राठौड़ वंश की सभी शाखाओं का इतिहास | Rathore History in Hindi

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राठौड़ वंश का परिचय | Introduction to Rathore Dynasty Rathore History in Hindi: राजपूतों के इतिहास में राठौड़ों का विशेष स्थान है। संस्कृत अभिलेखों, ग्रंथों आदि से राठौड़ों को राष्ट्रकूट लिखा है। कहीं-कहीं रट्ट या राष्ट्रोड भी लिखा है। राठौड़ राष्ट्रकूट का प्राकृत रूप है। चिन्तामणि विनायक वैद्य के अनुसार यह नाम न होकर एक सरकारी … Read more

खोखर राठौड़ वंश का इतिहास व खांपें |Khokhar Rathore Vansh History in Hindi

Khokhar Rathore vansh history in hindi : छाड़ा के पुत्र खोखर के वंशज। खोखर ने साकड़ा, सनावड़ा आदि गांवों पर अधिकार किया और खोखर गांव (बाड़मेर) बसाया। अलाउद्दीन खिलजी ने सांतल दे के समय सिवाना पर चढ़ाई की तब खोखर जी सांतल दे के पक्ष में वीरता के साथ लड़े और युद्ध में काम आये। … Read more

महेचा राठौड़ वंश का इतिहास व खांपें | Mahecha Rathore Vansh History in Hindi

Mahecha Rathore vansh history in hindi : सलखा राठौड़ के पुत्र मल्लीनाथ बड़े प्रसिद्ध हुए। बाढ़मेर का महेवा क्षेत्र सलखा के पिता तीड़ा के अधिकार में था। वि. सं. 1414 में मुस्लिम सेना का आक्रमण हुआ। सलखा को कैद कर लिया गया। कैद से छुटने के बाद वि. सं. 1422 में अपने श्वसुर राणा रूपसी … Read more

गहड़वाल / गढ़वाल राजवंश का इतिहास |Gaharwal / Gahadval Dynasty History in Hindi

Gahadval Dynasty History in Hindi : गहड़वाल अथवा गेहरवाल कन्नौज के प्रसिद्ध शासक जयचंद के वंशज हैं। इनका मूल स्थान प्राचीन काशी (वाराणसी) था। कुछ इतिहासकार इन्हें राठौड़ वंश से जोड़ते हैं तो अन्य इतिहासकार इस वंश को राठौड़ वंश से पूर्णतया अलग मानते हैं। राठौड़ों व गहड़वालों के बीच वैवाहिक सम्बन्ध होते आये हैं। … Read more

कूँपावत राठौड़ वंश का इतिहास व ठिकाने | Kumpawat Rathore Vansh History in Hindi

Kumpawat Rathore vansh history in hindi : मण्डौर के रणमलजी के पुत्र अखैराज के दो पुत्र पंचायत व महाराज हुए। महाराज के पुत्र कूंपा के वंशज कूँपावत राठौड़ कहलाये। मारवाड़ का राज्य जमाने में कूंपा व पंचायण के पुत्र जैता का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। चित्तौड़ से बनवीर को हटाने में भी कूंपा की महत्वपूर्ण … Read more

बुन्देला राजवंश का इतिहास व शाखायें | Bundela Rajvansh History in Hindi

Bundela Rajvansh History in Hindi : राजपूत वंशों में वीर बूंदेलों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। बूंदेलों की उत्पत्ति के सन्दर्भ में मिलता है कि काशी के शासक माणिकराय गहड़वाल की एक रानी से चार पुत्र थे तथा दूसरी रानी से राजा के पांचवा पुत्र हुआ। इस कारण इस पुत्र का नाम पंचमसिंह था। पंचनसिंह … Read more

उदावत राठौड़ वंश का इतिहास व ठिकाने | Udawat Rathore Vansh History in Hindi

Udawat Rathore Vansh History in Hindi : जोधपुर नरेश सूजाजी के एक पुत्र उदाजी थे। इन्होंने 1539 वि. में सींधल खीवा से जैतारण विजय किया। इनके वंशज उदावत राठौड़ कहलाते हैं। राव उदा जी ने 1539 विक्रमी में सिंधल खीवा से जेतारण विजय किया। राव उदा के छः पुत्र थे – 01 – राव मालमसिंह … Read more

बीदावत राठौड़ वंश का इतिहास, परिचय व ठिकाने | Bidawat Rathore Vansh History in Hindi

Bidawat Rathore Vansh History in Hindi : बीदावत राठौड़ जोधपुर के राठौड़ राव जोधा के पुत्र बीदा के वंश हैं। राव बीदा ने भाई राव बीका और चाचा रावत कांधल की सहायता से मोहिलों को पराजित करके बीदावाटी प्रदेश बसाया जहाँ बीदा के वंशधर बीदावत राठौड़ कहलाये। बीदा ने अपने जीवन काल में बड़े पुत्र … Read more

बीका राठौड़ वंश का इतिहास, परिचय व ठिकाने | Bika Rathore Vansh History in Hindi

Bika Rathore Vansh History in Hindi : बीका जोधपुर के राव जोधा का पुत्र था। जोधा का बड़ा पुत्र नीबा जोधा की हाडी राणी जसमादे के पुत्र थे। वे पिता को विद्यमानता में ही मर गए थे। जसमादे के दो पुत्र सांतल व सुजा थे। बीका सांतल से बड़े थे। पितृ भक्ति के कारण उन्होंने … Read more

जोधा राठौड़ वंश का इतिहास, परिचय व ठिकाने | Jodha Rathore Vansh History in Hindi

Jodha Rathore Vansh History in Hindi : राव रिड़मल के पुत्र जोधा के वंशज जोधा राठौड़ कहलाये। राव जोधा जी का जन्म २८ मार्च, १४१६, तदनुसार भादवा बदी 8 सं. 1472 में हुआ था। इनके पिता राव रणमल मारवाड़ के शासक थे। इन्हें जोधपुर शहर की स्थापना के लिए जाना जाता है। इन्होंने ही जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग बनवाया था। जोधा राठौड़ों की निम्न … Read more

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