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परमार कालीन है बदनावर का श्री एकवीरा देवी मंदिर

Ekvira Mata Temple Badnawar  history in Hindi : मध्यप्रदेश में धार जिले के बदनावर में स्थित एकवीरा देवी का मंदिर परमार कालीन है। एकवीरा देवी पांडवों की कुलदेवी मानी जाती है। इतिहासकार एवं पुरातत्ववेत्ता इसे परमारकालीन मानते हैं। लेकिन कुछ लोग इससे भी प्राचीन बताते हैं।  इसके देश भर में दो ही मंदिर हैं। एक धुलिया (महाराष्ट्र) में, दूसरा बदनावर में।

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जीर्णोद्धार के कारण मंदिर का प्राचीन स्वरूप बदल गया है, लेकिन एकवीरा देवी की प्रतिमा आज भी वैसे ही है। यहां विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिर के आसपास पहले शमी के वृक्ष हुआ करते थे। श्रद्धालु इनकी पत्तियां विजयादशमी की मुबारकबाद के समय एक-दूसरे को भेंट किया करते थे। लेकिन धीरे-धीरे वृक्ष समाप्त हो गए। इसलिए यह प्रथा भी बंद हो गई। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मान्‍यता है कि यहां सच्चे मन से की गई मनोकामना पूर्ण होती है।

मंदिर का प्रबंध, पूजा, अर्चना आदि का जिम्मा पीढ़ियों से एक ही परिवार के पास है। मंदिर के नाम पर 16.447 हेक्टेयर कृषि भूमि है।

कैसे पहुंचें? (How to reach Ekvira Devi temple Badnawar?)

बदनावर से मंदिर की दूरी लगभग 1.5 किलोमीटर है। बदनावर उज्जैन से 68 किलोमीटर, इंदौर से 97 किलोमीटर, तथा रतलाम से 45 की दूरी पर स्थित है।

Ekvira Mata Temple Badnawar Map-

 

2 thoughts on “परमार कालीन है बदनावर का श्री एकवीरा देवी मंदिर”

  1. धुलिया की एकवीरा देवी दरअसल पीताम्बरा या बगलामुखी देवी है। ये मैंने खुद देखकर जाना है।
    7वी महाविद्या,डोंगरगढ़ छग की बम्लेश्वरी देवी भी बगलामुखी देवी ही है।स्थानीय नाम कुछ भी रख देते है,पर शास्त्रीय नाम का उल्लेख भी होना चाहिए।

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