Chamunda Mata Temple Tarnau (Nagaur)

नागौर जिले के जायल तहसील से 12 किमी. दूर तरनाऊ के पास चामुण्डा माता का मन्दिर है। मन्दिर परिसर में  ठहरने की व्यवस्था है।
जोधपुर-नागौर-तरनाऊ :- 181 किमी.
बीकानेर-नागौर-तरनाऊ “- 154 किमी.
जयपुर-कुचामन सिटी- तरनाऊ :- 197 किमी.

Chamunda Mata Temple Tarnau Nagaur

तरनाऊ की चामुंडा माता

Chamunda Mata Tarnau Nagaur

चामुंडा माँ तरनाऊ की पावननगरी पर विराजित एक भव्य मंदिर है !! यह मंदिर बहुत प्राचीन है , इस मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालु एक अद्भुत सुख और सुकून का अहसास करते है !! यह मंदिर बहुत सी जातियों की कुलदेवी के रूप में माना गया है ! मंदिर में रहने की , पीने के लिए स्वच्छ पानी की आदि अच्छी व्यवस्था है !! यहाँ पर पुरे देश से श्रद्धालु आते है , नवरात्री में यहाँ मेला जैसे आयोजन होते है जिसमे माँ चामुंडा भक्त मंडल का विशेष योगदान रहता है !!


स्थान –

बात करे की ये मंदिर कहाँ है तो हम आपको बताते है की ये मंदिर राजस्थान के नागौर जिले में स्थित तरनाऊ ग्राम में है , तरनाऊ हाईवे से जुड़ा हुआ गावं है जो की नागौर से ४३ किलोमीटर दूर है !! तरनाऊ नागौर और डीडवाना के बिच में स्थित है , यह गावं डेगाना से भी जुड़ता हुआ है डेगाना से दुरी ४० किलोमीटर है !!
परिवहन के साधन – चामुंडा माँ मंदिर के लिए सड़क मार्ग ही उपलब्ध है जिसमे नागौर से हर १५ मिनट के अंतराल में बस की सुविधा है , इसी तरीके से डीडवाना से भी हर आधे घंटे के अंतराल में बस मिल जाती है ! बात करे डेगाना से तो लगभग हर ४५ मिनट के बाद डेगाना से परिवहन के साधन है ! तरनाऊ दिल्ली और जयपुर से जुड़ा हुआ सड़क मार्ग है जहाँ से आपको तरनाऊ के लिए सीधी बस आसानी से मिल जाती है !! निकटवर्ती रेलवे स्टेशन नागौर , डेगाना , छोटी खाटू , डीडवाना है !!


मंदिर की सुंदरता —

अब बात की जाये मंदिर की बनावट की , तो हम ये बताते है की ये मंदिर बहुत प्राचीन है इसलिए बनावट भी बहुत प्राचीन ही है !! समय समय पर बाहरी जीर्णोदार का काम बहुत हुआ है जिसमे बरामदे , कमरे , बैठने की व्यवस्था आदि शामिल है !!


मूर्ति –

माना जाता है ये मूर्ति यहाँ अपने आप प्रकट हुई थी , यह भी कहाँ जाता है की जोधपुर किले में स्थित मूर्ति भी तरनाऊ के मंदिर से ले जाई गयी थी !! चामुंडा माँ की मूर्ति पत्थर से बनी हुई है जिस पर साज श्रृंगार बेहद खूबसूरत किया जाता है !! कहते है की एक बार अगर माँ की चेहरे पर नजर पड़ जाये तो बहुत ही सुकून मिलता है !! एक तरफ कृष्ण भगवान का दरबार है तो दूसरी और भगवान भोले नाथ का स्थान है !!


आरती –

मंदिर में आरती का समय सुबह ५.०० बजे है और शाम को सूर्यास्त के समय है !! मंदिर में आरती भी एक विशेष गायी जाती है जो की हर एक ग्रामीणों के मुख पर रहती है !!
आस्था – जाहिर सी बात है ये मंदिर सम्पूर्ण तरनाऊ के लिए और बहुत से बहार दूर दराज इलाके में रहने वाले भक्तो के लिए आस्था का केंद्र है !! आज भी तरनाऊ में किसी भी नए घर का निर्माण बिना माँ की अनुमति के नहीं होता है !! चैत्र माह की तेरस को माँ को रात में भजनो से रिझाया जाता है और उसके अगले दिन चावदश को सम्पूर्ण तरनाऊ के घरो से माँ के लिए भोग लाया जाता है !! ये भी मान्यता है की इस दिन तरनाऊ के किसी भी घर में इस दिन बिलोना नहीं किया जाता पूरा दूध खाने में और बाटने में ही जाता है !! श्रावण मास में एक दिन सम्पूर्ण गावं का दूध इखट्टा करके पुरे तरनाऊ गावं के चारो और धार दी जाती है जिससे की किसानो के खेत पर प्राकृतिक आपदा नहीं आती है !!
कुछ विशेष – खास बात मंदिर की ये है की मंदिर में एक ज्योत है जो २४ घंटे जलती रहती है !!

मंदिर में एक गौशाला है जो नागौर जिले की सबसे पुरानी गौशाला है जिसमे ५०० गोवंश है !! जिसका सम्पूर्ण देख रेख और चारे की व्यवस्था ग्राम की तरफ से की जाती है , गोवंश के लिए पानी, चारे , छाया, बैठने , आदि की उचित व्यवस्था है !!
आगे भी बहुत कुछ है इस मंदिर के बारे में लेकिन सम्पूर्ण जानकारी यहाँ आकर ही ली जा सकती है !!
जय माता दी !!

20 thoughts on “Chamunda Mata Temple Tarnau (Nagaur)”

    • श्रीमान जी ऐसा है की माँ चामुंडा का मंदिर दोनों जगह है / अब ये फर्क है की जो मंदिर जोधपुर किले में है वो एक निजी मंदिर है जिसकी मूर्ति तरनाऊ से ले जा कर स्थापित की गयी थी // तरनाऊ मंदिर बहुत प्राचीन है और हमारे हिसाब से आपको पहले तरनाऊ जाना चाइये और आपको लगता हो तो आप जोधपुर भी जा कर दर्शन कर सकते है // आप फेसबुक पर maa chamunda tarnau सर्च करके तरनाऊ मंदिर की जानकारी ले सकते है // और भी कोई आपका कोई सवाल हो तो आप 9166680433 पर व्हाट्सप्प या कॉल करके जानकारी ले सकते है //

      जय माता दी //

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