नवरात्रि विशेष : माँ नवदुर्गा का चौथा रूप हैं देवी कूष्माण्डा; कथा मंत्र व आरती

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Kushmanda the Fourth form of Goddess Durga History, Kavach, Aarti, Puja Vidhi, Stotra in Hindi: भगवती दुर्गा के चौथे स्वरूप का नाम कूष्माण्डा है। “कुत्सित: कूष्मा कूष्मा-त्रिविधतापयुत: संसार:, स अण्डे मांसपेश्यामुदररूपायां यस्या: सा कूष्मांडा “।  अर्थात वह देवी जिनके  उदर में त्रिविध तापयुक्त संसार स्थित है वह कूष्माण्डा हैं। देवी कूष्माण्डा इस चराचार जगत की अधिष्ठात्री हैं। अपनी … Read more

नवरात्रि विशेष : माँ नवदुर्गा का पाँचवा रूप हैं देवी स्कन्दमाता; कथा मंत्र व आरती

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Skanda Mata the Fifth form of Goddess Durga History, Kavach, Aarti, Puja Vidhi, Stotra in Hindi: भगवती दुर्गा के पाँचवे स्वरुप को स्कन्दमाता के रुप में पूजा जाता है। भगवान स्कन्द अर्थात् कार्तिकेय की माता होने के कारण इन्हें स्कन्द माता कहते हैं। नवरात्रि पूजन के पाँचवे दिन इन्ही माता की उपासना की जाती है। मां की उपासना के … Read more

नवरात्रि विशेष : माँ नवदुर्गा का छठा रूप हैं देवी कात्यायनी; कथा मंत्र व आरती

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Katyayani the Sixth form of Goddess Durga History, Kavach, Aarti, Puja Vidhi, Stotra in Hindi: भगवती दुर्गा के छठें रूप का नाम कात्यायनी है। देवी कात्यायनी महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनके घर पुत्री के रूप में उत्पन्न हुई थी। आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को जन्म लेकर शुक्ल सप्तमी, अष्टमी तथा नवमी तक … Read more

नवरात्रि विशेष : माँ नवदुर्गा का सातवाँ रूप हैं देवी कालरात्रि; कथा मंत्र व आरती

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Kalratri the Seventh form of Goddess Durga History, Kavach, Aarti,in Hindi: माँ दुर्गा जी की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है। दुर्गा सप्तशती के प्रधानिक रहस्य में बताया गया है कि जब देवी ने इस सृष्टि का निर्माण शुरू किया और ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश का प्रकटीकरण हुआ उससे पहले देवी ने अपने … Read more

नवरात्रि विशेष : माँ नवदुर्गा का आठवाँ रूप हैं देवी महागौरी; कथा मंत्र व आरती

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Mahagauri the Eighth form of Goddess Durga History, Aarti, Puja Vidhi, in Hindi: माँ दुर्गा जी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है।  महागौरी आदी शक्ति हैं इनके तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाश-मान होता है।  इनकी शक्ति अमोघ फलदायिनी हैम माँ महागौरी की अराधना … Read more

देवी सिद्धिदात्री : माँ नवदुर्गा का नवां रूप ; कथा मंत्र व आरती

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Siddhidatri the Ninth form of Goddess Durga History in Hindi: माँ दुर्गा अपने नौवें स्वरूप में सिद्धिदात्री के नाम से जानी जाती है। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। नवमी के दिन सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है।  दुर्गा मईया जगत … Read more

माँ दधिमथी की आरती | Jai Jai Janak Sunandini Aarti Lyrics

जय जय जनकसुनन्दिनी, हरिवन्दिनी हे। दुष्टनिकन्दिनी मात, जय जय विष्णुप्रिये।। Jai Jai Janak Sunandini, Harivandini Hey. Dushta Nikandini Maat, Jai Jai Vishnu Priye. सकल मनोरथ दोहनी, जगसोहिनी हे। पशुपतिमोहिनी मात, जय जय विष्णुप्रिये।। Sakal Manorath Dohani, Jag Sohini Hey.Pashupati Mohini Maat, Jai Jai Vishnu Priye. विकट निशाचर कुंथिनी, दधिमंथिनी हे। त्रिभुवन ग्रंथिनी मात, जय जय … Read more

महर्षि गर्ग जयंती विशेष : महर्षि गर्गाचार्य जी का परिचय, ध्यान, 108 नामावली, पूजा, आरती

     विनोद शर्मा  कृष्णगौड़ ब्राह्मण सेवा समिति, जयपुर  द्वारा प्रेषित आलेख  महर्षि गर्गाचार्य जी का परिचय महर्षि गर्ग अंगिरस गौत्र में उत्पन्न एक परमश्रेष्ठ मंत्र दृष्टा ऋषि है। ऋग्वेद के 6/47 सूक्त के मंत्र रचियता महर्षि गर्गाचार्य जी है। वे महान शिव भक्त रहे है, भगवान शिव ने स्वयं इन्हें अपना परम शिष्य बताया है। … Read more

गर्गवंशी कृष्ण गौड़ ब्राह्मणों की आराध्य देवी विंध्याचल वासिनी की कथा | Vindhyachal Vasini Devi Katha

     विनोद शर्मा  कृष्णगौड़ ब्राह्मण सेवा समिति, जयपुर  द्वारा प्रेषित आलेख  माँ विंध्यवासिनी  भगवती अम्बिका नित्य स्वरूपिणी है। सत, चित और आनंदमय उनका श्री विग्रह है। वे सर्वोपरी है। यह चराचर जगत उनके ओतप्रेत है। उन्ही की आराधना के प्रभाव से ब्रह्माजी इस चराचर जगत की रचना करते है। भगवान विष्णु इस जगत का सरंक्षण … Read more

kokila vrat 2020: जानिए इस व्रत का महत्त्व, कथा, पूजा विधि व मुहूर्त

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कोकिला व्रत :-         हिन्दू धर्म में अनेक त्योंहार आते हैं। जिनमे से एक है कोकिला व्रत ()। यह व्रत आषाढ़ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। कोकिला व्रत माँ पार्वती और भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। यह व्रत ईश्वर के प्रति समर्पण व्यक्त करने का एक उचित साधन है। इस व्रत में … Read more

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