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महाशिवरात्रि व्रत विधि, कथा व आरती : Mahashivratri Vrat Katha Vidhi Aarti

Mahashivratri Vrat 2019 : महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। महाशिवरात्र‍ि का पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। वैसे तो प्रत्येक माह में एक शिवरात्र‍ि होती है, परंतु फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी को आने वाली इस शिवरात्र‍ि का अत्यंत महत्व

शनि प्रदोष व्रत कथा, पूजा विधि, महत्त्व व मुहूर्त | Shani Pradosh Vrat Katha

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Shani Pradosh Vrat Katha in Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है।  शनि प्रदोष व्रत शनिवार को आता है। यह सभी प्रदोष व्रतों में सबसे

शुक्र प्रदोष (भृगु वारा) व्रत कथा, पूजा विधि, महत्त्व व मुहूर्त | Shukra Pradosh Vrat Katha

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Shukra Pradosh Vrat Katha in Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है।जब प्रदोष शुक्रवार को पड़ता है तो उसे ''भृगु वारा प्रदोष व्रत'' कहा जाता

गुरु व्रत कथा, पूजा विधि, महत्त्व व मुहूर्त Guru Pradosh Vrat Katha

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Guru Pradosh Vrat Katha in Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। गुरुवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष ''गुरु प्रदोष व्रत'' कहलाता है। इस उपवास

रवि प्रदोष (भानु वारा) व्रत कथा, पूजा विधि, महत्त्व व मुहूर्त | Ravi Pradosh Vrat Katha

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Ravi Pradosh Vrat Katha in Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है।रविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष ''भानु वारा'' कहलाता है। भानु वारा प्रदोष

बुध प्रदोष (सौम्यवारा) व्रत कथा, पूजा विधि, महत्त्व व मुहूर्त | Budh Pradosh Vrat Katha

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Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब प्रदोष व्रत बुधवार को आता है तो इसे ‘सौम्य वारा प्रदोष’

मंगल प्रदोष व्रत कथा, पूजा विधि, महत्त्व व मुहूर्त | भौम प्रदोष | Mangalvar Pradosh Vrat Katha

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Bhaum Pradosh / Mangalvar Pradosh Vrat Katha in Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब प्रदोष व्रत मंगलवार को आता है तो इसे

श्री मंगलवार व्रत कथा, व्रत विधि व आरती

MANGALVAR VRAT KATHA : मंगलवार व्रत कथा in Hindi मंगलवार के व्रत की विधि विधि : सर्व सुख, रक्त विकार, राज्य सम्मान तथा पुत्र की प्राप्ति के लिए मंगलवार का व्रत उत्तम है। इस व्रत में गेहूँ और गुड़ का ही भोजन करना चाहिए। भोजन दिन रात में एक बार ही ग्रहण

सोम प्रदोष व्रत कथा | Som Pradosh Vrat Katha

Somvar Pradosh Vrat Katha Hindi : प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समय को “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है।सोमवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष सोम प्रदोष कहलाता है।  इस दिन किया जाने वाला व्रत

श्री सोलह सोमवार व्रत कथा

॥ सोलह सोमवार व्रत कथा ॥  कथा : मृत्यु लोक में विवाह करने की इच्छा करके एक समय श्री भूतनाथ महादेव जी माता पार्वती जी के साथ पधारे वहां वे भ्रमण करते-करते विदर्भ देशांतर्गत अमरावती नाम की अतीव रमणीक नगरी में पहुँचे। अमरावती नगरी अमरपुरी के सदृश सब प्रकार के सुखों से

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