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औदीच्य ब्राह्मण समाज – इतिहास, गोत्र, कुलदेवियाँ Sahastra Audichya Brahmin

उदीचि का अर्थ होता है ‘उत्तर’। ‘उदीचि’ शब्द से ही औदीच्य बना है। उत्तर दिशा से सिद्धपुर क्षेत्र में आने वाले ब्राह्मण औदीच्य कहलाये।

Audichya Brahmin

 

औदीच्य ब्राह्मण समाज का इतिहास (History of Audichya Sahastra Brahmin Samaj)

ब्राह्मणोत्पत्तिमार्तण्ड नामक ग्रंथ में सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज का इतिहास वर्णित है। गुजरात में सरस्वती नदी के तट पर पाटण नामक नगर है। वहां के राजा मूलराज षड्यंत्रकारी बंधु-बांधवों से दुखी थे जो उसे राजसिंहासन से हटाना चाहते थे।  उसने सब षडयंत्रकारियों की हत्या करा दी और निष्कंटक राज्य  भोगने लगा।

वृद्धावस्था में मूलराज को संबंधियों की हत्या कराने के पाप से पछतावा हुआ।  वह प्रायश्चित करने गुरू की शरण में गया। गुरु ने कहा कि श्रीस्थल सिद्धपुर नामक पुण्यक्षेत्र में उत्तर क्षेत्र के ब्राह्मणों को बुलाकर दान दो। वे ब्राह्मण तपस्वी हैं।  तीर्थ में उन्हें दान देने से तुम्हें  पुण्य लाभ होगा।  राजा ने प्रयाग, काशी,कुरुक्षेत्र, गंगा द्वार, नैमिषारण्य आदि क्षेत्रों के ब्राह्मणों को सपत्नीक सिद्धपुरक्षेत्र में आमंत्रित किया।  उसने ब्रह्मणों से दान ग्रहण करने का अनुरोध किया।  ब्राह्मणों ने उसका अनुरोध अस्वीकार कर दिया। वे सरस्वती नदी के तट पर तपस्यारत दधीचि ऋषि से मिलने गए हुए थे।  उस समय राजा की प्रेरणा से रानी ने ब्राह्मण पत्नियों को वस्त्राभूषण दान में दे दिए।

ब्राह्मणों ने अपनी पत्नियों के अनुरोध से अपनी कुलदेवियों की स्तुति करके राजा मूलराज को पाप मुक्त करा दिया।  राजा ने सिद्धपुर तथा उस क्षेत्र के अनेक गांव ब्राह्मणों को दान में दे दिए।  उन  ब्रह्मणों की संख्या 1016 थी, इसलिए वह सहस्र औदीच्य ब्राम्हण कहलाए।

सहस्र औदिच्य ब्राह्मणों (Sahastra Audichya Brahmin) के तीन भेद हैं-  १. सिद्धपुर २.टोलक और ३.अन्य

  1. जिन ब्राह्मणों को सिद्धपुर तीर्थस्थल दान में मिला वे श्रीस्थलीय कहलाए। ब्राह्मणोत्पत्तिमार्तण्ड में लिखा है-

सर्वोपस्करसंयुक्तं श्रीस्थलाख्यपुरंमहत्।

एकविंशति विप्रेभ्यो ददौ स्वश्रेयसे मुदा।।

1. श्रीस्थल (सिद्धपुर) के ब्राह्मणों की कुलदेवियाँ

सं. अवंटक गोत्र कुलदेवी
1. दवे भार्गव आशापुरी
2. पंड्या कौशिक विघ्नेश्वरी
3. त्रवाड़ी / तिवाड़ी दाल्लभ महागौरी
4. दवे गौतम हिंगलाज
5. ठाकर पच्छस भद्रकाली
6. दवे पाराशर उमा (उमया)
7. उपाध्याय कश्यप उमा (उमया)
8. दवे भारद्वाज चामुण्डा
9. दवे शाण्डिल महालक्ष्मी
10. पण्ड्या शौनक महागौरी
11. त्रवाड़ी / तिवाड़ी वशिष्ठ शुभ्रा
12. ठाकर मौनस घारपीठ
13. जानि गर्ग अंबा
14. दवे कुच्छस उमा (उमया)
15. दवे उद्दालीक उमा (उमया)
16. दवे कृष्णात्री शुभ्रा
17. दवे कौण्डिन्य महाकाली
18. पण्ड्या माण्डव्य महागौरी
19. उपाध्याय उपमन्यु बहुस्मरा
20. दवे श्वेतात्रि उमा (उमया)
  1. टोलक – जो औदीच्य ब्राह्मण एक टोली में रहते थे वे टोलक कहलाये –

उदीच्यास्तत्र चान्ये ये मुनिपुत्राः सुबुद्धयः।

एकीभूत्वा स्थिताः सर्वे तस्मात्ते टोलकाः स्मृताः।।

टोलक के ब्राह्मणों की कुलदेवियाँ

ग्राम अवंटक गोत्र कुलदेवी
खंबात पंड्या कृष्णात्री शुभ्रा
ब्राह्मणोली पंड्या कश्यप उमा (उमया)
हरियाली पंड्या कश्यप उमा (उमया)
खेडा पंड्या कश्यप क्षेमप्रदा
सिंधुवा पंड्या वसिष्ठ वच्छ भद्रकाली, उमा
कनीज व्यास पौलस्त्य गौरी
मातर जानी शाण्डिल्य शुभ्रा
डभाण उपाध्याय भारद्वाज चामुण्डा
मरकुंड व्यास आंगिरस क्षेमकरी
महुधा व्यास कश्यप अन्नपूर्णा
ऋगुण जोशी सांकृत्य महालक्ष्मी
दरेवो कश्यप कश्यप शिवा
पुरोहित पुरोहित कश्यप गौरी
कोचरप व्यास वच्छस उमा (उमया)
  1. अन्य कुछ ब्राह्मणों को 171 ग्राम दान में दिए –
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श्रीस्थलादष्टकाष्ठासु ग्रामांश्च विविधांस्तथा।

चन्द्रसप्तैकसंख्याकान् ब्राह्मणेभ्यो ददौ नृपः ।।

उन ब्राह्मणों की कुलदेवियाँ निम्नानुसार है –

ग्राम अवंटक गोत्र कुलदेवी
1.  पशुवाल आचार्य, पंड्या, रावल गौतम शकटाम्बिका
2.  करंटा व्यास, जोशी कौशिक विघ्नेश्वरी
3.  कनोडू उपाध्याय दाल्लभ बहुस्मरा
4.  बोकड़वाला रावल गौतम नेत्रेश्वरी
5.  चन्द्रभाण व्यास गौतम गौरी
6.  मणियारी मेहता गौतम क्षेमप्रदा
7.  बडवाडु दवे भारद्वाज चामुण्डा
8.  कर्णसागर पण्ड्या, व्यास भारद्वाज उमा
9.  मणुदर रावल शांघिल क्षेमप्रदा
10.  मांडल रावल कुच्छस चामुण्डा
11.  शेदा त्रवाड़ी गौतम गौरी
12.  वीरमगाम दवे गर्ग उमा
13.  कबोई आचार्य गौतम अन्नपूर्णा
14.  कमलीवाडु रावल शौनक क्षेमप्रदा
15.  डालवाणु जोशी, पण्डित कृष्णात्री अन्नपूर्णा
16.  घंघाणु दवे, मेहता गौतम विघ्नहरी
17.  चाणससु व्यास कौण्डिन्य चामुण्डा
18.  उंझा रावल, मेहता भारद्वाज उमा
19.  अवांसणु जानी भारद्वाज अन्नपूर्णा
20.   नायकु दवे उदवाह बाहुधा
21.  यमनपुर पण्डित, रावल, जोशी पराशर, भारद्वाज चामुण्डा
22.  ब्रह्मपुरा ठाकर कौशिक प्रसन्नवदना
23.  घारियाला दवे भार्गव क्षेमप्रदा
24.  डेडाणु जोशी, मेहता भार्गव, भारद्वाज दुर्गा
25.  पंचकबाहु पण्डित, दवे, जोशी कौण्डिन्य, पाराशर, अत्री क्षेमप्रदा
26.  लोटपुर तरवाड़ी काश्यप उमा
27.  खंभाली व्यास, जोशी कौशिक, पाराशर क्षेमप्रदा
28.  विचणियु त्रवाणो, जोशी गर्ग
29.  वडासण रावल उद्दालक गौरी
30.  चन्द्रासण उपाध्याय कश्यप अन्नपूर्णा
31.  वनासन उपाध्याय, व्यास पराशर, भारद्वाज अन्नपूर्णा
32.  वरखीलु पण्डित, जोशी कौशिक, भारद्वाज गौरी, चामुण्डा
33.  जगाणा रावल वत्सस महागौरी
34.  गुजरवाड दवे कुत्सस महीपानकरी
35.  तावड़िया पंडित वसिष्ठ धारदेवी
36.  बजाणा व्यास भारद्वाज उमा
37.  झिंझुवाड़ा व्यास भारद्वाज महागौरी
38.  खोलवाडु व्यास भारद्वाज महागौरी
39.  मानमोर पंचोली गर्ग गौरी
40.  जंघराल जोशी आत्रेय बहुधा
41.  सेहाबी मेहता महागौरी
42.  कल्याणु आचार्य कौशिक कल्याणी
43.  बडावली रावल भारद्वाज  उमा
44.  पिप्पलाण पंडित गौतम  विश्वमाता
45.  भीलोडु व्यास कश्यप सिद्धेश्वरी
46.  कीर्तरा दवे, व्यास शाण्डिल्य कर्तेश्वरी
47.  कालरी पण्डित गौतम कर्तेश्वरी
48.  देवली दवे पाराशर उमा
49.  तंबोल्यु व्यास बच्छस उमा
50.  बिसरोड पंडित कश्यप गौरी
51.  बोधणु पंडित कश्यप दुर्गा
52.  धणोहर उपाध्याय कश्यप नेत्रांबिका
53.  खाबड़ी रावल, पंडित पाराशर सर्वसिद्धिदा
54.  भूखली ठाकर गौतम गौरी
55.  बिरता उपाध्याय पिप्पलादे सर्वसिद्धिदा
56.  सोणका पंडित बच्छस सर्वसम्पत्तिकरी
57.  दहियोदर व्यास मेहेता सर्वसिद्धिकरी
58.  मठ जोशी माण्डव्य गौरी
59.  मलाणा दवे, मेहता गौतम हिंगलाज
60.  मोडी जोशी सांकृत्य वहुधा
61.  मुंडाणू जोशी, दवे भारद्वाज गौरी
62.  रुपाल व्यास, आचार्य गौतम सुधा
63.  सुबाला त्रवाड़ी हिरण्यगर्भ सप्तश्रृंगी
64.  अघार व्यास, जोशी गौतम शुभ्रा
65.  गलपरु मेहता, पंडित कश्यप सर्वसिद्धि
66.  नानोषण दवे, व्यास गौतम उमा
67.  पुंधरा मेहता, व्यास वशिष्ठ नेत्रेश्वरी
68.  भर्कावाडू उपाध्याय भारद्वाज त्रिपुरा
69.  बोरीसाणु उपाध्याय वशिष्ठ त्रिपुरांतका
70.  जामला उपाध्याय गौतम त्रिपुरा
71.  विठलपुरा उपाध्याय वशिष्ठ दुर्गा
72.  अक्षाणा त्रवाड़ी, दवे कौडिन्य पुष्पमाला
73.  लोहर दवे, मेहता भारद्वाज तप्तेश्वरी
74.  भातसीणी उपाध्याय भारद्वाज सिद्धेश्वरी
75.   नागरासण पण्डित गौतम शुभ्रा
76.   उदेला मेहता भारद्वाज नागेश्वरी
77.  हीरवाणी मेहेता, जोशी वसिष्ठ सर्वसम्पत्तिकरी
78.   तलासर व्यास, जोशी भारद्वाज सर्वसिद्धिकरी
79.   गोवनु जोशी कश्यप क्षेमप्रदा
80.  अडालज व्यास पाराशर उमा
81.  आद्रिआणु पंडित चंद्रात्री वटेश्वरी
82.  कालाडा जोशी, पंडित भार्गव त्रिपुरा
83.  वसलाणु पंडित गौतम नेत्रेश्वरी
84.  परवाडु मेहता बच्छस त्रिपुरा
85.  कोट रावल शाण्डिल्य गौरी
86.  मातरवाडु दवे, जोशी शाण्डिल्य माहेश्वरी
87. वाघ्रोल्प उपाध्याय, जोशी पाराशर अन्नपूर्णा
88.  अडपोद्रा आचार्य, जोशी भारद्वाज दुर्गा
89.  तीहोज रावल, जोशी भारद्वाज तृप्तेश्वरी
90.  कुंवरपुर ठाकर, जोशी भारद्वाज उमा
91.  सीमाण रावल भारद्वाज अन्नपूर्णा
92.  दातकोड़ी जोशी भारद्वाज क्षेमप्रदा
93.  छत्राल व्यास गौतम महोदरी
94.  कुकुआवी ठाकर कश्यप त्रिपुरा
95.  उलोत्रु दवे गौतम त्रिपुरा
96.  उकरवाडा ठाकर भारद्वाज त्रिपुरा
97.  पीपली जोशी पाराशर महागौरी
98.   वसाई रावल बच्छस तत्राम्बिका
99.   कर्णपुर उपाध्याय, ठाकर कौशिक महेश्वरी
100.  वावोल्प रावल, मेहता भारद्वाज महाविद्या
101.  बावली मेहता शांडिल्य गौरी
102.  छमीछु रावल, मेहता भारद्वाज कवेश्वरी
103.  सहोर दवे, ठाकर बच्छस तत्राम्बिका
104.  वलादि पंडित, जोशी शांडिल्य गौरी
105.  वर्णसमू पंडित भारद्वाज वहिश्वरी
106.  अगस्तिया दवे वसिष्ठ वहिश्वरी
107.  बावड़ी जोशी, रावल भारद्वाज तत्रांबिका
108.  शपावाडु मेहता भारद्वाज उमा
109.  कामली रावल भारद्वाज क्षेमप्रदा
110.  सनलपुर पंडित भारद्वाज दुर्गा
111.  महावड़ा पंडित भारद्वाज दुर्गा
112.  उबरी रावल, जोशी भारद्वाज शाकम्भरी
113.  सोभाषण मेहता शांडिल्य अंबा
114.  जवरी व्यास, पंडित बच्छस गौरी
115.  गोरतोवी व्यास भारद्वाज पुष्पा
116.  सोजु पंडित गर्ग त्रिपुरान्तक
117.  जालीसा व्यास, जोशी भारद्वाज तत्रांबिका
118.  त्रहेटा पंडित, जोशी भारद्वाज अन्नपूर्णा
119.  खेरपुर मेहेता, जोशी भारद्वाज नन्देश्वरी
120.  सरसाव व्यास, जोशी भारद्वाज दुर्गा
121.  बिछणी व्यास भारद्वाज दुर्गा )
122.  बटवा रावल भारद्वाज तप्तेश्वरी
123.  गांभु मेहेता कश्यप तत्रांबिका
124.  रंगपूर व्यास गर्ग गौरी
125.  जलपूर मेहेता कश्यप क्षेमप्रदा
126.  देलोल व्यास बच्छस बहीश्वरी
127.  वाडही पंडित, मेहेता भारद्वाज उमा
128.  लोलादु रावल कश्यप दुर्गा
129.  वाराही मेहेता, जोशी पाराशर विश्वेश्वरी
130.  सादर उपाध्याय, राजगुर भारद्वाज शिवा
131.  बड़गाँव पंडित, मेहता उपमन्यु, कौशिक तत्रांबिका
132.  शेवाला मेहेता कौशिक गौरी
133.  मशाल रावल भारद्वाज गौरी
134.  उपेरा रावल, मेहता भारद्वाज पुष्पमाला
135.  धारावाडु ठाकर, रावल भारद्वाज तप्तेश्वरी
136.  मगरवाडु ठाकर भारद्वाज अन्नपूर्णा
137.  घोड़िअल व्यास भारद्वाज विश्वरूपा
138.  रिवाड़ी पंडित, मेहता भारद्वाज बहुधा
139.  उभदा ठाकर, मेहता भारद्वाज उमा
140.  नौरता पंडित भारद्वाज नदी
141.  धीप्रोदा पंडित, रावल भारद्वाज चामुण्डा
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शेष ब्राह्मण गुजरात के गाँव छोड़कर मारवाड़ जा बसे।  उनकी कुलदेवियों का वर्णन नहीं हुआ है।

अन्य 2 – कुछ ब्राह्मणों को सीहोर क्षेत्र में 81 गाँव मिले। वे निम्नलिखित हैं –

ग्राम अवंटक गोत्र कुलदेवी
1. सीहोर दवे, जानी, जोशी कृष्णात्री, सांकृत्य, भारद्वाज अन्नपूर्णा
    बटवाणा पंड्या, दवे, जोशी गौतम दुर्गा
2.  गुन्दी पंड्या, मेहता वसिष्ठ महाकाली
3.  वाटही व्यास उपमन्यु हिंगलाज
4.  गोहिलवाडु पंडित, मेहता वसिष्ठ उमा
5.  पिंपराली आचार्य, पाठक गौतम, भारद्वाज गौरी
6.  भिमलाणा पंडित वसिष्ठ महागौरी
7.  देगमाणु आचार्य गामायन महागौरी
8.  बलमीपुर त्रवाड़ी, व्यास कुच्छस, चन्दात्री महागौरी
9.  कानड़ा ठाकर पराशर भद्रकाली
10.  धावली पंडित, मेहेता भारद्वाज, कौशिक भद्रकाली
11.  पाटण पंडित, उपाध्याय वसिष्ठ मांडव्य महेश्वरी
12.  सोनपुर ठाकर गर्ग गौरी
13.  मलाणा दवे, जोशी, उपाध्याय भारद्वाज शाकम्भरी
14.  वरेली मेहेता, जोशी शौनक, मांडव्य उमा
15.  रामाठरी पंडित गौतम मालेश्वरी
16.   फरादरा रावल, पंड्या भार्गव गौरी
17.   सेवडद्रा पंड्या, मेहेता बच्छस शाकम्भरी
18.  हाथशीण पंड्या, उपाध्याय पराशर शाकम्भरी
19.   बगस्थल दवे कौशिक दुर्गा
20.   बलावड पंडित गौतम अन्नपूर्णा
21.   घोरपुर पंड्या, मेहेता शांडिल्य तप्तेश्वरी
22.   शामली जोशी, मेहेता, ठाकर गर्ग, भारद्वाज उमा
23.  बारसिंग व्यास, उपाध्याय भारद्वाज, कश्यप चामुण्डा
24.  मालवाडु दवे चन्द्रात्री उमा
25.  चण्डीसर उपाध्याय, पुरोहित कश्यप दुर्गा
26.  गमीदा मेहेता वच्छस उमा
27.  झापोदर दवे, जोशी भार्गव विश्वेश्वरी
28.  देलवाडु पाठक गौतम सिद्धेश्वरी
29.  शाउली व्यास भारद्वाज आषंगपुरी
30.  शाणवा मेहेता गर्ग सिद्धेश्वरी
31.  लडुवा मेहेता, दवे कौण्डिन्य क्षेमकरा
32.  नगर त्रवाडी गोभिल अन्नपूर्णा
33.  वैजुलका मेहेता, दवे, पंडित वसिष्ठ महालक्ष्मी
34.  घुघराली ठाकर बच्छस शुभ्रा
35.  पंचोली पाठक, जोशी कश्यप सिद्धेश्वरी
36.  उखबाडु मेहेता, दवे लौगाक्षी महागौरी
37.  घारकु पंडित शांडिल्य
38.  शेलाणु पंडित, मेहेता पाराशर विघ्नहरी
39.  कटलाणा रायल, जोशी गौतम गौरी
40.  गुंडलु मेहेता, त्रवाड़ी वच्छस अम्बा
41.  दानवारु मेहेता गौतम सिद्धेश्वरी
42.  सर्पहि व्यास वसिष्ठ उमा
43.  उवरावली मेहेता, जोशी भारद्वाज  क्षेमप्रदा
44.  जांबुया पाठक, मेहेता भारद्वाज  गौरी
45.  साणंद पंडित, मेहेता वसिष्ठ लक्ष्मी
46.  मगोडी मेहेता भारद्वाज सिद्धेश्वरी
47.  नीघवा रावल, पुरोहित कश्यप सर्वसम्पत्तिकरी
48.  बढो पंडित, जोशी भारद्वाज क्षेमप्रदा
49.  बोदाली व्यास, मेहेता कश्यप उमा
50.  वछकपुर रावल भारद्वाज सर्वसिद्धिकरी
51.  अदालय ठाकर, पंडित भारद्वाज सर्वसिद्धिकरी
52.  सारधारू जोशी, रावल भारद्वाज सर्वसम्पत्तिकरी
53.  सीहोदर रावल भार्गव उमा
54.  ठीठमी उपाध्याय गर्ग महीपानकरी
55.  वाकघा जोशी, मेहेता शांडिल्य उमा
56.  ककावी दीक्षित पाराशर गौरी
57.  असराड़ पंडित, जोशी शांडिल्य क्षेमप्रदा
58.  कोठड़ी दवे, मेहेता कश्यप शिवा
59.  पणसोरु दीक्षित, दवे भारद्वाज चामुण्डा
60.  देवगाम ठाकर कश्यप उमा
61. ब्रह्मपागाम पण्डित कश्यप शुभ्रा
62.  टकवा ठाकर कश्यप शुभ्रा
63.  त्रवाड़ी व्यास पाराशर तप्तेश्वरी
64.  असलाली पंड्या, जोशी भारद्वाज शुभ्रा
65.  खोखडू रावल, मेहता पाराशर उमा
66.  भालज व्यास भारद्वाज महालक्ष्मी
67.  पाठकाला पण्डित शाण्डिल्य महालक्ष्मी
68.  अंतरपुर मेहेता भारद्वाज महालक्ष्मी
69.  ऊटड़ी मेहेता भारद्वाज त्रसेश्वरी
70.  रगड़ी मेहेता, जोशी भारद्वाज अम्बा
71.  लिगरी जोशी भारद्वाज सिद्धेश्वरी
72.   रेवनपुर जोशी पाराशर सिद्धेश्वरी
73.   सोनरल पंड्या कश्यप उमा
74.  पाकला दवे भारद्वाज सिद्धेश्वरी
75.   कुकडु मेहेता भारद्वाज विघ्नहरी
76.   सिंहपूर रावल भारद्वाज क्षेमप्रदा
77.  उपलोट जोशी भारद्वाज उमा
78.   देहेगाम मेहेता भारद्वाज विघ्नहरी
79.   जिहवा जोशी भारद्वाज उमा
80.  टिटोड़ी रावल, जोशी भारद्वाज उमा
81.  घाड़सरी जोशी, रावल भारद्वाज उमा
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Sanjay Sharma
Sanjay Sharma is the founder and author of Mission Kuldevi inspired by his father Dr. Ramkumar Dadhich. Mission Kuldevi is trying to get information of all Kuldevi and Kuldevta of all societies on one platform.

254 thoughts on “औदीच्य ब्राह्मण समाज – इतिहास, गोत्र, कुलदेवियाँ Sahastra Audichya Brahmin

    1. मै शांडिय गोत्री सहस्र बड़ी ओडीच्य ब्राह्मिन वर्ग भट्ट हूँ मेरा वर्तमान निवास नन्दोड तहसील सागवाड़ा जिला डूंगरपुर हे
      हमारा उद्गम स्थल , कुलदेवी व देवता के बारे में बतावे
      साथ ही बताये की हमारी कुलदेवी कँहा पर हे

      1. मुझे भी यह खेद है कि इस पुरे इतिहास में भट्ट अटक का कहीं कुछ उल्लेख ही नहीं है। मैने औदिच्य ब्राह्मणों के गुजराती में लिखे ग्रंथ का और दुसरी किताबो को मुश्किल से पा कर यह ढूंढने की कोशिश की लेकिन कोई जानकारी हासिल नहीं हुई। जो कोई जानकारी देना चाहे कृपया मेरा ईस नंबर पर मिस्ड कॉल करने की बिनती करता हूँ। 9099958256 अगर कीसीको वह ग्रंथ की पीडीएफ फाइल चाहिए वह scribd. com से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

  1. आचार्य गौत्रभारद्वाज .गाँवअम्बासन कुल देवी मा अन्नपुर्ना है यह आपने जानकारी नही दी जो हमारा इतिहास है .हमारे गाँवमि भीहमारी कुल देवी अन पुर्ना का प्राचीन मंदिर है यह वागड banswara.केछींचमे है स्प श्स्ट जानकारी प्रदान करे.

  2. Odichya Brahman का उद्भव भी गुजरात से ही हुआ हे और अटक कुलदेवी का विवरण भी नागर बंधुओ की तरह ही हे।कुल देवता में हाटकेश्वर का कही उल्लेख नहीं दिखा मगर पिछले दिनों एक चार्ट प्राप्त हुआ था जिसमे इसे नागर से निकला भाग बताया था ।क्या इस बारे में कुछ प्रकाश डाल सकते हे

  3. भारद्वाज गोत्रीय मशालिया रावल की कुलदेवी विघ्नहरि माँ आद्यशक्ति है जो मोरबी हाईवे पर कनकावती गांव मैं स्थित है अहमदाबाद से सरखेज होकर राधनपुर मोरबी हाईवे पर होते हुए सोलर डी गांव से 20 किलोमीटर अंदर कनकावती गांव है वहां पर विघ्नहरी माँ आघ्यशक्ति अने रांदल माताजी का भव्य मंदिर है . अत्यधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें
    श्री नयन रावल 9941 3474 922

  4. रश्मिक व्यास (वोरा)
    सहस्त्र औदीच्य गोरवाल ब्राह्मण
    गोत्र- आत्रेय
    कृपया कुलदेवी और कुलदेवता दोनो बताएं।
    फिलहाल सुंधा पर्वत स्थित मां चामुंडा को कुलदेवी रूप में मां रहे हैं।

  5. ઔદિચ્ય બ્રાહ્મણ ઉતર પ્રદેશમાંથી ક્યા વિસ્તારમાંથી પધારેલા છે તે વિગત હોય અને દરેકના કુલદેવીના મંદિર ઉત્તર પ્રદેશમાં ક્યાં છે તે માહિતી હોય તો મુકશો .

    1. Dr.Chrudatt Yagnik, all Yagniks/ Jani are mostly from either Kanoda village near Chanasma or Ambasan village. Both can be reached from Mehasana. There are temples of Bahusmarna mataji over there. Over the period of time many Audichya Brahmins migrated to Zalavad region of Saurashtra and are known as Audichya Shahashtra Zalavadi Brahmins.They then established Bahusmarna Mata at Vadhvan (Dist.Surendranagar) so that they don’t have to go to as far as Kanoda. Both temples are worth visiting.

  6. मै औदीच्य सहस्त्र ब्राह्मण हु,और मैरा गौत्र गौतम है. मेरा नाम काका जीग्नेशकुमार सी.है..मेरे समाज मे हमारी कुलदेवी(शक्टाम्बीका माताजी) सिध्धपुर पाटण गाव पशवादल बताते हे. परंतु मे आप से हमारी कुलदेवी माताजी के बारेमे सही जानकारी और मार्गदर्शन लेना चाहता हुं.क्रृपा करके मुजे सही रास्ता बताए. मे सदा आपका आभारी रहुंगा . || हर हर महादेव || जय परशुराम || .

  7. ઔદિચ્ય બ્રાહ્મણ ઉતર પ્રદેશમાંથી ક્યા વિસ્તારમાંથી પધારેલા છે તે વિગત હોય અને દરેકના કુલદેવીના મંદિર ઉત્તર પ્રદેશમાં ક્યાં છે તે માહિતી હોય તો મુકશો .

  8. हम औदीच्य सहस्र ब्राह्मण है , हमारा सरनँम भट्ट है। क्रुपया हमारी कूलदेवी, मुलस्थान और हमारे गोत्र के बारेमे बताएगे।
    हम गुजरात के गांधीनगर जील्ले मै रहते है।

  9. मेरा नाम डॉ अमित पांडे फिलहाल रहना अमरावती महाराष्ट्र।

    जिल्हा दौसा राजस्थान।
    गोत्र अंगीरा
    कृपया हमारी कुलदेवी और देवता का स्थान बताएं।
    आपका सदा आभारी।

  10. જય માતાજી
    ખુબ સરી માહિતી છે.. ધન્યવાદ.
    ઠાકર કુકુઆવી /કુકમા ગામ કશ્યપ ગૌત્ર કુલદેવી ત્રિપુરા મા

    જો કૉઈ ના કુટુંબમાં ત્રિપુરા સુંદરી કુલદેવી હોઈ તો મહેરબાની કરી મારા નંબર પર વાત કરે માહિતી જોયે છે. 9824169592 જૂનાગઢ ગુજરાત

  11. भुपेनद्र मणिलाल पंडिया,गोत्र-कौशिक,औदिच्य झालावाडी ब्राह्मण ,(गुजरात) स्थाइ नासिक (महाराष्ट्र) कृपया हमारा प्रोपर गांव और हमारी कुलदेवीका नाम बताने का कष्ट करे।।शायद राजकोट के इधर हे ।।

  12. सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण व्यास कृपया कुलदेवी और कुलदेवता के बारे में में बतावें वर्तमान में जावरा के पास मां मट खेड़ा मैं कुल देवी की पूजा की जाती है हमारी गोत्र और जन्मस्थली के बारे में बताएं

  13. ऊपर दी गई जानकार वाकई में सराहनीय प्रयास है औदीच्य समाज के लिए। भट्ट भारद्वाज गौत्र की कुल देवी कोनसी है व कहा है।जानकारी देने की कृपा करें।

  14. અટક ઞિવેદી, ગોઞ દાલભ્યના કુળદેવી મહાગૌરી હોવા છતાંય હરસિધ્ધી દેવીની ઊપાસના કરવામાં આવે છે, અને મહાગૌરી દેવીની} ઊપાસના કરવામાં આવતી નથી, તો એમ કેમ ? જેથી સાચી માન્ય કુળદેવી મહાગૌરી માતા કે હરસિધ્ધી માતા તે સમજાતુ નથી, તો કોઈ સ્પષ્ટતા કરીને માહીતી આપશે, તો ઘણો જ આભારી થઇશ. બીજું કે મહાગૌરી માતાજીનું અસલ/મુળ સ્થાનક ક્યાં આવેલ છે, તે વિશેની આધારભૂત માહિતી કોઈની પાસે હોય તો, તે પણ મોકલાવી /મોકલી આપવા નમ્ર વિનંતી છે. મારો ફોન નંબર 09409319990 અને 09227730464 છે. મારૂ ઈમેલ આ મુજબ છે— hnt2547@outlook.com

  15. हमारी कुलदेवी उमा है गोत्र गौतम है और हम गुजरात के कांज गांव में हमारे पुवॅज आये थे लेकिन हम अंबे मां को अपनी कुलदेवी मानते हैं हमारा सरनेम ठाकर है हमे जानना है कि हमारी कुलदेवी कोन है कृपया बताने का कष्ट करें

  16. मैं दाल्भ्य गोत्रोत्पन्न हूँ…..भट्टवर्गीय हूँ…जिसका आपके परिश्रम पर तनिक भी इतिहास नहीं हूँ कृपा करके हमारा भी इतिहास उजागर करें…|
    धन्यवाद..!

  17. રાજેન્દ્ર જાની : ગામ કનોડા: કુળદેવી :બહુસ્મર્ણા : ગોત્ર ઉપમન્યુ : વેદ ર્ઋગ્વેદ : અટક જાની ( કનોડીયા)
    આપે ફક્ત ઉપાધ્યાય જ બતાવી છે પરંતુ કનોડા મા યાજ્ઞિક પણ હતા . યાજ્ઞિકનુ જાજ્ઞિક અને અંતે જાની થયુ.

  18. मै गुजरवाडा से कुत्सस गोत्रिय दवे हुं।
    हमारी कुलदेवी महिषासुरमर्दिनि है जो आपने यहां गलती से महिपानकरी बताया है।
    ये सुघारनेका कष्ट करे।

  19. आपने बताया की जो परिवार मारवाड़ गये। उनके बारे में भी अगर आपके पास कुछ जानकारी हो तो बताये।
    मैं आपको इनके गांव की बताता हूँ ।
    1,भन्दर (जिला-पाली)
    2,भाटुन्द (जिला-पाली)
    3,नोवी (जिला-पाली)
    4,गांथी-डायलाणा (जिला-पाली)
    5,सातपुर-मावलडायलाणा (जिला-सिरोही)

    9029877966

  20. मेरा नाम प्रभाकर माणिकराव कळपे (जोशी ) रा. महातपुरी ता.गंगाखेड जि परभणी है जमदग्नी गोत्र , और ( पद्मावती कुलदैवत पुस ता. अंबाजोगाई जि बीड ) हमारे कुलदैवत के बारे मे कोइ भी जानकारी नहीं है इसका मुल क्या है क्रपया जानकारी दें

  21. हम सागवाड़ा के पास है | हमे हमारी कूलदेवी का पता नहीं है |हमारे दादा से इतना मालूम है कि हमारा हॉल बावडी जो कडाणा मे डूब गया जिससे हमे हमारी कूलदेवी का पता नहीं है |क्योंकि हमारी अटक भट्ट लगी है गौत्र शाण्डिल्य है कृपया हमे हमारे पूर्वज के बारे मे बताये

  22. मैं शांडिल्य गोत्री सहस्र औदीच्य ब्राह्मण हू। मेरी वटक भट्ट है। कृपया हमारी कुलदेवी के नाम और स्थल के बारे में जानकारी देवे। किंवदंती अनुसार हमारी कुलदेवी सिद्धेश्वरी/सर्वसिद्धेश्वरी बताई जाती है। इसका कोई प्रमाण तो नही है पर क्या यह सही है। कृपया जानकारी देवे

  23. priy bandhuvar, jay govindmadhav, i am prahlad Vyas at Ratlam (M.P.) , ME AODHIYA (CHOTI SANBHA HU. GOTRA- BHARDWAJ HE. HAMARE DADÀJI JHALRAPATAN (RAJ.) SE (M.P.) SITAMOU STATE (OID) AYE THE.. OR ABHI VHA KE PAS KE GRAM TITROD ME NIWAS KARTE HE. PLEASE NOTE THAT, HAMARE KÙL DEVI AND KUL DEVTA KE BARE ME JANKARI DENE KI KRUPA KARE, AAPKE JAVAB KA INTAJAR RAHEGA. DHANYAVAD.

  24. નમસ્કાર હુ તપૉધન બ્રાહ્મણ છુ મારી અટક રાવલ છે . મારૂં ગોત્ર ભારદ્વાજ છે .હુ પાલનપુર નો રહેવાસી છુ મારૂં વતન જલોત્રા છે મને મારી કૂલદેવિ વિશે જ્ઞાન નથી .
    મારી કુલદેવિ અને મૂળ વતન વિશે જાણવા માગું છુ .

  25. ભટ્ટ અટક કદાચિત મહેતા માં થી વિભાજીત થઈ ને પડી હોઈ શકે, ભટ્ટ ના ભારદ્વાજ ગોત્ર વાળા ઓ એ કુળદેવી તરીકે બ્રહ્માણી માતા ને પુજવા જોઈએ.. જેના કાળીચૌદશ ના નૈવેદ્ય (નિવેદ) થાય છે. જેમા પરિવાર જનો ની સંખ્યા અનુસાર સવા કપ થી લઈ સવા શેર સુધી ના નિવેદ કરવા. નિવેદ ને જ્ઞાતિ સિવાય કોઈ ને ખવડાવવા નહીં. વધે તેને સૂર્યોદય પહેલાં ગાય ને ખવડાવી દેવા. કુલ 5 વસ્તુ ના નિવેદ છે.
    1. છુટીલાપસી
    2.લાડવા
    3.ખીર
    4 ખીચડી
    5 કરકરા લોટ ના વચ્ચે કાણું પાડેલા વડા
    તેમજ ચૌદશ ની સાંજે સુરાપુરા ને જુવારવા ના હોય છે. જેમા મીઠાભાત અને તલવટ બનાવી.. બાજોઠ પર લાલ કપડા પર થોડા ઘઉ મુકી દીવો અગરબતી કરી સુરાપુરા દાદા નુ સ્મરણ કરી નાળિયેર વધેરવુ. બાદ મા તલવટ અને મીઠા ભાત નો ભોગ ધરી પગે લાગવું.. જે મુશ્કેલી હોય તે દાદા ને જણાવી તેમા થી બહાર કાઢવા વિનવવુ.. તલવટ નો થોડો થોડો ભુક્કો ઘર મા ચારેબાજુ છાંટવો બાદ મા પ્રસાદ સૌ એ લેવો. પરિવાર સિવાય કોઈ ને આપવો નહીં. આ બધુ વિધાન ઘર ના પુરૂષો એ માથે પાગડી વીંટી કરવુ. જયા સુધી દિવો પ્રજ્વલિત હોય ત્યાં સુધી ઘર ની વહુ ઓ એ લાજ કાઢી રાખવી… અને અત્યંત આદર પુર્વક દાદા ને પ્રણામ કરી આશિર્વાદ મેળવવા.. સ્થાપન ના ઘઉ પક્ષી ઓ ને ચણ મા નાખી દેવા
    વિશેષ જાણકારી માટે
    જગદીશ ભટ્ટ
    9099958256
    નો સંપર્ક કરવા વિનંતી
    મહાદેવ હર… જય પરશુરામ

  26. ભારદ્વાજ ગોત્રી જાની ના કુળદેવી મા અન્નપૂર્ણા દેવી છે જેનુ મૂળ સ્થાન કાશી છે અને ગુજરાત મા અંબાસણ વાયા જોટાણા જી.મહેસાણા મા આવેલ છે અમે અંબાસણા જાની તરીકે ઓળખાયી છીએ

    1. मेरा गोत्र शाडींलय गोत्र हे
      गाव गोवाडी जिला डुगरपुर राजरस्थान
      हमारी कुलदेवी भेरव गणेश कोन कोन से हे
      कुलदेवी कहा हे
      mob 9821648281

  27. पौरबदर नी आसपास वसवाट करता अने बरडाई वाहमन तरीके पहचान धरावता बाहमन ना कुलदेवी विषे माहीती आपवा नम अपील
    हरहर महादेव
    आभार 9925219304 पे माहीती दीजिए

  28. I have doubt on background story of Patan king. He has called 1016 Bhrahmin for Pran Pratishtha of Shashtra shiv ling which are available at Patan in the form of Shashtra ling Lake. Bhrahmins were called from Kashi. King wants that all Bhrahmins stay at Gujarat only he distributes villages to them but 16 Bhramins not accepted it. Later they have accepted and king gave them villages in Khabhat district. Those 16 Bhramins are called TOLAK and rest 1000 are known as Audichya shashtra.

  29. Mahadev J koi ne temna kuldevi ni Mahiti joi ti hoy te maro cont. Kare bhai badha ne vinanti k koi pan pramaan Vina koi ne Pan kuldevi Mani no levay tamari Mul kuldevi sudhi pahochvu hoi to ek vaar aavashya malo samast Brahmano sharpit che koi ne itihasni jankari nathi aaje badha Brahman dukhi che vadva o.ni bhul ne Karan pedhi o puri thay gayi che satya svikaro mate malo MO. No. 9106358026 Jani dada Rajkot

  30. Mehul harshadray Bhatt. From Bhavnagar-Gujarat-Modh Chaturvedi Rajgor -Gotra:Jatush karna- Upar ke koi list me bhatt surname ka ullekh nahi he.. jo bahot dukh ki bat he… Muje Modh Chaturvedi Rajgor brahman ka etihas, Kis wansh se jude he,kahase aye the, Uparke list me bhatt surname kahipar bhi kyu nahi he and kuldevi ka name batane ki krupa kare….please….

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