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Masik Durga ashtami मासिक दुर्गाष्टमी की व्रत विधि, महत्त्व व तिथियाँ

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51 Shakti Peeth : 51 शक्तिपीठ

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51 Shakti Peeth Names and Locations in Hindi : प्रजापति दक्ष ने शिवजी से अपमानित हो बृहस्पति नामक एक यज्ञ का आरम्भ किया । दक्ष ने उस यज्ञ में शिवजी और अपनी कन्या व शिवजी की पत्नी देवी  सती को छोड़कर सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया । पिता के घर में महायज्ञसमारोह हो रहा है, यह सुनकर सती…

देवी भागवत के अनुसार 108 शक्तिपीठ

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List of 108 Shakti Peethas: देवी सती के भस्म हुए शरीर को जब अपने कन्धों पर धारण किये हुए भगवान शिव तांडव कर रहे थे तब जगत के कल्याण हेतु श्री विष्णु ने देवी सती के शरीर पर सुदर्शन चक्र से प्रहार कर उसे कई भागों में विभक्त कर दिया। जहाँ जहाँ ये अंग आदि…

देवी माँ ने क्यों लिया भ्रामरी देवी और शाकम्भरी माता का अवतार ?

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Bhramari Devi and Shakambhari Mata Avtar story in Hindi : माँ जगदम्बा ने समय-समय पर जगत के कल्याण के लिए कई अवतार लिए।  उन अवतारों को लोक में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।  देवी माँ के कुछ अवतारों को कुलदेवियों  के रूप में स्वीकार किया गया।  ऐसे ही अवतारों में से दो अवतारों के…

जानिए कैसे पड़ा माता शक्ति का नाम दुर्गा ?

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How Goddess got her name Durga : पुरातन काल में दुर्गम नामक दैत्य ने स्वर्गलोक में भारी हाहाकार मचा रखी थी। उसने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न कर सभी वेदों को अपने वश में कर लिया था  जिससे देवताओं का बल क्षीण हो गया। दैत्यराज दुर्गम ने देवताओं को परास्त करके स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया। तब देवताओं को देवी…

माता दुर्गा ने एक तिनके से तोड़ा देवताओं का घमंड

Durga Mata Broke Proud of the Gods : एक बार देवों और दानवों में युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध में देवता विजयी हुए परंतु इस विजय से उनके मन में अहंकार उत्पन्न हो गया। वे  स्वयं को सर्वश्रेष्ठ कहने लगे। जब जगदम्बा आदिशक्ति दुर्गा ने देवताओं को इस प्रकार अहंकार से ग्रस्त होते देखा तो वे…

जानिये कैसे प्रकट हुई महादुर्गा, कैसे मिले देवी को अस्त्र-शस्त्र

Devi Durga Mata and her Weapons Story in Hindi : आदिशक्ति जगदम्बा ने पृथ्वी को आसुरिक शक्तियों से बचाने व असुरों का संहार करने के लिए कई अवतार लिए।  सर्वप्रथम वे महादुर्गा के रूप में अवतरित हुई थी और महिषासुर का संहार कर महिषमर्दिनी कहलाई। सभी देवताओं का तेज है देवी महादुर्गा- देवी के इस…

महाशक्तिपीठ हिंगलाज देवी- जिसकी पूजा मुसलमान भी करते हैं

  Adi Shakti Peeth Hinglaj Mata Temple History in Hindi : आदि शक्तिपीठों में हिंगलाज देवी का पीठ धार्मिक आस्थाओं सबसे बड़ा पीठ कहा जा सकता है । जिसका बखान हिंगलाज पुराण के साथ-साथ वामन पुराण, स्कंदपुराण  । यह स्थान कराची से 217 कि.मी. की दूरी पर स्थित है ।            …

The nature of Mahakali महाकाली का स्वरूप

Mahakali the Power of Mahakal Nature in Hindi : जब सृष्टि नहीं थी, अंतरिक्ष नहीं था , जब कहीं पर भी कुछ भी नहीं था उस समय केवल अन्धकार था । घना अन्धकार । वह अन्धकार रूप जिसे ना कोई जान सकता था , और ना ही पारिभाषित कर सकता था ऐसा वह तत्त्व ही…

Chamunda Mata – fearsome aspect of Aadishakti

चामुण्डा माता को चामुंडी, चामुंडेश्वरी, चण्डिका तथा चर्चिका नाम से भी जाना जाता है। यह देवी का विकराल रूप है। चामुण्डा सप्तमातृकाओं तथा चौसठ योगिनीयों में से एक है। इनका नाम चण्ड तथा मुण्ड से मिलकर बना है। ये दोनों दैत्य थे जिनका देवी ने संहार किया था। यह देवी काली से जुड़ा हुआ रूप है। काली…

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