सरयूपारीण ब्राह्मण समाज का परिचय, इतिहास, गौत्र व कुलदेवी | Saryupari Brahmin Samaj

saryupari brahmin samaj

सरयूपारीण ब्राह्मणों की उत्पत्ति Saryuparin Brahmin Samaj in Hindi: सरयूपारी ब्राह्मण एक हिंदू ब्राह्मण समुदाय है जो मुख्य रूप से भारत के उत्तरी भाग में रहते हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश राज्यों में। “सरयूपारी” शब्द संस्कृत शब्द “सरयू” से लिया गया है, जो उस नदी को संदर्भित करता है जिसके … Read more

पटवा समाज का परिचय, इतिहास, गौत्र व कुलदेवी | patwa Samaj in Hindi

patwa Samaj in Hindi: पटवा समाज, जिसे पटवा समुदाय के रूप में भी जाना जाता है, एक हिंदू जाति है जो मुख्य रूप से भारतीय राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। समुदाय मुख्य रूप से व्यापार के व्यवसाय में लगा हुआ है, विशेषकर वस्त्र और कपड़े में।  पटवा समाज की … Read more

सिकलीगर समाज का परिचय, इतिहास, खाँपें व कुलदेवी | sikligar samaj in hindi

sikligar samaj in hindi: सिकलीगर समाज भारत में लोहारों का एक समुदाय है। “सिकलीगर” शब्द हिंदी शब्द “सिक्का” से लिया गया है जिसका अर्थ है “सिक्का” या “टकसाल”। ऐतिहासिक रूप से, सिकलीगर समुदाय भारत के शासकों के लिए सिक्के ढालने और हथियार बनाने के लिए जिम्मेदार था। समय के साथ, उन्होंने कई अन्य धातु के … Read more

खारोल समाज का परिचय, इतिहास, वंश व कुलदेवी  | Kharol Samaj in Hindi

Kharol Samaj in Hindi: डॉ कैलाशनाथ व्यास व देवेंद्रसिंह गहलोत द्वारा रचित पुस्तक ‘राजस्थान की जातियों का सामाजिक एवं आर्थिक जीवन’ में खारोल जाति का वर्णन इस प्रकार किया गया है ‘   खारोल जाति हिन्दु धर्मावलम्बी हैं जिनका मुख्य व्यवसाय नमक बनाना है। राजस्थान के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इनका नाम नूनिया है। यह जाति व्यवसाय … Read more

धाकड़ समाज का परिचय, इतिहास व गौत्र | Dhakad Samaj in Hindi

Dhakad Samaj in Hindi: धाकड़ समाज मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के भारतीय राज्यों में पाए जाने वाले लोगों का एक समुदाय है। “धाकड़” शब्द का अर्थ हिंदी में निडर होता है, और ये काश्तकारी में बड़े कुशल होते हैं। यह समुदाय अपने साहस और बहादुरी के लिए जाना जाता है। वे मुख्य … Read more

भाट चारण समाज का परिचय व इतिहास  | Bhaat Charan Samaj in Hindi

Bhaat Charan Samaj in Hindi: डॉ कैलाशनाथ व्यास व देवेंद्रसिंह गहलोत द्वारा रचित पुस्तक ‘राजस्थान की जातियों का सामाजिक एवं आर्थिक जीवन’ में भाट चारण जाति का वर्णन इस प्रकार किया गया है ”भाट चारण’ जाति भाट व चारण जातियों से भिन्न है तथा भाट और चारण जाति के मिश्रण से बनी हैं। कहा जाता … Read more

द्रविड़ ब्राह्मण समाज का परिचय व इतिहास तथा गोत्र व कुलदेवी | Dravid Brahmin Samaj in Hindi

Dravid Brahmin Samaj in Hindi: द्रविड़ ब्राह्मण समुदाय मुख्य रूप से भारत के दक्षिणी भागों में पाए जाने वाले ब्राह्मणों का एक उप-समूह है, विशेषकर तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में। ‘द्रविड़’ शब्द दक्षिण भारत में बोली जाने वाली द्रविड़ भाषा परिवार को संदर्भित करता है। इस समुदाय को अय्यर, अयंगर, तमिल … Read more

तैलंग ब्राह्मण समाज का परिचय व इतिहास तथा गोत्र व कुलदेवी | Tailang Brahmin Samaj in Hindi

Tailang Brahmin Samaj in Hindi: तैलंग ब्राह्मण समाज भारत में पाए जाने वाले कई ब्राह्मण समुदायों में से एक है। “तैलंग” शब्द संस्कृत शब्द “तैलंगा” से आया है जिसका अर्थ है “वह जो पवित्र धागा पहनता है”। तैलंग ब्राह्मणों को “कान्यकुब्ज ब्राह्मण” के रूप में भी जाना जाता है और ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में … Read more

कर्नाटक ब्राह्मण समाज: परिचय, इतिहास व गोत्र- कुलदेवी | Karnatak Brahmin Samaj History, Gotra- Kuldevi List in Hindi

परिचय Karnatak Brahmin Samaj in Hindi: कर्नाटक ब्राह्मण समाज भारतीय राज्य कर्नाटक में रहने वाले ब्राह्मणों का एक समुदाय है। वे कर्नाटक के सबसे पुराने समुदायों में से एक हैं और उनका एक समृद्ध सांस्कृतिक और सामाजिक इतिहास है। यह समुदाय विज्ञान, साहित्य, कला और राजनीति समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपने योगदान के लिए जाना … Read more

51 Shakti Peeth : 51 शक्तिपीठ

51 Shakti Peeth Names and Locations in Hindi : प्रजापति दक्ष ने शिवजी से अपमानित हो बृहस्पति नामक एक यज्ञ का आरम्भ किया । दक्ष ने उस यज्ञ में शिवजी और अपनी कन्या व शिवजी की पत्नी देवी  सती को छोड़कर सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया । पिता के घर में महायज्ञसमारोह हो रहा है, यह सुनकर सती … Read more

This site is protected by wp-copyrightpro.com