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कुलबी / पटेल समाज की कुलदेवियां | Kalbi / Patel / Anjana / Patidar Samaj ki Kuldeviya

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Kalbi / Kulbi / Patel / Anjana Samaj : कलबी या पटेल समाज के लोग राजस्थान, गुजरात एवं मध्यप्रदेश में बहुतायत से निवास करते हैं। इन्हें कलबी/Kalbi / Kulbi, कणवी/Kanvi, कुलूम्बी/Kulumbi आंजणा / Anjana आदि नामों से भी पुकारा जाता है। इन्हें गुजरात में पाटीदार / Patidar तथा मारवाड़ में पटेल / Patel

सनाढ्य ब्राह्मण समाज का परिचय व इतिहास | Sanadhya Brahmin History, Gotra

Sanadhya Brahmin

Sanadhya Brahmin History in Hindi : 'सनाढ्य' में 'सन्' तप वाचक है। अर्थात तप द्वारा जिनका पाप दूर हो गया है वे सनाढ्य ब्राह्मण कहे जाते हैं। इनका उद्भव आदिगौड़ ब्राह्मणों से ही हुआ है। सनाढ्य ब्राह्मण कान्यकुब्ज ब्राह्मणों की चौथी शाखा है। अतः इनका वर्णन भी पंचगौड़ ब्राह्मणों के

उत्कल ब्राह्मणों का परिचय व इतिहास Utkala Brahmin History, Gotra, Shakha

Utkala Brahmin History in Hindi : उत्कल का शाब्दिक अर्थ है '' कला में श्रेष्ठ'' ।  जो लोग जाति से ब्राह्मण थे और कला में सर्वश्रेष्ठ थे वे उत्कल ब्राह्मण के रूप में जाने जाते थे। अब उत्कल ब्राह्मण ओडिशा और इसके पड़ोसी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश

औदीच्य ब्राह्मण समाज – इतिहास, गोत्र, कुलदेवियाँ Sahastra Audichya Brahmin

उदीचि का अर्थ होता है 'उत्तर'। 'उदीचि' शब्द से ही औदीच्य बना है। उत्तर दिशा से सिद्धपुर क्षेत्र में आने वाले ब्राह्मण औदीच्य कहलाये। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); औदीच्य ब्राह्मण समाज का इतिहास (History of Audichya Sahastra Brahmin Samaj) ब्राह्मणोत्पत्तिमार्तण्ड नामक ग्रंथ में सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज का इतिहास

Gotra, Kuldevi List of Kayastha Samaj कायस्थ जाति के गोत्र व कुलदेवियां

Gotra wise Kuldevi List of Kayastha Samaj : कायस्थ जाति का वर्णन चातुर्वर्ण व्यवस्था में नहीं आता है। इस कारण विभिन्न उच्च न्यायालयों ने इनको विभिन्न वर्णों में बताया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल के कायस्थों को शूद्र बतलाया तो पटना व इलाहाबाद के उच्च न्यायालयों ने इन्हें द्विजों

मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की कुलदेवियाँ Maidh Kshatriya Swarnkar Samaj Kuldevi List

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Gotra wise Kuldevi List of Maidh Kshatriya Swarnkar Samaj : मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की गोत्र के अनुसार कुलदेवियों का विवरण इस प्रकार है - (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});  Kuldevi List of Maidh Kshatriya Swarnkar Samaj मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के गोत्र एवं कुलदेवियां  सं. कुलदेवी   उपासक सामाजिक गोत्र 1. अन्नपूर्णा माता खराड़ा,

Rajput Samaj ki Kuldeviya

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Gotra wise Kuldevi List of Rajput Samaj: राजपूत शब्द संस्कृत शब्द 'राजपुत्र' का अपभ्रंश है। प्राचीन समय में भारत में वर्णव्यवस्था थी जिसे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र इन चार वर्णों में बांटा गया था। जब राजपूतकाल आया तब यह वर्णव्यवस्था समाप्त हो गई तथा इन वर्णों के स्थान पर कई

Rawna Rajput History and Kuldevi

Rawna Rajput History | Kuldevi | Rajput Caste | रियासतकाल में राजा, राणा आदि शासकीय उपाधियों की तरह राव भी राजवर्गीय उपाधि थी। राव उपाधि से रावत, रावल, रावणा आदि कई जातियाँ बनीं। राव शब्द के साथ 'णा' प्रत्यय जुड़ने से (राव+णा) रावणा शब्द बना। रावणा-राजपूत-मीमांसा नामक पुस्तक में ठाकुर जयसिंह

त्रागड सोनी ब्राह्मण समाज का इतिहास व कुलदेवी व्याघ्रेश्वरी माता Tragad Soni History

Tragad Brahmin | Tragad Soni History in Hindi | भगवती लक्ष्मी ने श्रीमालनगर का निर्माण कराकर वहाँ श्रीमाली ब्राह्मण बसाये। उन ब्राह्मणों की पत्नियों के लिए स्वर्णाभूषण बनाने के लिए त्रागड सोनी उत्पन्न किए। उनके लिए स्वर्णाभूषण की कला ही आजीविका का साधन बनी इसलिए वे कलाद भी कहलाए - देव्युवाच -    

चितपावन समाज के गोत्र, प्रवर, उपनाम व कुलदेवियाँ Chitpavan Brahmin Gotra and Surnames List

Chitpavan Brahmin Samaj History in Hindi | Gotra List | Surnames List | Kuldevi and Kulswami | (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); एक बार तीर्थ यात्रा के प्रसंग में  भगवान् परशुराम महाराष्ट्र में कोंकणक्षेत्र में चातुरंग पर्वत पर गए। उन्होंने वहाँ यज्ञ कराने के लिए ब्राह्मणों को

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