‘माँ’ ममता का आधार – कुलदेवी

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आज का समाज-फिर आधुनिकता की छाप और उस पर नास्तिकता का दौर-ईश्वरीय स्वरूप की अवहेलना कोई नई बात नहीं। समाज में, वर्ण में सर्वप्रथम ब्राह्मण और ईश्वर का मुख माने जाने वाला यह वर्ण भी जब अपने कुलदेवता, कुलदेवी और कुल गणपति को नहीं जाने न ही पहचाने तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति … Read more

दधिमथी माता मंगल – राजस्थानी दोहा चौपाई में रचित भक्तिरचना

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श्रीदधिमथीमाता मंगल डॉ. रामकुमार दाधीच द्वारा राजस्थानी भाषा में रचित भक्तिरचना श्रीदधिमथीमाता मंगल पाठकों के लाभार्थ प्रकाशित की जा रही है। पाठ करने योग्य यह रचना गोठ-मांगलोद की श्री दधिमथी माता की कथा, महिमा तथा आध्यात्मिक तत्त्व विवेचन से समन्वित है। इसकी कथावस्तु का आधार श्री दधिमथी पुराण है। नोट:-  दधिमथी माता मंगल प्रकाशन के सर्वाधिकार … Read more

महाकवि ईसरदास कृत ‘देवियांण’ हिन्दी अर्थ सहित

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कवि श्री ईसरदासकृत ‘देवियांण’ का परिचय – शक्तितत्त्व के अनुसंधानकर्ता जिज्ञासुओं तथा साधकों के लिए ’देवियांण’ अनुपम स्तोत्ररत्न है। भावुक भक्त की भक्ति एवं प्रपत्ति की अभिव्यंजना के साथ-साथ ज्ञानात्मक  सूक्ष्मविचार व तत्त्वनिरूपण से युक्त स्तोत्रों में यह महत्त्वपूर्ण है। यह एकशक्तिवाद या एकतत्त्ववाद का प्रतिपादक स्तोत्रकाव्य है। इसके सिद्धान्तानुसार एकमात्र शक्तितत्त्व के अतिरिक्त कोई सत्ता … Read more

श्री कुलदेवी पूजन विधि – ध्यानम्, आवाहनम्, षोडश उपचार

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Kuldevi Pujan Vidhi : इस लेख में आपको बताया जा रहा है कि कुलदेवी माँ का पूजन किस प्रकार किया जाना चाहिये। अपनी कुलदेवी मंगल के पाठ से पहले भी षोडश उपचार से कुलदेवी पूजन करना चाहिये। पूजन के लिए पूर्वाभिमुख होकर आचमन, पवित्रीकरण, मार्जन, प्राणायाम कर संकल्प करें। स्वस्तिवाचन आदि के बाद कुलदेवी की … Read more

राजस्थान के 10 प्रसिद्ध देवी मन्दिर, जो कुलदेवियों के रूप में पूजित हैं

10 Famous Devi Temples of Rajasthan in Hindi : आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भारत में देवीपूजा की बहुत मान्यता है। देवी जो शक्ति के रूप में संसार को चलाती है। भारतवर्ष के कोने-कोने में देवियों के मन्दिर स्थापित हैं।  यहाँ राजस्थान के कुछ प्रसिद्ध देवी मंदिरों के बारे में बताया जा रहा है ; ये देवियाँ … Read more

श्री सालासर बालाजी कथा, महिमा व मन्दिर का इतिहास

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Salasar Balaji Temple Rajasthan History and Katha in Hindi : राजस्थान के चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील के सालासर नामक स्थान पर लाखों लोगों की आस्था का केन्द्र हनुमानजी का प्रसिद्ध मन्दिर है। गांव के नाम पर इन्हें सालासर बालाजी कहा जाता है। इस मन्दिर की स्थापना रूल्याणी ग्राम के संत श्री मोहनदासजी ने की थी। … Read more

Mandore Gardens and Fort Jodhpur | मण्डोर किले में Chamunda Mata

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Mandore Gardens and Fort | Chamunda Mata : जोधपुर की इस यात्रा में हमने पिछले दिन बीसहथ माता तथा मेहरानगढ़ की चामुण्डा माता के दर्शन किये। आज का दिन हमने मण्डोर के gardens देखने के लिए निश्चित किया था। हम सुबह जल्दी ही उठकर मण्डोर के लिए निकल गए। Mandore की यह यात्रा हमारी कुलदेवीधामयात्रा … Read more

Chamunda Mata Mehrangarh Fort Jodhpur | मेहरानगढ़ की चामुण्डामाता तथा किले व जसवंत थड़ा की यात्रा

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Chamunda Mata Mehrangarh Fort Jodhpur Rajasthan:  बीसहथ माता के दर्शन करने के पश्चात् हम (मैं और मेरे पिताजी) मेहरानगढ़ पहुंचे। जोधपुर आने के बाद यदि मेहरानगढ़ नहीं देखा जाता और इस गढ़ में स्थित प्रसिद्ध चामुण्डामाता के दर्शन ना किये जाते तो इस कुलदेवीधाम-यात्रा अभियान में कमी रह जाती तथा जोधपुर का पर्यटन अधूरा रह जाता। शाप, बलिदान … Read more

गुडगाँव की शीतला माता की अद्भुत कथा व इतिहास – कुलदेवीकथामाहात्म्य

‘कुलदेवीकथामाहात्म्य’ गुडगाँव की शीतला माता इतिहास Sheetla Mata Gurgaon Katha Itihas Hindi : हरियाणा के गुडगाँव नगर में शीतलामाता का इतिहासप्रसिद्ध मन्दिर है। शीतलामाता की अनेक समाजों में कुलदेवी के रूप में मान्यता है। श्रद्धालु जन बच्चों के मुण्डन तथा नवविवाहित जोड़े की जात के लिए गुडगाँव की शीतलामाता के दरबार में जाते हैं। मन्दिर … Read more

अग्रोहा महालक्ष्मी माता की अद्भुत कथा व इतिहास – कुलदेवीकथामाहात्म्य

‘कुलदेवीकथामाहात्म्य’ अग्रोहा की महालक्ष्मी माता इतिहास हरियाणा में अग्रोहा नामक स्थान पर महालक्ष्मीमाता भव्य मन्दिर है। अग्रोहा पुरातात्त्विक महत्त्व वाला प्राचीन सभ्यता केन्द्र है जहाँ अनेक पुरावशेष उपलब्ध हुए हैं। पुरातात्त्विक अनुसन्धान से पता चला है कि वहाँ पहले एक नगर था जो सरस्वती नदी के किनारे बसा था। उसका नाम प्रतापनगर था और वह … Read more

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