श्री परशुराम चालीसा

SHRI PARSHURAM CHALISA : श्री परशुराम चालीसा inHindi || दोहा || श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि। सुमरि गजानन शारदा, गहि आशिष त्रिपुरारि।। बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डार। बरणौं परशुराम सुयश, निज मति के अनुसार।। || चौपाई || जय प्रभु परशुराम सुख सागर, जय मुनीश गुण ज्ञान दिवाकर। भृगुकुल मुकुट बिकट … Read more श्री परशुराम चालीसा

This site is protected by wp-copyrightpro.com