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मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की कुलदेवियाँ Maidh Kshatriya Swarnkar Samaj Kuldevi List

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Gotra wise Kuldevi List of Maidh Kshatriya Swarnkar Samaj : मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की गोत्र के अनुसार कुलदेवियों का विवरण इस प्रकार है –  Kuldevi List of Maidh Kshatriya Swarnkar Samaj मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के गोत्र एवं कुलदेवियां  सं. कुलदेवी   उपासक सामाजिक गोत्र 1. अन्नपूर्णा माता खराड़ा, गंगसिया, चुवाणा, भढ़ाढरा, महीचाल,रावणसेरा, रुगलेचा। 2. अमणाय…

Rajput Samaj ki Kuldeviya

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Gotra wise Kuldevi List of Rajput Samaj: राजपूत शब्द संस्कृत शब्द ‘राजपुत्र’ का अपभ्रंश है। प्राचीन समय में भारत में वर्णव्यवस्था थी जिसे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र इन चार वर्णों में बांटा गया था। जब राजपूतकाल आया तब यह वर्णव्यवस्था समाप्त हो गई तथा इन वर्णों के स्थान पर कई जातियाँ व उपजातियाँ बन गई। गौरीशंकर…

Rawna Rajput History and Kuldevi

Rawna Rajput History | Kuldevi | Rajput Caste | रियासतकाल में राजा, राणा आदि शासकीय उपाधियों की तरह राव भी राजवर्गीय उपाधि थी। राव उपाधि से रावत, रावल, रावणा आदि कई जातियाँ बनीं। राव शब्द के साथ ‘णा’ प्रत्यय जुड़ने से (राव+णा) रावणा शब्द बना। रावणा-राजपूत-मीमांसा नामक पुस्तक में ठाकुर जयसिंह बघेला लिखते हैं –…

त्रागड सोनी ब्राह्मण समाज का इतिहास व कुलदेवी व्याघ्रेश्वरी माता Tragad Soni History

Tragad Brahmin | Tragad Soni History in Hindi | भगवती लक्ष्मी ने श्रीमालनगर का निर्माण कराकर वहाँ श्रीमाली ब्राह्मण बसाये। उन ब्राह्मणों की पत्नियों के लिए स्वर्णाभूषण बनाने के लिए त्रागड सोनी उत्पन्न किए। उनके लिए स्वर्णाभूषण की कला ही आजीविका का साधन बनी इसलिए वे कलाद भी कहलाए – देव्युवाच –        …

चितपावन समाज के गोत्र, प्रवर, उपनाम व कुलदेवियाँ Chitpavan Brahmin Gotra and Surnames List

Chitpavan Brahmin Samaj History in Hindi | Gotra List | Surnames List | Kuldevi and Kulswami | एक बार तीर्थ यात्रा के प्रसंग में  भगवान् परशुराम महाराष्ट्र में कोंकणक्षेत्र में चातुरंग पर्वत पर गए। उन्होंने वहाँ यज्ञ कराने के लिए ब्राह्मणों को आमंत्रित किया, किन्तु ब्राह्मण नहीं आए। तब परशुराम ने दिव्य प्रभाव से चितपावन…

अरोड़ा समाज की उत्पत्ति व इतिहास Arora Samaj History in Hindi

Arora samaj history in hindi | Kuldevi of Arora | Origin of Arora प्रसिद्ध साहित्यकार और इतिहासकार भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने खत्रियों की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए प्रसंगवश अरोड़ा समाज का भी उल्लेख करते हुए लिखा है- ‘भगवान् राम के पुत्र लव को लाहौर का राज्य उत्तराधिकार में मिला था। उनके कुल में कालराय नामक…

खत्री समाज का इतिहास Khatri Samaj History in Hindi

Khatri Samaj History in Hindi | Kuldevi of Khatri Samaj | सूर्यवंशोद्भवाः सन्ति क्षत्रिया खत्रिसंज्ञकाः।  वंशजा रामचन्द्रस्यायोध्याधीशस्य विश्रुताः।।  लाहौरनगरे राज्यं चकार लवसंज्ञकः। कसूरनगरे राज्यं कृतवान् कुश संज्ञकः।।  लवस्य वंशजः सोढीरायः वंशप्रवर्तकः।  सोढीसंज्ञकाः तस्य कुले जाताः प्रतापिनः।। गुरुगोविंदसिंहादि पूजनीयाः मनस्विनः।  कुशस्य वंशजा जाता वेदिनो वेद पारगाः।। गुरुनानकदेवादि ख्याता युग प्रवर्तकाः।  कुलदेवी हिंगलाजाख्या खत्री कुलसुपूजिता।।   खत्री (Khatri)…

खडायता ब्राह्मण व बनिया समाज के गोत्र व कुलदेवियाँ Khadayata Brahmin Samaj and Baniya Samaj

Khadayata Brahmin Samaj History in Hindi | Gotra List | Kuldevi List | Khadayata Vaishya | Khadayata Baniya | Khadayata Vipra खडायता ब्राह्मण समाज के गोत्र व कुलदेवियाँ (Khadayata Brahmin Samaj) गुजरात में साबरमती नदी के तट पर कोट्यर्क (कोटारकु) नामक सिद्धपीठ है। वहाँ अठारह ब्राह्मण नित्य नियम से आराधना करने लगे। ये ब्राह्मण खडायता कहलाए – ततः…

नागर वैश्य समाज की उत्पत्ति व इतिहास Nagar Vaishya / Baniya Samaj History in Hindi

Nagar Vaishya / Baniya Samaj History in Hindi : ब्राह्मणोत्पत्तिमार्तण्ड के अनुसार गुजरात के राजा सत्यसंघ ने गर्ततीर्थ के ब्राह्मणों को नागर ब्राह्मणों के निवास वाले बड़नगर में व्यापार की प्रेरणा दी थी। वे गर्ततीर्थ के ब्राह्मण उस नगर में वाणिज्य-व्यवसाय करने से नागर वैश्य कहलाए –     ततस्ते ब्राह्मणाः सर्वे गर्ततीर्थ समुद्भवाः।     सत्यसंघं…

नागर ब्राह्मण समाज की उत्पत्ति, इतिहास, गोत्र तथा कुलदेवता

Nagar Brahmin Samaj History Gotras in Hindi : नागर ब्राह्मण मुख्यतः गुजरात में निवास करते हैं, परन्तु राजस्थान, मालवा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, पंजाब, हरयाणा, हिमाचल प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल तथा कर्नाटक में भी मिलते हैं। माना जाता है कि नागर, ब्राह्मणों के सबसे पुराने समूह में से एक है। कुछ इतिहासकारों का दावा है…

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