Chamunda Mata – fearsome aspect of Aadishakti

चामुण्डा माता को चामुंडी, चामुंडेश्वरी, चण्डिका तथा चर्चिका नाम से भी जाना जाता है। यह देवी का विकराल रूप है। चामुण्डा सप्तमातृकाओं तथा चौसठ योगिनीयों में से एक है। इनका नाम चण्ड तथा मुण्ड से मिलकर बना है। ये दोनों दैत्य थे जिनका देवी ने संहार किया था। यह देवी काली से जुड़ा हुआ रूप है। काली भी देवी … Read more

Mavaliyan- Seven Matrikas Temple of Amber

मावलियान जिन्हें संस्कृत में मातृका कहा जाता है। इसका अर्थ “माता” है। यह सात-आठ देवियों का समूह है जिन्हें सप्तमातृका अथवा अष्टमातृका (Eight Mothers) कहा जाता है। ये अष्टमातृकायें हैं- ब्रह्माणी, वैष्णवी, माहेश्वरी, इन्द्राणी, कौमारी, वाराही, चामुण्डा तथा नारसिंही।  दक्षिण भारत में सप्तमातृका (Seven Mothers) मानी जाती है तथा अन्य कई स्थानों में अष्टमातृका (Eight Mothers) पूजी जाती हैं। अष्टमातृका मानने वाले नारसिंही को भी मातृका … Read more

षट् शक्ति Sorts of Shakti

शिव केवल महाशक्ति के द्वारा ही प्रकाशित होते हैं, अन्यथा कभी नहीं। गहरी समाधि में लीन तपस्वी भी महाशक्ति के प्रकाश के बिना शिव को नहीं पा सकते। शक्ति को जानने के लिए इनकी छः भागों में परिकल्पना की गई है। ये  षट् शक्ति हैं-  1. पराशक्ति  2. ज्ञानशक्ति  3. इच्छाशक्ति  4. क्रियाशक्ति  5. कुण्डलिनीशक्ति और  6. मातृका … Read more

Aadishakti: The Power of Shiva

Aadi Shakti

जगत की उत्पत्ति सहित जितनी भी  सांसारिक और ब्रह्माण्डीय क्रियाएं हैं उन सबके कर्ता शिव हैं। समस्त ब्रह्माण्ड की धुरी शिव हैं। ज्ञाता एकमात्र शिव हैं। निमित्त भी एकमात्र शिव हैं। संसार को नियमित रखने वाले शिव हैं। और जिस अचेतन शक्ति में माध्यम से शिव में कर्तृत्व भाव है वह आदिशक्ति है। आदिशक्ति जो शिव … Read more

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