सरयूपारीण ब्राह्मण समाज का परिचय, इतिहास, गौत्र व कुलदेवी | Saryupari Brahmin Samaj

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सरयूपारीण ब्राह्मणों की उत्पत्ति Saryuparin Brahmin Samaj in Hindi: सरयूपारी ब्राह्मण एक हिंदू ब्राह्मण समुदाय है जो मुख्य रूप से भारत के उत्तरी भाग में रहते हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश राज्यों में। “सरयूपारी” शब्द संस्कृत शब्द “सरयू” से लिया गया है, जो उस नदी को संदर्भित करता है जिसके … Read more

द्रविड़ ब्राह्मण समाज का परिचय व इतिहास तथा गोत्र व कुलदेवी | Dravid Brahmin Samaj in Hindi

Dravid Brahmin Samaj in Hindi: द्रविड़ ब्राह्मण समुदाय मुख्य रूप से भारत के दक्षिणी भागों में पाए जाने वाले ब्राह्मणों का एक उप-समूह है, विशेषकर तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में। ‘द्रविड़’ शब्द दक्षिण भारत में बोली जाने वाली द्रविड़ भाषा परिवार को संदर्भित करता है। इस समुदाय को अय्यर, अयंगर, तमिल … Read more

तैलंग ब्राह्मण समाज का परिचय व इतिहास तथा गोत्र व कुलदेवी | Tailang Brahmin Samaj in Hindi

Tailang Brahmin Samaj in Hindi: तैलंग ब्राह्मण समाज भारत में पाए जाने वाले कई ब्राह्मण समुदायों में से एक है। “तैलंग” शब्द संस्कृत शब्द “तैलंगा” से आया है जिसका अर्थ है “वह जो पवित्र धागा पहनता है”। तैलंग ब्राह्मणों को “कान्यकुब्ज ब्राह्मण” के रूप में भी जाना जाता है और ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में … Read more

कर्नाटक ब्राह्मण समाज: परिचय, इतिहास व गोत्र- कुलदेवी | Karnatak Brahmin Samaj History, Gotra- Kuldevi List in Hindi

परिचय Karnatak Brahmin Samaj in Hindi: कर्नाटक ब्राह्मण समाज भारतीय राज्य कर्नाटक में रहने वाले ब्राह्मणों का एक समुदाय है। वे कर्नाटक के सबसे पुराने समुदायों में से एक हैं और उनका एक समृद्ध सांस्कृतिक और सामाजिक इतिहास है। यह समुदाय विज्ञान, साहित्य, कला और राजनीति समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपने योगदान के लिए जाना … Read more

Gotra wise Kuldevi List of Panch Gaur Brahmin Samaj

Gotra wise Kuldevi List of Panch Gaur Brahmin Samaj: Panch Gaur is one of the two main classes of Brahmins in Hinduism. The second class is punch Dravid. Panch Gaur Brahmins are basically residents of northern India. According to Kalhana’s Rajatarangini, Panch Gaur Brahmin class consists of five Brahmin communities. These five Brahmin communities are – … Read more

Gotra wise Kuldevi List of Adi Gaur Brahmin Samaj

Gotra and Kuldevi List of Aadigaur / Aadigaud Brahmin Samaj: According to “Brahmanotpatti Marttanda”, Maharshi “Galav” is the originator of Aadigaur Community. BrahmKuldevi List of a had a son named ‘Brahmarshi’. Brahmarshi had a son named ‘Parabrahma’. His son was Kripacharya. Kripacharya had two sons, the name of the younger son was ‘Shakti’. The first … Read more

मैथिल ब्राह्मण: इतिहास, संस्कृति, परंपरा और गोत्र – कुलदेवी

मैथिल ब्राह्मण एक समृद्ध इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के साथ दक्षिण भारत में एक प्रमुख ब्राह्मण समुदाय हैं। वे मुख्य रूप से तमिलनाडु और केरल राज्यों में पाए जाते हैं, और विशेष रूप से साहित्य, कला और संगीत के क्षेत्र में भारतीय समाज में उनके योगदान के लिए जाने जाते हैं। इतिहास: माना जाता है … Read more

कान्यकुब्ज ब्राह्मण: इतिहास, संस्कृति, परंपरा और गोत्र – कुलदेवी

कान्यकुब्ज ब्राह्मण एक ब्राह्मण समुदाय है जो मुख्य रूप से भारत के उत्तरी भागों में पाया जाता है, खासकर उत्तर प्रदेश राज्य में। वे भारत के पाँच प्रमुख ब्राह्मण समूहों में से एक हैं और अपनी बुद्धिमत्ता, विद्वता और धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। इस लेख में हम कान्यकुब्ज ब्राह्मणों … Read more

गर्गवंशी ब्राह्मण समाज का परिचय, इतिहास,गौत्र एवं कुलदेवियाँ | Gotra wise Kuldevi List of Garg Vanshi Brahmin Samaj

     विनोद शर्मा  कृष्णगौड़ ब्राह्मण सेवा समिति, जयपुर  द्वारा प्रेषित आलेख       ब्राह्मणोत्पत्ति  दर्पण व जाति भास्कर आदि से प्राप्त अभिलेखों के अनुसार महर्षि गर्ग ऋषि की संतान गर्गवंशी ब्राह्मण कहलाते है,ब्राह्मण वर्ग जो शिक्षण, अध्यापन का कार्य करते थे वे गुरु ब्राह्मण कहलाते है।          गुरु का अर्थ है अध्यापक, शिक्षक,आचार्य,उपाध्याय । गर्ग ऋषि के … Read more

सनाढ्य ब्राह्मण समाज का परिचय व इतिहास | Sanadhya Brahmin History, Gotra

Sanadhya Brahmin

Sanadhya Brahmin History in Hindi : ‘सनाढ्य’ में ‘सन्’ तप वाचक है। अर्थात तप द्वारा जिनका पाप दूर हो गया है वे सनाढ्य ब्राह्मण कहे जाते हैं। इनका उद्भव आदिगौड़ ब्राह्मणों से ही हुआ है। सनाढ्य ब्राह्मण कान्यकुब्ज ब्राह्मणों की चौथी शाखा है। अतः इनका वर्णन भी पंचगौड़ ब्राह्मणों के अंतर्गत किया जाता है। त्रेता … Read more

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