Mata History in Hindi : झालावंश का प्राचीन नाम मकवाना था।  उनका मूल निवास कीर्तिगढ़ (क्रान्तिगढ़ ) था।  हरपाल मकवाना का  मूल निवास कीर्तिगढ़ था जहाँ  सुमरा लोगों से लड़ाई हो जाने के बाद वह गुजरात चला गया जहां के राजा कर्ण ने उसे पाटड़ी की जागीर सोंप दी। मरमर माता को मकवानों की कुलदेवी … Read more

महाशक्तिपीठ हिंगलाज देवी- जिसकी पूजा मुसलमान भी करते हैं

Adi Shakti Peeth Hinglaj Mata Temple History in Hindi : आदि शक्तिपीठों में हिंगलाज देवी का पीठ धार्मिक आस्थाओं सबसे बड़ा पीठ कहा जा सकता है । जिसका बखान हिंगलाज पुराण के साथ-साथ वामन पुराण, स्कंदपुराण  । यह स्थान कराची से 217 कि.मी. की दूरी पर स्थित है ।           महाशक्ति पीठ … Read more

The nature of Mahakali महाकाली का स्वरूप

Mahakali the Power of Mahakal Nature in Hindi : जब सृष्टि नहीं थी, अंतरिक्ष नहीं था , जब कहीं पर भी कुछ भी नहीं था उस समय केवल अन्धकार था । घना अन्धकार । वह अन्धकार रूप जिसे ना कोई जान सकता था , और ना ही पारिभाषित कर सकता था ऐसा वह तत्त्व ही … Read more

विन्ध्यवासिनी माता Vindhyavasini Mata

Vindhyavasini Mata

Vindhyavasini Mata History in Hindi : सैंगर वंश चन्द्रवंश की प्राचीन शाखा है इसके वंशजों का समय समय पर चेदी प्रदेश (डाहल),राढ (कर्ण-सुवर्ण), दक्षिण प्रदेश (आन्ध्र आदि), सौराष्ट्र अथवा गुजरात, मालवा, डाहर आदि स्थानों पर प्रभुत्व रहा था । सैंगर राजा डाहर देव ने डाहल राज्य (पश्चिमी चेदी) स्थापित किया । तब से यह वंश … Read more

सर्पों के देवता – वीर तेजाजी Veer Tejaji History and Temples

Veer Tejaji History in Hindi : वीर तेजाजी की पूजा सर्पों के देवता के रूप में की जाती है । तेजाजी राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात प्रान्तों में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। तेजाजी का जन्म धौलिया गौत्र के जाट परिवार में हुआ, तेजाजी के पूर्वज उदयराज (16वीं पीढ़ी) ने मध्य भारत से आकर खडऩाल (खरनाल) … Read more

खाटूश्याम जी – पवित्र तीर्थस्थल Khatu Shyam ji Temple- Sikar

Khatu Shyamji Temple History  in Hindi : खाटूश्याम जी का पवित्र तीर्थस्थल राजस्थान के शेखावाटी मण्डल में सीकर जिले के “खाटू” ग्राम में है। यह जिला मुख्यालय से 48 कि.मी., रींगस से 16 कि.मी. और तहसील दांतारामगढ़ से 30 कि.मी. की दुरी पर है । जयपुर से रींगस होकर खाटूश्यामजी तक पक्की सड़क मार्ग है … Read more

हिन्दू, मुस्लिम सभी के लिए श्रद्धा केन्द्र है बाबा रामदेव Baba Ramdev : Ramdevra

Baba Ramdev Temple History in Hindi : जन-जन का आस्था का केन्द्र रामदेवरा जोधपुर जिले में पोकरण नामक ग्राम से लगभग 21 कि.मी. उत्तर दिशा में स्थित है । यह धाम जोधपुर-पोकरण रेलमार्ग एवं बीकानेर-रामदेवरा मोटर मार्ग से जुड़ा हुआ है । बाबा रामदेवजी ने अपने निवास-स्थान पोकरण को अपनी भतीजी को दहेज में दे देने के उपरान्त पोकरण … Read more

आभानेरी की हर्षत माता इतिहास व दर्शन || Harshat mata temple Abhaneri Dausa

हर्षतमाता / हरसिद्ध माता (Harshat Mata/ Harsiddh Mata) का प्राचीन और कलात्मक मन्दिर आभानेरी (Abhaneri) में हैं । आभानेरी ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का स्थान है ,जो दौसा जिले में बॉदीकुई रेलवेस्टेशन से लगभग 6 कि.मी. पूर्व में अवस्थित है। यह छोटासा गाँव अत्यन्त सजीव और कलात्मक मूर्तियों के रूप में स्वर्णिम अतीत की वैभवशाली और … Read more

रायसर की ‘बांकी माता’ | Banki Mata Temple, Raisar (Jaipur)

बांकीमाता का मन्दिर रायसर गाँव में स्थित है । जयपुर जिले में जमवारामगढ़ से आंधी जाने वाले मार्ग पर रायसर गाँव है जो पूर्व जयपुर रियासत में नाथावतों का जागीरी ठिकाना माना जाता है । यहाँ पर बांकीमाता या बांकमाता का प्राचीन स्थान है ।  रायसर में देवीतला नामक  स्थान पर ऊंची पहाड़ी पर मन्दिर … Read more

This site is protected by wp-copyrightpro.com