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श्री विश्वकर्मा जी चालीसा

Shri Vishwakarma Ji Chalisa : श्री विश्वकर्मा जी चालीसा  in Hindi दोहा – श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊँ, चरणकमल धरिध्य़ान । श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान ।। जय श्री विश्वकर्म भगवाना । जय विश्वेश्वर कृपा निधाना ।। शिल्पाचार्य परम उपकारी । भुवना-पुत्र नाम छविकारी ।। अष्टमबसु प्रभास-सुत नागर । शिल्पज्ञान जग कियउ उजागर ।। अद्रभुत

श्री विश्वकर्मा जी की आरती

Vishwakarma Ji Aarti : श्री विश्वकर्मा जी की आरती in Hindi जय श्री विश्‍वकर्मा प्रभु जयश्री विश्‍वकर्मा सकल सृष्टी मे विधि को श्रुति उपदेश दिया जीव मात्र का जग मे ज्ञान विकास किया ऋषि अंगिरा तप से शांति नही पाई रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रय लीना संकट मोचन बनकर दूर दुख कीना जय श्री विश्‍वकर्मा प्रभु

श्री नवग्रह आरती

Shri Navgrah Aarti : श्री नवग्रह आरती in Hindi आरती श्री नवग्रहों की कीजै. बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै | सूर्य तेज़ व्यापे जीवन भर. जाकी कृपा कबहुत नहिं छीजै | रुप चंद्र शीतलता लायें. शांति स्नेह सरस रसु भीजै | मंगल हरे अमंगल सारा. सौम्य सुधा रस अमृत पीजै | बुध सदा वैभव यश

श्री नवग्रह चालीसा

Shri Navgrah Chalisa : श्री नवग्रह चालीसा in Hindi ।। दोहा ।। श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय।। जय जय रवि शशि सोम बुध जय गुरु भृगु शनि राज। जयति राहु अरु केतु ग्रह करहुं अनुग्रह आज।। ।। श्री सूर्य स्तुति ।। प्रथमहि रवि कहं नावौं माथा, करहुं कृपा जनि

श्री काली माता की आरती

Shri Kali Mata Aarti : श्री काली माता आरती inHindi  मंगल की सेवा, सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे। सुन जगदम्बे कर न विलम्बे, सन्तन के भण्डार भरे। संतन प्रतिपाली सदाखुशहाली, जै काली कल्याण करे॥  बुद्धि विधाता तू जगमाता, मेरा कारज सिद्ध करे। चरण

श्री काली माता चालीसा

Shri Kali Mata Chalisa : श्री काली माता चालीसा in Hindi ॥॥दोहा ॥॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता ॥1॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै । कर में शीश शत्रु का

श्री रामचन्द्र जी की आरती

Shri Ram Chandra Aarti Lyrics : श्री रामचन्द्र आरती in Hindi श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं | नवकंज लोचन, कंजमुख, करकुंज, पदकंजारुणं || श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं | श्री राम श्री राम.... कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनीलनीरद सुन्दरं | पट पीत मानहु तडीत रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं || श्री

श्री राम चालीसा

Shri Ram Chalisa : श्री राम चालीसा in Hindi ।।दोहा।। गणपति चरण सरोज गहि, चरणोदक धरि भाल। लिखौं विमल रामावली, सुमिरि अंजनीलाल।। राम चरित वर्णन करौं, रामहिं हृदय मनाई। मदन कदन रत राखि सिर, मन कहँ ताप मिटाई।। ।।चौपाई।। राम रमापति रघुपति जै जै । महा लोकपति जगपति जै जै।। राजित जनक दुलारी जै जै । महिनन्दिनी प्रभु

श्री गायत्री माता की आरती

Gayatri Mata Aarti : श्री गायत्री माता की आरती in Hindi जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता आदि शक्ति तुम अलख निरंजन जग पालन कर्त्री दुःख, शोक, भय, क्लेश, कलह दारिद्रय दैन्य हर्त्री ब्रहृ रुपिणी, प्रणत पालिनी, जगतधातृ अम्बे भवभयहारी, जनहितकारी, सुखदा जगदम्बे भयहारिणि भवतारिणि अनघे, अज आनन्द

श्री गायत्री चालीसा

Shri Gayatri Chalisa : श्री गायत्री चालीसा in Hindi !!  ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड, शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड, जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम, प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम !! !!  भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी, गायत्री नित कलिमल दहनी, अक्षर चौविस परम पुनीता, इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता !! !!  शाश्वत

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