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Sudarshana / Sudrasan / Surjal Mata Temple – Didwana

Sudarshana / Sudrasan / Surjal Mata Temple – Didwana सुदर्शना  माता / सुरजल माता

Surjal / Sudarshana Mata Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata Sudrasan Didwana

सुरजल माता का मन्दिर ग्राम सुद्रासन के उत्तर में एक टीले पर अवस्थित है। माताजी का विशाल ओरन (माताजी के नाम से छोड़ा गया भू-भाग) 1160 बीघा है। यह बहुत प्राचीन मन्दिर है। कहा जाता है कि यह मन्दिर महाभारतकाल का है। सुद्रासन गाँव में खुदाई में अभी भी मूर्तियाँ, प्राचीन अवशेष, पुराने मकानों के अवशेष आदि मिलते हैं जिससे इस गाँव की प्राचीनता स्वतः ही सिद्ध हो जाती है। इस मन्दिर की मूल मूर्तियों को मुग़ल शासकों द्वारा तोड़ दिया गया था। वर्तमान में दुर्गा माता की तीन बड़ी मूर्तियां और उनके दोनों ओर दुर्गा माता की तीन-तीन मूर्तियां स्थापित हैं।सुदर्शना  माता (Sudarshana Mata) का स्थानीय नाम सुरजल माता (Surjal Mata) है। सुदर्शना का अपभ्रंश होकर ये सुद्रासन माता (Sudrasan Mata) भी कहलाती है। गाँव का नाम सुदर्शन / सुद्रासन होने से देवी का नाम सुदर्शना / सुद्रासना पड़ा।

माताजी का निजमन्दिर बहुत ही कलात्मक व सुन्दर है। यह प्राचीन स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना है। इसका गुम्बद प्राचीन है। यहां भगवान् सूर्यदेव का भी एक अतिप्राचीन मन्दिर था जिसके अब अवशेष मात्र ही रह गये हैं। मन्दिर के पास ही एक प्राचीन बावड़ी है जो काफी गहरी है। मन्दिर में एक शिलालेख है जो खण्डित है।

मन्दिर में सभा मण्डप है। गुम्बद पुराना है। परिक्रमा में पीछे की तरफ महिषासुरमर्दिनी की मूर्ति है। बांये भाग के मध्य में गणेशजी तथा दाहिने भाग के मध्य में भगवान् विष्णु की मूर्ति है। परिक्रमा में इन मूर्तियों के दोनों ओर तथा ऊपर नीचे भी अनेक मूर्तियां उत्कीर्ण हैं। इस मन्दिर में उत्कीर्ण मूर्तियां तथा पाढ़ाय माता (मकराणा) के मन्दिर में उत्कीर्ण मूर्तियां एक समान हैं।

Surjal / Sudarshana Mata Darshan Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata Darshan Sudrasan Didwana
Ganeshji temple in Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana
Ganeshji temple in Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana

ऐसा कहा जाता है कि जब शेरशाह सूरी ने मालदेव पर आक्रमण किया था उस समय इन मूर्तियों व मन्दिर आदि को खण्डित किया गया था। औरंगजेब के शासनकाल में भी मूर्तियां खण्डित की गई।  पहले यहां जोजरी (Jojri) नाम की नदी बहती थी। उसकी चपेट में यह गांव आगया था। ऊंचे टीले पर होने के कारण यह मन्दिर बचा रहा। चैत्र तथा आश्विन नवरात्रों में यहां मेला लगता है। नवरात्रों में दूर-दूर के यात्री यहां  जात देने तथा जडूला उतारने के लिए आते हैं।

Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana
Surjal / Sudarshana Mata  Temple Sudrasan Didwana

>>आगे पढ़िये सुरजल माता के चमत्कार>>

Sanjay Sharma
Sanjay Sharma is the founder and author of Mission Kuldevi inspired by his father Dr. Ramkumar Dadhich. Mission Kuldevi is trying to get information of all Kuldevi and Kuldevta of all societies on one platform.
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