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औदीच्य ब्राह्मण समाज – इतिहास, गोत्र, कुलदेवियाँ Sahastra Audichya Brahmin

उदीचि का अर्थ होता है ‘उत्तर’। ‘उदीचि’ शब्द से ही औदीच्य बना है। उत्तर दिशा से सिद्धपुर क्षेत्र में आने वाले ब्राह्मण औदीच्य कहलाये।

Audichya Brahmin

 

औदीच्य ब्राह्मण समाज का इतिहास (History of Audichya Sahastra Brahmin Samaj)

ब्राह्मणोत्पत्तिमार्तण्ड नामक ग्रंथ में सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज का इतिहास वर्णित है। गुजरात में सरस्वती नदी के तट पर पाटण नामक नगर है। वहां के राजा मूलराज षड्यंत्रकारी बंधु-बांधवों से दुखी थे जो उसे राजसिंहासन से हटाना चाहते थे।  उसने सब षडयंत्रकारियों की हत्या करा दी और निष्कंटक राज्य  भोगने लगा।

वृद्धावस्था में मूलराज को संबंधियों की हत्या कराने के पाप से पछतावा हुआ।  वह प्रायश्चित करने गुरू की शरण में गया। गुरु ने कहा कि श्रीस्थल सिद्धपुर नामक पुण्यक्षेत्र में उत्तर क्षेत्र के ब्राह्मणों को बुलाकर दान दो। वे ब्राह्मण तपस्वी हैं।  तीर्थ में उन्हें दान देने से तुम्हें  पुण्य लाभ होगा।  राजा ने प्रयाग, काशी,कुरुक्षेत्र, गंगा द्वार, नैमिषारण्य आदि क्षेत्रों के ब्राह्मणों को सपत्नीक सिद्धपुरक्षेत्र में आमंत्रित किया।  उसने ब्रह्मणों से दान ग्रहण करने का अनुरोध किया।  ब्राह्मणों ने उसका अनुरोध अस्वीकार कर दिया। वे सरस्वती नदी के तट पर तपस्यारत दधीचि ऋषि से मिलने गए हुए थे।  उस समय राजा की प्रेरणा से रानी ने ब्राह्मण पत्नियों को वस्त्राभूषण दान में दे दिए।

ब्राह्मणों ने अपनी पत्नियों के अनुरोध से अपनी कुलदेवियों की स्तुति करके राजा मूलराज को पाप मुक्त करा दिया।  राजा ने सिद्धपुर तथा उस क्षेत्र के अनेक गांव ब्राह्मणों को दान में दे दिए।  उन  ब्रह्मणों की संख्या 1016 थी, इसलिए वह सहस्र औदीच्य ब्राम्हण कहलाए।

सहस्र औदिच्य ब्राह्मणों (Sahastra Audichya Brahmin) के तीन भेद हैं-  १. सिद्धपुर २.टोलक और ३.अन्य

  1. जिन ब्राह्मणों को सिद्धपुर तीर्थस्थल दान में मिला वे श्रीस्थलीय कहलाए। ब्राह्मणोत्पत्तिमार्तण्ड में लिखा है-

सर्वोपस्करसंयुक्तं श्रीस्थलाख्यपुरंमहत्।

एकविंशति विप्रेभ्यो ददौ स्वश्रेयसे मुदा।।

1. श्रीस्थल (सिद्धपुर) के ब्राह्मणों की कुलदेवियाँ

सं.अवंटकगोत्रकुलदेवी
1.दवेभार्गवआशापुरी
2.पंड्याकौशिकविघ्नेश्वरी
3.त्रवाड़ी / तिवाड़ीदाल्लभमहागौरी
4.दवेगौतमहिंगलाज
5.ठाकरपच्छसभद्रकाली
6.दवेपाराशरउमा (उमया)
7.उपाध्यायकश्यपउमा (उमया)
8.दवेभारद्वाजचामुण्डा
9.दवेशाण्डिलमहालक्ष्मी
10.पण्ड्याशौनकमहागौरी
11.त्रवाड़ी / तिवाड़ीवशिष्ठशुभ्रा
12.ठाकरमौनसघारपीठ
13.जानिगर्गअंबा
14.दवेकुच्छसउमा (उमया)
15.दवेउद्दालीकउमा (उमया)
16.दवेकृष्णात्रीशुभ्रा
17.दवेकौण्डिन्यमहाकाली
18.पण्ड्यामाण्डव्यमहागौरी
19.उपाध्यायउपमन्युबहुस्मरा
20.दवेश्वेतात्रिउमा (उमया)
  1. टोलक – जो औदीच्य ब्राह्मण एक टोली में रहते थे वे टोलक कहलाये –

उदीच्यास्तत्र चान्ये ये मुनिपुत्राः सुबुद्धयः।

एकीभूत्वा स्थिताः सर्वे तस्मात्ते टोलकाः स्मृताः।।

टोलक के ब्राह्मणों की कुलदेवियाँ

ग्रामअवंटकगोत्रकुलदेवी
खंबातपंड्याकृष्णात्रीशुभ्रा
ब्राह्मणोलीपंड्याकश्यपउमा (उमया)
हरियालीपंड्याकश्यपउमा (उमया)
खेडापंड्याकश्यपक्षेमप्रदा
सिंधुवापंड्यावसिष्ठ वच्छभद्रकाली, उमा
कनीजव्यासपौलस्त्यगौरी
मातरजानीशाण्डिल्यशुभ्रा
डभाणउपाध्यायभारद्वाजचामुण्डा
मरकुंडव्यासआंगिरसक्षेमकरी
महुधाव्यासकश्यपअन्नपूर्णा
ऋगुणजोशीसांकृत्यमहालक्ष्मी
दरेवोकश्यपकश्यपशिवा
पुरोहितपुरोहितकश्यपगौरी
कोचरपव्यासवच्छसउमा (उमया)
  1. अन्य कुछ ब्राह्मणों को 171 ग्राम दान में दिए –

श्रीस्थलादष्टकाष्ठासु ग्रामांश्च विविधांस्तथा।

चन्द्रसप्तैकसंख्याकान् ब्राह्मणेभ्यो ददौ नृपः ।।

उन ब्राह्मणों की कुलदेवियाँ निम्नानुसार है –

ग्रामअवंटकगोत्रकुलदेवी
1.  पशुवालआचार्य, पंड्या, रावलगौतमशकटाम्बिका
2.  करंटाव्यास, जोशीकौशिकविघ्नेश्वरी
3.  कनोडूउपाध्यायदाल्लभबहुस्मरा
4.  बोकड़वालारावलगौतमनेत्रेश्वरी
5.  चन्द्रभाणव्यासगौतमगौरी
6.  मणियारीमेहतागौतमक्षेमप्रदा
7.  बडवाडुदवेभारद्वाजचामुण्डा
8.  कर्णसागरपण्ड्या, व्यासभारद्वाजउमा
9.  मणुदररावलशांघिलक्षेमप्रदा
10.  मांडलरावलकुच्छसचामुण्डा
11.  शेदात्रवाड़ीगौतमगौरी
12.  वीरमगामदवेगर्गउमा
13.  कबोईआचार्यगौतमअन्नपूर्णा
14.  कमलीवाडुरावलशौनकक्षेमप्रदा
15.  डालवाणुजोशी, पण्डितकृष्णात्रीअन्नपूर्णा
16.  घंघाणुदवे, मेहतागौतमविघ्नहरी
17.  चाणससुव्यासकौण्डिन्यचामुण्डा
18.  उंझारावल, मेहताभारद्वाजउमा
19.  अवांसणुजानीभारद्वाजअन्नपूर्णा
20.   नायकुदवेउदवाहबाहुधा
21.  यमनपुरपण्डित, रावल, जोशीपराशर, भारद्वाजचामुण्डा
22.  ब्रह्मपुराठाकरकौशिकप्रसन्नवदना
23.  घारियालादवेभार्गवक्षेमप्रदा
24.  डेडाणुजोशी, मेहताभार्गव, भारद्वाजदुर्गा
25.  पंचकबाहुपण्डित, दवे, जोशीकौण्डिन्य, पाराशर, अत्रीक्षेमप्रदा
26.  लोटपुरतरवाड़ीकाश्यपउमा
27.  खंभालीव्यास, जोशीकौशिक, पाराशरक्षेमप्रदा
28.  विचणियुत्रवाणो, जोशीगर्ग
29.  वडासणरावलउद्दालकगौरी
30.  चन्द्रासणउपाध्यायकश्यपअन्नपूर्णा
31.  वनासनउपाध्याय, व्यासपराशर, भारद्वाजअन्नपूर्णा
32.  वरखीलुपण्डित, जोशीकौशिक, भारद्वाजगौरी, चामुण्डा
33.  जगाणारावलवत्ससमहागौरी
34.  गुजरवाडदवेकुत्ससमहीपानकरी
35.  तावड़ियापंडितवसिष्ठधारदेवी
36.  बजाणाव्यासभारद्वाजउमा
37.  झिंझुवाड़ाव्यासभारद्वाजमहागौरी
38.  खोलवाडुव्यासभारद्वाजमहागौरी
39.  मानमोरपंचोलीगर्गगौरी
40.  जंघरालजोशीआत्रेयबहुधा
41.  सेहाबीमेहतामहागौरी
42.  कल्याणुआचार्यकौशिककल्याणी
43.  बडावलीरावलभारद्वाज उमा
44.  पिप्पलाणपंडितगौतम विश्वमाता
45.  भीलोडुव्यासकश्यपसिद्धेश्वरी
46.  कीर्तरादवे, व्यासशाण्डिल्यकर्तेश्वरी
47.  कालरीपण्डितगौतमकर्तेश्वरी
48.  देवलीदवेपाराशरउमा
49.  तंबोल्युव्यासबच्छसउमा
50.  बिसरोडपंडितकश्यपगौरी
51.  बोधणुपंडितकश्यपदुर्गा
52.  धणोहरउपाध्यायकश्यपनेत्रांबिका
53.  खाबड़ीरावल, पंडितपाराशरसर्वसिद्धिदा
54.  भूखलीठाकरगौतमगौरी
55.  बिरताउपाध्यायपिप्पलादेसर्वसिद्धिदा
56.  सोणकापंडितबच्छससर्वसम्पत्तिकरी
57.  दहियोदरव्यासमेहेतासर्वसिद्धिकरी
58.  मठजोशीमाण्डव्यगौरी
59.  मलाणादवे, मेहतागौतमहिंगलाज
60.  मोडीजोशीसांकृत्यवहुधा
61.  मुंडाणूजोशी, दवेभारद्वाजगौरी
62.  रुपालव्यास, आचार्यगौतमसुधा
63.  सुबालात्रवाड़ीहिरण्यगर्भसप्तश्रृंगी
64.  अघारव्यास, जोशीगौतमशुभ्रा
65.  गलपरुमेहता, पंडितकश्यपसर्वसिद्धि
66.  नानोषणदवे, व्यासगौतमउमा
67.  पुंधरामेहता, व्यासवशिष्ठनेत्रेश्वरी
68.  भर्कावाडूउपाध्यायभारद्वाजत्रिपुरा
69.  बोरीसाणुउपाध्यायवशिष्ठत्रिपुरांतका
70.  जामलाउपाध्यायगौतमत्रिपुरा
71.  विठलपुराउपाध्यायवशिष्ठदुर्गा
72.  अक्षाणात्रवाड़ी, दवेकौडिन्यपुष्पमाला
73.  लोहरदवे, मेहताभारद्वाजतप्तेश्वरी
74.  भातसीणीउपाध्यायभारद्वाजसिद्धेश्वरी
75.   नागरासणपण्डितगौतमशुभ्रा
76.   उदेलामेहताभारद्वाजनागेश्वरी
77.  हीरवाणीमेहेता, जोशीवसिष्ठसर्वसम्पत्तिकरी
78.   तलासरव्यास, जोशीभारद्वाजसर्वसिद्धिकरी
79.   गोवनुजोशीकश्यपक्षेमप्रदा
80.  अडालजव्यासपाराशरउमा
81.  आद्रिआणुपंडितचंद्रात्रीवटेश्वरी
82.  कालाडाजोशी, पंडितभार्गवत्रिपुरा
83.  वसलाणुपंडितगौतमनेत्रेश्वरी
84.  परवाडुमेहताबच्छसत्रिपुरा
85.  कोटरावलशाण्डिल्यगौरी
86.  मातरवाडुदवे, जोशीशाण्डिल्यमाहेश्वरी
87. वाघ्रोल्पउपाध्याय, जोशीपाराशरअन्नपूर्णा
88.  अडपोद्राआचार्य, जोशीभारद्वाजदुर्गा
89.  तीहोजरावल, जोशीभारद्वाजतृप्तेश्वरी
90.  कुंवरपुरठाकर, जोशीभारद्वाजउमा
91.  सीमाणरावलभारद्वाजअन्नपूर्णा
92.  दातकोड़ीजोशीभारद्वाजक्षेमप्रदा
93.  छत्रालव्यासगौतममहोदरी
94.  कुकुआवीठाकरकश्यपत्रिपुरा
95.  उलोत्रुदवेगौतमत्रिपुरा
96.  उकरवाडाठाकरभारद्वाजत्रिपुरा
97.  पीपलीजोशीपाराशरमहागौरी
98.   वसाईरावलबच्छसतत्राम्बिका
99.   कर्णपुरउपाध्याय, ठाकरकौशिकमहेश्वरी
100.  वावोल्परावल, मेहताभारद्वाजमहाविद्या
101.  बावलीमेहताशांडिल्यगौरी
102.  छमीछुरावल, मेहताभारद्वाजकवेश्वरी
103.  सहोरदवे, ठाकरबच्छसतत्राम्बिका
104.  वलादिपंडित, जोशीशांडिल्यगौरी
105.  वर्णसमूपंडितभारद्वाजवहिश्वरी
106.  अगस्तियादवेवसिष्ठवहिश्वरी
107.  बावड़ीजोशी, रावलभारद्वाजतत्रांबिका
108.  शपावाडुमेहताभारद्वाजउमा
109.  कामलीरावलभारद्वाजक्षेमप्रदा
110.  सनलपुरपंडितभारद्वाजदुर्गा
111.  महावड़ापंडितभारद्वाजदुर्गा
112.  उबरीरावल, जोशीभारद्वाजशाकम्भरी
113.  सोभाषणमेहताशांडिल्यअंबा
114.  जवरीव्यास, पंडितबच्छसगौरी
115.  गोरतोवीव्यासभारद्वाजपुष्पा
116.  सोजुपंडितगर्गत्रिपुरान्तक
117.  जालीसाव्यास, जोशीभारद्वाजतत्रांबिका
118.  त्रहेटापंडित, जोशीभारद्वाजअन्नपूर्णा
119.  खेरपुरमेहेता, जोशीभारद्वाजनन्देश्वरी
120.  सरसावव्यास, जोशीभारद्वाजदुर्गा
121.  बिछणीव्यासभारद्वाजदुर्गा )
122.  बटवारावलभारद्वाजतप्तेश्वरी
123.  गांभुमेहेताकश्यपतत्रांबिका
124.  रंगपूरव्यासगर्गगौरी
125.  जलपूरमेहेताकश्यपक्षेमप्रदा
126.  देलोलव्यासबच्छसबहीश्वरी
127.  वाडहीपंडित, मेहेताभारद्वाजउमा
128.  लोलादुरावलकश्यपदुर्गा
129.  वाराहीमेहेता, जोशीपाराशरविश्वेश्वरी
130.  सादरउपाध्याय, राजगुरभारद्वाजशिवा
131.  बड़गाँवपंडित, मेहताउपमन्यु, कौशिकतत्रांबिका
132.  शेवालामेहेताकौशिकगौरी
133.  मशालरावलभारद्वाजगौरी
134.  उपेरारावल, मेहताभारद्वाजपुष्पमाला
135.  धारावाडुठाकर, रावलभारद्वाजतप्तेश्वरी
136.  मगरवाडुठाकरभारद्वाजअन्नपूर्णा
137.  घोड़िअलव्यासभारद्वाजविश्वरूपा
138.  रिवाड़ीपंडित, मेहताभारद्वाजबहुधा
139.  उभदाठाकर, मेहताभारद्वाजउमा
140.  नौरतापंडितभारद्वाजनदी
141.  धीप्रोदापंडित, रावलभारद्वाजचामुण्डा

शेष ब्राह्मण गुजरात के गाँव छोड़कर मारवाड़ जा बसे।  उनकी कुलदेवियों का वर्णन नहीं हुआ है।

अन्य 2 – कुछ ब्राह्मणों को सीहोर क्षेत्र में 81 गाँव मिले। वे निम्नलिखित हैं –

ग्रामअवंटकगोत्रकुलदेवी
1. सीहोरदवे, जानी, जोशीकृष्णात्री, सांकृत्य, भारद्वाजअन्नपूर्णा
    बटवाणापंड्या, दवे, जोशीगौतमदुर्गा
2.  गुन्दीपंड्या, मेहतावसिष्ठमहाकाली
3.  वाटहीव्यासउपमन्युहिंगलाज
4.  गोहिलवाडुपंडित, मेहतावसिष्ठउमा
5.  पिंपरालीआचार्य, पाठकगौतम, भारद्वाजगौरी
6.  भिमलाणापंडितवसिष्ठमहागौरी
7.  देगमाणुआचार्यगामायनमहागौरी
8.  बलमीपुरत्रवाड़ी, व्यासकुच्छस, चन्दात्रीमहागौरी
9.  कानड़ाठाकरपराशरभद्रकाली
10.  धावलीपंडित, मेहेताभारद्वाज, कौशिकभद्रकाली
11.  पाटणपंडित, उपाध्यायवसिष्ठ मांडव्यमहेश्वरी
12.  सोनपुरठाकरगर्गगौरी
13.  मलाणादवे, जोशी, उपाध्यायभारद्वाजशाकम्भरी
14.  वरेलीमेहेता, जोशीशौनक, मांडव्यउमा
15.  रामाठरीपंडितगौतममालेश्वरी
16.   फरादरारावल, पंड्याभार्गवगौरी
17.   सेवडद्रापंड्या, मेहेताबच्छसशाकम्भरी
18.  हाथशीणपंड्या, उपाध्यायपराशरशाकम्भरी
19.   बगस्थलदवेकौशिकदुर्गा
20.   बलावडपंडितगौतमअन्नपूर्णा
21.   घोरपुरपंड्या, मेहेताशांडिल्यतप्तेश्वरी
22.   शामलीजोशी, मेहेता, ठाकरगर्ग, भारद्वाजउमा
23.  बारसिंगव्यास, उपाध्यायभारद्वाज, कश्यपचामुण्डा
24.  मालवाडुदवेचन्द्रात्रीउमा
25.  चण्डीसरउपाध्याय, पुरोहितकश्यपदुर्गा
26.  गमीदामेहेतावच्छसउमा
27.  झापोदरदवे, जोशीभार्गवविश्वेश्वरी
28.  देलवाडुपाठकगौतमसिद्धेश्वरी
29.  शाउलीव्यासभारद्वाजआषंगपुरी
30.  शाणवामेहेतागर्गसिद्धेश्वरी
31.  लडुवामेहेता, दवेकौण्डिन्यक्षेमकरा
32.  नगरत्रवाडीगोभिलअन्नपूर्णा
33.  वैजुलकामेहेता, दवे, पंडितवसिष्ठमहालक्ष्मी
34.  घुघरालीठाकरबच्छसशुभ्रा
35.  पंचोलीपाठक, जोशीकश्यपसिद्धेश्वरी
36.  उखबाडुमेहेता, दवेलौगाक्षीमहागौरी
37.  घारकुपंडितशांडिल्य
38.  शेलाणुपंडित, मेहेतापाराशरविघ्नहरी
39.  कटलाणारायल, जोशीगौतमगौरी
40.  गुंडलुमेहेता, त्रवाड़ीवच्छसअम्बा
41.  दानवारुमेहेतागौतमसिद्धेश्वरी
42.  सर्पहिव्यासवसिष्ठउमा
43.  उवरावलीमेहेता, जोशीभारद्वाज क्षेमप्रदा
44.  जांबुयापाठक, मेहेताभारद्वाज गौरी
45.  साणंदपंडित, मेहेतावसिष्ठलक्ष्मी
46.  मगोडीमेहेताभारद्वाजसिद्धेश्वरी
47.  नीघवारावल, पुरोहितकश्यपसर्वसम्पत्तिकरी
48.  बढोपंडित, जोशीभारद्वाजक्षेमप्रदा
49.  बोदालीव्यास, मेहेताकश्यपउमा
50.  वछकपुररावलभारद्वाजसर्वसिद्धिकरी
51.  अदालयठाकर, पंडितभारद्वाजसर्वसिद्धिकरी
52.  सारधारूजोशी, रावलभारद्वाजसर्वसम्पत्तिकरी
53.  सीहोदररावलभार्गवउमा
54.  ठीठमीउपाध्यायगर्गमहीपानकरी
55.  वाकघाजोशी, मेहेताशांडिल्यउमा
56.  ककावीदीक्षितपाराशरगौरी
57.  असराड़पंडित, जोशीशांडिल्यक्षेमप्रदा
58.  कोठड़ीदवे, मेहेताकश्यपशिवा
59.  पणसोरुदीक्षित, दवेभारद्वाजचामुण्डा
60.  देवगामठाकरकश्यपउमा
61. ब्रह्मपागामपण्डितकश्यपशुभ्रा
62.  टकवाठाकरकश्यपशुभ्रा
63.  त्रवाड़ीव्यासपाराशरतप्तेश्वरी
64.  असलालीपंड्या, जोशीभारद्वाजशुभ्रा
65.  खोखडूरावल, मेहतापाराशरउमा
66.  भालजव्यासभारद्वाजमहालक्ष्मी
67.  पाठकालापण्डितशाण्डिल्यमहालक्ष्मी
68.  अंतरपुरमेहेताभारद्वाजमहालक्ष्मी
69.  ऊटड़ीमेहेताभारद्वाजत्रसेश्वरी
70.  रगड़ीमेहेता, जोशीभारद्वाजअम्बा
71.  लिगरीजोशीभारद्वाजसिद्धेश्वरी
72.   रेवनपुरजोशीपाराशरसिद्धेश्वरी
73.   सोनरलपंड्याकश्यपउमा
74.  पाकलादवेभारद्वाजसिद्धेश्वरी
75.   कुकडुमेहेताभारद्वाजविघ्नहरी
76.   सिंहपूररावलभारद्वाजक्षेमप्रदा
77.  उपलोटजोशीभारद्वाजउमा
78.   देहेगाममेहेताभारद्वाजविघ्नहरी
79.   जिहवाजोशीभारद्वाजउमा
80.  टिटोड़ीरावल, जोशीभारद्वाजउमा
81.  घाड़सरीजोशी, रावलभारद्वाजउमा

 

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Sanjay Sharma
Sanjay Sharma is the founder and author of Mission Kuldevi inspired by his father Dr. Ramkumar Dadhich. Mission Kuldevi is trying to get information of all Kuldevi and Kuldevta of all societies on one platform.

6 thoughts on “औदीच्य ब्राह्मण समाज – इतिहास, गोत्र, कुलदेवियाँ Sahastra Audichya Brahmin

  1. मेरा नाम राजेश कुमार भारद्वाज , मै हरियाणा फरीदाबाद गांव अरुआ से हूँ । परिवार में बड़े बुजुर्ग भारद्वाज हिरयाणा दुबे गौत्र बताते है। लेकिन कुलदेवी व देवता के बारे में उन्हें भी जानकारी नही है। आपकी साइट बहुत अच्छी लगी ।ओर आप से उम्मीद है कि आप मुझे पूरी जानकारी दोगे । आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।

  2. मेरा नाम ओमप्रकाश है मेरा गांव सिंघाना तहसील डीडवाना जिला नागौर राजस्थान में है में गौड़ ब्राह्मण में फटवाड़िया गोत्र से हु हमारी कुलदेवी समदिरी माता है ।
    कृपया मुझे ये जानकारी दे पूर्ण विवरण के साथ की समदिरी माता का मंदिर कहा पर स्थित है कृपया पूरी जानकारी प्रदान करने की कृपा करे आपका आभारी रहूँगा , धन्यवाद

  3. जय महाकाली श्री मान मैं पंडित नरेश खन्ना पंजाब से सरस्वत ब्राह्मण गौत्र शाण्डिलय गुज हमारे पूर्वज पकिस्थान
    पेशावर के थे जो पंजाब का हिस्सा था हमें कुल देवी का पता लग सकता है

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