”यमुना छठ” पर्व का महत्त्व | Significance of Yamuna Chhath

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Yamuna Chhath in Hindi | Yamuna Jayanti | Festival | Yamuna River | Mathura | Vrindavan | Braj | Yamuna Chhath’s Rituals | Yamuna Chhath festival dates | Significance of Yamuna Chhath Yamuna Chhath in Hindi : यमुना छठ का पर्व मुख्य रूप से मथुरा / Mathura में मनाया जाता है। यह पर्व उस दिन का … Read more

Kubera Mantra || 108 Times Kubera Mantra to attract Money || कुबेर मंत्र

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Kubera / Kuber is known as Lord of Money & Wealth, That’s why devotees call Him ‘Dhan Kubera’. ‘Dhan’ means Money. Chant this powerfull Kubera Mantra to Attract Money on ‘Devika TV – Devotional India’. Kubera (Sanskrit: कुबेर) also known as Kuvera or Kuber, is the Lord of Wealth and the god-king of the semi-divine … Read more

गोंदला माता डूंगरपुर Gondala Mata – Dungarpur

Gondala Mata – Dungarpur : राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित आदिवासी मीणों की कुलदेवी गोंदला माता का विवरण देते हुए डॉ. रघुनाथ प्रसाद तिवारी अपनी पुस्तक ‘मीणा समाज की कुलदेवियां’ में लिखते हैं कि “आदिवासी संस्कृति में देवी उपासना आदिकाल से प्रचलित है। इन्ही में गोंदला माता जी का प्राचीन स्थान वनवासियों की श्रद्धा का … Read more

गुढाचंदरजी की घटवासन माता Ghatwasan Mata Temple Gudhachandar Ji

Ghatwasan Mata Temple Gudhachandar Ji : घटवासन माताजी का धाम राजस्थान के करौली जिले में करौली से लगभग 65 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में  तथा दौसा से लगभग 54 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।  गुढ़ाचन्दरजी नामक स्थान पर विराजित यह धाम अत्यंत रमणीय है। सिन्दूर में लिप्त माँ घटवासन की प्रतिमा के दर्शन पाकर भक्त कृतार्थ होते हैं। डॉ. … Read more

बीजासणी खुर्रा माता मन्दिर Bijasani Khurra Mata Temple : Lalsot-Mandawari

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बीजासणी खुर्रा माता का मन्दिर राजस्थान में दौसा जिले के लालसोट से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मण्डावरी / मंदवारी से 3 किलोमीटर दक्षिण में स्थित खुर्रा गाँव में है। यह देवी मीणा समाज के डाडरवाल (Dadarwal) व मांदड (Mandad) गोत्र की कुलदेवी है तथा स्थानीय सर्व जन आस्था का केंद्र है। डॉ. रघुनाथ प्रसाद … Read more

Rawna Rajput History and Kuldevi

Rawna Rajput History | Kuldevi | Rajput Caste | रियासतकाल में राजा, राणा आदि शासकीय उपाधियों की तरह राव भी राजवर्गीय उपाधि थी। राव उपाधि से रावत, रावल, रावणा आदि कई जातियाँ बनीं। राव शब्द के साथ ‘णा’ प्रत्यय जुड़ने से (राव+णा) रावणा शब्द बना। रावणा-राजपूत-मीमांसा नामक पुस्तक में ठाकुर जयसिंह बघेला लिखते हैं – … Read more

त्रागड सोनी ब्राह्मण समाज का इतिहास व कुलदेवी व्याघ्रेश्वरी माता Tragad Soni History

Tragad Brahmin | Tragad Soni History in Hindi | भगवती लक्ष्मी ने श्रीमालनगर का निर्माण कराकर वहाँ श्रीमाली ब्राह्मण बसाये। उन ब्राह्मणों की पत्नियों के लिए स्वर्णाभूषण बनाने के लिए त्रागड सोनी उत्पन्न किए। उनके लिए स्वर्णाभूषण की कला ही आजीविका का साधन बनी इसलिए वे कलाद भी कहलाए – देव्युवाच –         … Read more

यहाँ ईंट की होती है कुलदेवी रूप में पूजा : बूढ़ादीत की ईंट माता Eent Mata Temple Budhadeet

Eent Mata Budhadeet

कहते हैं कि भगवान् कण-कण में विराजमान हैं। जल,थल व आकाश में ऐसा कोई स्थान नहीं जहाँ ईश्वर का वास न हो। देवभूमि भारत के वासियों की अटूट श्रद्धा का इस संसार में कोई थाह नहीं। हम प्रकृति ही नहीं बल्कि किसी भी वस्तुमें देवदर्शन कर सकते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि मनुष्य … Read more

दाँत माता का निराला मन्दिर व महिमा, जमवा रामगढ़ Daant Mata Temple Jamwa Ramgarh

दाँत माता का मंदिर जयपुर शहर से लगभग 23 किलोमीटर दूर जमवारामगढ़ कस्बे में स्थित है। यह मन्दिर कस्बे से गुजर रही अरावली पर्वत श्रृंखला के एक पहाड़ के मध्य में स्थित है। इस कारण यह मन्दिर दूर से ही दिखाई देने लगता है। 1000 ईस्वी सन् के आसपास कछवाहा क्षत्रिय कुल के आधिपत्य में आने … Read more

चितपावन समाज के गोत्र, प्रवर, उपनाम व कुलदेवियाँ Chitpavan Brahmin Gotra and Surnames List

Chitpavan Brahmin Samaj History in Hindi | Gotra List | Surnames List | Kuldevi and Kulswami एक बार तीर्थ यात्रा के प्रसंग में  भगवान् परशुराम महाराष्ट्र में कोंकणक्षेत्र में चातुरंग पर्वत पर गए। उन्होंने वहाँ यज्ञ कराने के लिए ब्राह्मणों को आमंत्रित किया, किन्तु ब्राह्मण नहीं आए। तब परशुराम ने दिव्य प्रभाव से चितपावन ब्राह्मणों … Read more

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