देवी माँ ने क्यों लिया भ्रामरी देवी और शाकम्भरी माता का अवतार ?

bhramari-devi-and-shakambhari-mata

Bhramari Devi and Shakambhari Mata Avtar story in Hindi : माँ जगदम्बा ने समय-समय पर जगत के कल्याण के लिए कई अवतार लिए।  उन अवतारों को लोक में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।  देवी माँ के कुछ अवतारों को कुलदेवियों  के रूप में स्वीकार किया गया।  ऐसे ही अवतारों में से दो अवतारों के … Read more देवी माँ ने क्यों लिया भ्रामरी देवी और शाकम्भरी माता का अवतार ?

मैहर देवी : माँ शारदा का एकमात्र मंदिर, आज भी आते हैं आल्हा और उदल

Sharda Devi Temple Maihar History and Alha Udal Story in Hindi : मध्य प्रदेश के सतना जिले की मैहर तहसील के समीप त्रिकूट पर्वत पर स्थित है माता मैहर देवी का मंदिर।  मैहर का अर्थ है माँ का हार। इस मन्दिर में विराजमान देवी की प्रतिमा माँ शारदा की है जिसे मैहर देवी के नाम से पुकारा … Read more मैहर देवी : माँ शारदा का एकमात्र मंदिर, आज भी आते हैं आल्हा और उदल

लिंगई माता: यहाँ लिंग के रूप में होती है देवी की पूजा

Lingai Mata Temple Chhattisgarh Story in Hindi : छत्तीसगढ़ के अलोर ग्राम में देवी का एक अनोखा मन्दिर विद्यमान है।  इस मन्दिर में देवी की पूजा लिंग के रूप में होती है। या यों कहें कि यह ऐसा शिवलिंग है जो देवी के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर में देवी की पूजा लिंग रूप में … Read more लिंगई माता: यहाँ लिंग के रूप में होती है देवी की पूजा

सिमसा माता मन्दिर- जहां फर्श पर सोने से नि:संतान महिलाओं को मिलती है संतान

Simsa Mata Temple  Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के लड़-भड़ोल तहसील के सिमस नामक खूबसूरत स्थान पर स्थित है सिमसा माता का प्रसिद्ध मन्दिर। इस देवी धाम का चमत्कार यह है कि यहाँ देवी निःसंतान महिलाओं की सूनी गोद भर देती हैं। देवी सिमसा को संतान-दात्री के नाम से भी जाना जाता … Read more सिमसा माता मन्दिर- जहां फर्श पर सोने से नि:संतान महिलाओं को मिलती है संतान

तरकुलहा देवी – यहाँ क्रांतिकारी बाबू बंधु सिंह ने दी थी कई अंग्रेजों की बलि

Tarkulha Devi Temple Gorakhpur History in Hindi : गोरखपुर से लगभग 20 किमी. तथा चौरी-चौरा से 5 किमी. की दूरी पर स्थित है देवी तरकुलहा माता का मन्दिर। तरकुल अर्थात ताड़ के पेड़ के नीचे स्थापित होने से यह देवी तरकुलहा कहलाई। यह मन्दिर अपने भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।  इसका सर्वाधिक महत्त्व यह है … Read more तरकुलहा देवी – यहाँ क्रांतिकारी बाबू बंधु सिंह ने दी थी कई अंग्रेजों की बलि

गड़ियाघाट माताजी – यहाँ पानी से जलता है दीपक

Gadiyaghat Mata Temple History in Hindi : जहाँ आस्था गहरी हो वहाँ चमत्कार दिखाई दे ही जाते हैं। चमत्कार भी ऐसे कि जो कल्पना से भी परे हो। और ऐसे चमत्कार दिखाई देने  पर हमारी आस्था और भी अधिक गहरी हो जाती है। आज हम एक ऐसे ही चमत्कारी धाम की बात कर रहे हैं। … Read more गड़ियाघाट माताजी – यहाँ पानी से जलता है दीपक

जानिए कैसे पड़ा माता शक्ति का नाम दुर्गा ?

durga-mata

How Goddess got her name Durga : पुरातन काल में दुर्गम नामक दैत्य ने स्वर्गलोक में भारी हाहाकार मचा रखी थी। उसने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न कर सभी वेदों को अपने वश में कर लिया था  जिससे देवताओं का बल क्षीण हो गया। दैत्यराज दुर्गम ने देवताओं को परास्त करके स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया। तब देवताओं को देवी … Read more जानिए कैसे पड़ा माता शक्ति का नाम दुर्गा ?

जीजी बाई – अनोखा मन्दिर जहाँ मां दुर्गा को चढ़ती है चप्पल और सैंडिल

Jiji Bai Mata Mandir Bhopal Story in Hindi : सचमुच हमारा देश भारत विविधताओं का देश है।  यूं तो हम भगवान अथवा देवी-देवता के आसपास चप्पल-जूते कभी नहीं रखते लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है जहां मां दुर्गा काे नयी चप्पल या सैंडिल चढ़ाई जाती है। जी हाँ,  यह सच है। यह मंदिर है मध्यप्रदेश की … Read more जीजी बाई – अनोखा मन्दिर जहाँ मां दुर्गा को चढ़ती है चप्पल और सैंडिल

घंटियाली माता जैसलमेर – पाकिस्तानी सैनिकों को माँ ने दिया मृत्यु-दण्ड

ghantiyali-mata

Ghantiyali Mata Temple History in Hindi : यह मन्दिर तन्नोट से 5 कि.मी. की दूरी पर दक्षिण-पूर्व में स्थित है । ऐसी मान्यता है कि स्वांगियां देवी ने तन्नोट से लौटते समय यहाँ घंटिया नामक दैत्य का वध किया था । उसके नाम से यहाँ बनाया गया मन्दिर घंटियाली राय का मन्दिर कहलाया । जब मातेश्वरी तनोट से … Read more घंटियाली माता जैसलमेर – पाकिस्तानी सैनिकों को माँ ने दिया मृत्यु-दण्ड

स्वांगिया माता / आवड़ माता / तन्नोट माता का इतिहास

avad-mataji

Swangiya Mata / Aavad Mata History in Hindi : देवी स्वांगिया का इतिहास बहुत पुराना है। भगवती आवड़ के पूर्वज सिन्ध में निवास करने वाले सउवा शाखा के चारण थे जो गायें पालते और घी व घोडों का व्यापार करते थे। मांड प्रदेश के चेलक गांव में चेला नामक एक चारण आकर रहा। उसके वंश में मामड़िया चारण … Read more स्वांगिया माता / आवड़ माता / तन्नोट माता का इतिहास

This site is protected by wp-copyrightpro.com