पिंजारा समाज का परिचय, इतिहास व कुलदेवी  | Pinjara Samaj in Hindi 

पिंजारा समाज का परिचय व उत्पत्ति :- Pinjara Samaj in Hindi : पिंजारा जाति का मुख्य व्यवसाय रूई को धुनने, खोलने व साफ करने का है। डॉ कैलाशनाथ व्यास व देवेंद्रसिंह गहलोत द्वारा रचित पुस्तक ‘राजस्थान की जातियों का सामाजिक एवं आर्थिक जीवन’ के अनुसार पिंजारा हिन्दू व मुसलमान दोनों धर्मावलम्बी होते हैं। बादशाह शहाबुद्दीन गौरी ने अपने … Read more

कहार, मेहरा व भोई समाज का परिचय, इतिहास, गौत्र, खाँपें व कुलदेवी | Kahar, Mehra, Bhoi Samaj in Hindi     

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Kahar, Mehra, Bhoi Samaj in Hindi: कहार समाज एक समुदाय है जो मुख्य रूप से भारत के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में पाया जाता है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्यों में। समुदाय मछली पकड़ने, नौका विहार और कृषि जैसे विभिन्न व्यवसायों में शामिल होने के लिए जाना जाता है। … Read more

ठठेरा और कंसारा समाज का परिचय, इतिहास, गौत्र व कुलदेवी  | Thathera, Kansara Samaj in Hindi     

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Thathera, Kansara Samaj in Hindi: ठठेरा या कंसारा समाज धातुकर्मियों और पीतल-स्मिथों का एक समुदाय है जो पारंपरिक रूप से भारतीय राज्य गुजरात में रहते थे। “कंसरा” शब्द संस्कृत शब्द “कंस्य” से लिया गया है, जिसका अर्थ है पीतल या कांस्य। कंसारा समुदाय को गुजरात के कुछ हिस्सों में थारा समाज या लुहार समुदाय के रूप … Read more

सरयूपारीण ब्राह्मण समाज का परिचय, इतिहास, गौत्र व कुलदेवी | Saryupari Brahmin Samaj

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सरयूपारीण ब्राह्मणों की उत्पत्ति Saryuparin Brahmin Samaj in Hindi: सरयूपारी ब्राह्मण एक हिंदू ब्राह्मण समुदाय है जो मुख्य रूप से भारत के उत्तरी भाग में रहते हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश राज्यों में। “सरयूपारी” शब्द संस्कृत शब्द “सरयू” से लिया गया है, जो उस नदी को संदर्भित करता है जिसके … Read more

लोधा जाति का इतिहास, खांप व कुलदेवी | Lodha Caste History Kuldevi Khap Gharane

परिचय  लोधा अपने को यदुवंशी बतलाते हैं। इनकी ख्यातों के अनुसार ये भुवनपाल यादव के द्वितीय पुत्र सामंत के वंशज हैं जिसने लुधियाना बसाया था। तब से ही यह लोधा कहलाने लगे। लोधी (या लोधा, लोध) भारत में पायी जाने वाली एक किसान जाति है। ये मध्य प्रदेश में बहुतायत में पाये जाते हैं, जहाँ यह लोग उत्तर प्रदेश से … Read more

सीरवी समाज की कुलदेवियाँ | Seervi Samaj ki Kuldevi

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Seervi Samaj ka Itihas : सीर का अर्थ खेती होता है इसलिए अच्छी कृषि करने वाले राजपूत ‘सीरवी’ कहलाने लगे। सीरवी जाति का मुख्य व्यवसाय काश्तकारी है।    इनमें दो वर्ग हैं – १. जणवा और २. खारड़िया। इनमें जणवा अपनी उत्पत्ति गौतम ऋषि के शिष्य विजयराज से बताते हैं। विजयराज ने पाली के पुरोहित सोमनाथ … Read more

भैसादश्री माता मन्दिर नीमच Bhaisad Shri Mata Temple Neemuch

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Bhaisad Shri Mata Temple Neemuch : भैसाद श्री माता मन्दिर नीमच सिटी के मीणा मोहल्ले में नदी के किनारे पर है। यह मन्दिर लगभग 600 वर्ष पुराना है। यह देवी माहेश्वरी समाज में आगीवाल खांप की कुलदेवी है। यदि आप भी भैसाद माता को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं तो कृपया Comment Box में … Read more

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