Janki Nath Ji ki Aarti Lyrics

SHRI JANKI NATH JI KI AARTI : श्री जानकीनाथ जी की आरती जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथादोउ कर जोरें बिनवौं प्रभु ! सुनिये बाता । तुम रघुनाथ हमारे प्रान, पिता मातातुम ही सज्जन – संगी भक्ति – मुक्ति–दाता ।। जय …. लख चौरासी काटो मेटो यम-त्रासानिसदिन प्रभु मोहि रखिये अपने ही पासा ।। जय… राम भरत … Read more

Shiva Tandava Stotram Lyrics

शिवताण्डवस्तोत्रम्  श्रीगणेशाय नमः जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थलेगलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् |डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयंचकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ||१|| जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरीविलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि |धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावकेकिशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ||२|| धराधरेन्द्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुरस्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे |कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदिक्वचिद्दिगम्बरे(क्वचिच्चिदम्बरे) मनो विनोदमेतु वस्तुनि ||३|| जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभाकदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे |मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरेमनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ||४|| सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखरप्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः |भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटकश्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ||५|| ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभानिपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् |सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरंमहाकपालिसम्पदेशिरोजटालमस्तु नः ||६|| करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वलद्धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके |धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रकप्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ||७|| नवीनमेघमण्डली निरुद्धदुर्धरस्फुरत्कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः |निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिन्धुरःकलानिधानबन्धुरः … Read more

Sankat Nashan Ganesha Stotram

SANKAT NASHAN GANESHA STOTRAM : संकट नाशन गणेश स्तोत्र प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुः कामार्थसिद्धये ।।1।। प्रथमं वक्रतुडं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ।।2।। लम्बोदरं पंचमं च षष्ठ विकटमेव च ।सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।।3।। नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् ।एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ।।4।। द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः … Read more

Yamuna Ji ki Aarti Lyrics

SHRI YAMUNA AARTI  : श्री यमुना माता जी की आरती ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माताजो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाताॐ जय यमुना माता पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा,जो जन शरण में आया कर दिया निस्ताराॐ जय यमुना माता जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे,यम के त्रास न … Read more

Mangalvar Vrat Aarti

MANGALVAR VRAT KI AARTI : मंगलवार व्रत की आरती मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥ लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥ राम … Read more

Brihaspativar Vrat Katha in Hindi

BRIHASPATIVAR VRAT KATHA : बृहस्पतिवार व्रत कथा IN HINDI पूजा विधि बृहस्पतिवार को जो स्त्री-पुरुष व्रत करें उनको चाहिए कि वह दिन में एक ही समय भोजन करें क्योंकि बृहस्पतेश्वर भगवान का इस दिन पूजन होता है भोजन पीले चने की दाल आदि का करें परन्तु नमक नहीं खावें और पीले वस्त्र पहनें, पीले ही … Read more

Brahaspati Dev ki Aarti Lyrics

BRIHASPATI DEV KI AARTI : बृहस्पति देव की आरती ॐ जय वृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवाछिन छिन भोग लगाऊ फल मेवा तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामीजगत्पिता जगदीश्वर तुम सबके स्वामी चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्तासकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता तन मन धन अर्पणकर जो जन शरण पड़ेप्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े … Read more

Shri Vaibhav Lakshmi Vrat Katha in Hindi

श्री वैभव लक्ष्मी व्रत  : SHRI VAIBHAV LAKSHMIVRAT IN HINDI वैभव लक्ष्मी व्रत करने का नियम :  VAIBHAV LAKSHMI VRAT RULES 1. यह व्रत सौभाग्यशाली स्त्रियां करें तो उनका अति उत्तम फल मिलता है, पर घर में यदि सौभाग्यशाली स्त्रियां न हों तो कोई भी स्त्री एवं कुमारिका भी यह व्रत कर सकती है। 2. स्त्री … Read more

Shri Pitar Chalisa

SHRI PITAR CHALISA : श्री पितर चालीसा || दोहा || हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद,चरणाशीश नवा दियो रखदो सिर पर हाथ।सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी।हे पितरेश्वर दया राखियो, करियो मन की चाया जी।। || चौपाई || पितरेश्वर करो मार्ग उजागर, चरण रज की मुक्ति सागर।परम उपकार पित्तरेश्वर कीन्हा, मनुष्य योणि … Read more

Shri Mahaveer Swami Chalisa

SHRI MAHAVEER SWAMI CHALISA : श्री महावीर तीर्थंकर चालीसा || दोहा || शीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम।उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम।सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार।महावीर भगवान को, मन-मन्दिर में धार। || चौपाई || जय महावीर दयालु स्वामी, वीर प्रभु तुम जग में नामी।वर्धमान है नाम तुम्हारा, लगे हृदय को प्यारा … Read more

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