भादरियाराय का मन्दिर Bhadariya Rai Mata Temple Jaisalmer

Bhadariya Rai Temple Jaisalmer in Hindi :  आवड़ माता का यह मन्दिर जोधपुर-जैसलमेर मार्ग पर धोलिया गांव से 9 कि.मी. उत्तर में स्थित है। आवड़जी आदि कन्याएं विचरण करती हुई भादरिया गांव के एक टीले पर पहुंची। वहाँ पर राव तणु भाटी ने पहुंच कर उनके दर्शन किये और लकड़ी के बने हुए आसन (संहगे) … Read more भादरियाराय का मन्दिर Bhadariya Rai Mata Temple Jaisalmer

श्री तेमड़ेराय मन्दिर Temderay Jaisalmer

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Shri Temderay Jaisalmer in Hindi : आवड़ माता का यह स्थल जैसलमेर के दक्षिण में 21 कि.मी. की दूरी पर गरलाउणे नामक पहाड़ की कंदरा में बना हुआ है। लोकमान्यता है कि देवी स्वांगियां ने यहाँ रहने वाले तेमड़े नाम के दैत्य का दमन कर उसकी गुफा एक विशाल शिला से बन्द कर दी थी। यहां … Read more श्री तेमड़ेराय मन्दिर Temderay Jaisalmer

मेवाड़ राजकुल की कुलदेवी बायणमाता – Bayan Mata / Ban Mata

Bayan Mata / Ban Mata History in Hindi and Temples in Chittorgarh and Kelwara : यह तो सर्वविदित है कि मेवाड़ के राजकुल एवं इस कुल से पृथक हुई सभी शाखाओं की कुलदेवी बायण माता है अतः मेवाड़ में इसकी प्रतिष्ठा एवं महत्त्व स्वाभाविक है । राजकुल की कुलदेवी बायणमाता सिद्धपुर के नागर ब्राह्मण विजयादित्य … Read more मेवाड़ राजकुल की कुलदेवी बायणमाता – Bayan Mata / Ban Mata

हनुमान जी की माता अंजनी माता का सुप्रसिद्ध मंदिर Anjani Mata Temple Karauli

Anjani Mata Karauli History in Hindi : राजस्थान राज्य के करौली जिले से 3 किलोमीटर दूर हिण्डोन मार्ग पर  हनुमान जी की माता अंजनी माता का सुप्रसिद्ध मंदिर स्थित है। अंजनी देवी कुंजर नामक एक वानर की पुत्री थी, तथा इनके पति का नाम केसरी था। माता अंजनी के गर्भ से हनुमानजी का जन्म वायुपुर नामक पावन … Read more हनुमान जी की माता अंजनी माता का सुप्रसिद्ध मंदिर Anjani Mata Temple Karauli

झाला वंश का इतिहास, खांपें और कुलदेवी – शक्तिदेवी /आद माता

Jhala Kuldevi Aad Mata History in Hindi : झालावंश का प्राचीन नाम मकवाना था।  उनका मूल निवास कीर्तिगढ़ (क्रान्तिगढ़ ) था।  हरपाल मकवाना का  मूल निवास कीर्तिगढ़ था जहाँ  सुमरा लोगों से लड़ाई हो जाने के बाद वह गुजरात चला गया जहां के राजा कर्ण ने उसे पाटड़ी की जागीर सोंप दी। मरमर माता को मकवानों की कुलदेवी … Read more झाला वंश का इतिहास, खांपें और कुलदेवी – शक्तिदेवी /आद माता

महाशक्तिपीठ हिंगलाज देवी- जिसकी पूजा मुसलमान भी करते हैं

Adi Shakti Peeth Hinglaj Mata Temple History in Hindi : आदि शक्तिपीठों में हिंगलाज देवी का पीठ धार्मिक आस्थाओं सबसे बड़ा पीठ कहा जा सकता है । जिसका बखान हिंगलाज पुराण के साथ-साथ वामन पुराण, स्कंदपुराण  । यह स्थान कराची से 217 कि.मी. की दूरी पर स्थित है ।           महाशक्ति पीठ … Read more महाशक्तिपीठ हिंगलाज देवी- जिसकी पूजा मुसलमान भी करते हैं

The nature of Mahakali महाकाली का स्वरूप

Mahakali the Power of Mahakal Nature in Hindi : जब सृष्टि नहीं थी, अंतरिक्ष नहीं था , जब कहीं पर भी कुछ भी नहीं था उस समय केवल अन्धकार था । घना अन्धकार । वह अन्धकार रूप जिसे ना कोई जान सकता था , और ना ही पारिभाषित कर सकता था ऐसा वह तत्त्व ही … Read more The nature of Mahakali महाकाली का स्वरूप

विन्ध्यवासिनी माता Vindhyavasini Mata

Vindhyavasini Mata

Vindhyavasini Mata History in Hindi : सैंगर वंश चन्द्रवंश की प्राचीन शाखा है इसके वंशजों का समय समय पर चेदी प्रदेश (डाहल),राढ (कर्ण-सुवर्ण), दक्षिण प्रदेश (आन्ध्र आदि), सौराष्ट्र अथवा गुजरात, मालवा, डाहर आदि स्थानों पर प्रभुत्व रहा था । सैंगर राजा डाहर देव ने डाहल राज्य (पश्चिमी चेदी) स्थापित किया । तब से यह वंश … Read more विन्ध्यवासिनी माता Vindhyavasini Mata

सर्पों के देवता – वीर तेजाजी Veer Tejaji History and Temples

Veer Tejaji History in Hindi : वीर तेजाजी की पूजा सर्पों के देवता के रूप में की जाती है । तेजाजी राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात प्रान्तों में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। तेजाजी का जन्म धौलिया गौत्र के जाट परिवार में हुआ, तेजाजी के पूर्वज उदयराज (16वीं पीढ़ी) ने मध्य भारत से आकर खडऩाल (खरनाल) … Read more सर्पों के देवता – वीर तेजाजी Veer Tejaji History and Temples

खाटूश्याम जी – पवित्र तीर्थस्थल Khatu Shyam ji Temple- Sikar

Khatu Shyamji Temple History  in Hindi : खाटूश्याम जी का पवित्र तीर्थस्थल राजस्थान के शेखावाटी मण्डल में सीकर जिले के “खाटू” ग्राम में है। यह जिला मुख्यालय से 48 कि.मी., रींगस से 16 कि.मी. और तहसील दांतारामगढ़ से 30 कि.मी. की दुरी पर है । जयपुर से रींगस होकर खाटूश्यामजी तक पक्की सड़क मार्ग है … Read more खाटूश्याम जी – पवित्र तीर्थस्थल Khatu Shyam ji Temple- Sikar

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