You are here
Home > कुलदेवीकथामाहात्म्य (Page 2)

करणीमाता की श्लोकमय कथा व इतिहास – कुलदेवीकथामाहात्म्य

karni-mata-katha-mahatmya

'कुलदेवीकथामाहात्म्य'  देशनोक की करणीमाता  इतिहास करणीमाता का मन्दिर करणीमाता का मन्दिर राजस्थान के बीकानेर शहर से लगभग 33 कि.मी. दूर देशनोक में स्थित है। बीकानेर-जोधपुर रेलमार्ग पर यह छोटा रेलवे स्टेशन है। देश-विदेश के असंख्य श्रद्धालु करणीमाता के दर्शन कर मनोवाञ्छित फल पाने के लिए देशनोक आते हैं। करणीमाता बीकानेर के राठौड़ राजवंश की

आशापूरा माता की श्लोकमय कथा – कुलदेवीकथामाहात्म्य

ashapura-mata-katha-image

'कुलदेवीकथामाहात्म्य' नाडोल की आशापूरा माता   इतिहास राजस्थान के पाली जिले में नाडोल कस्बे के पास आशापूरा माता का मन्दिर है। इस मन्दिर की स्थापना नाडोल में चौहानराज्य के संस्थापक लक्ष्मण (लाखनसी) चौहान ने कराई थी। नैणसी की ख्यात के अनुसार लाखनसी चौहान (लक्ष्मण) को नाडोल का राज्य आशापूरा माता की कृपा से ही

आरासुरी अम्बाजी की श्लोकमय कथा – कुलदेवीकथामाहात्म्य

 'कुलदेवीकथामाहात्म्य'  आरासुरी अम्बामाता   इतिहास दिल्ली - अहमदाबाद रेलवे लाइन पर स्थित आबूरोड़ स्टेशन से 21 किलोमीटर दूर आरासुर पर्वत पर अम्बामाता का लोकविख्यात शक्तिपीठ है। अम्बामाता अम्बिकामाता भी कहलाती है। आरासुर पर्वत पर विराजमान होने के कारण ही इन्हें आरासुरी अम्बाजी कहा जाता है। आरासुर पर्वत के सफेद होने के कारण इन्हें 'धोलागढ़

Top

This site is protected by wp-copyrightpro.com