महाराजा जवाहर सिंह : दिल्ली अभियान और अष्टधातु के प्रसिद्ध द्वार की ऐतिहासिक यात्रा
भूमिका: लोहागढ़ दुर्ग की प्राचीरों के बीच खड़ा अष्टधातु का वह विशाल द्वार सदियों से मौन है। वह कुछ कहता नहीं, फिर भी उसके सामने ठहरने वाला लगभग हर व्यक्ति अनायास एक प्रश्न से घिर जाता है—आख़िर यह द्वार भरतपुर पहुँचा कैसे? यह प्रश्न केवल एक ऐतिहासिक द्वार की यात्रा का नहीं है। इसके उत्तर … Read more


