सिमसा माता मन्दिर- जहां फर्श पर सोने से नि:संतान महिलाओं को मिलती है संतान

Simsa Mata Temple  Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के लड़-भड़ोल तहसील के सिमस नामक खूबसूरत स्थान पर स्थित है सिमसा माता का प्रसिद्ध मन्दिर। इस देवी धाम का चमत्कार यह है कि यहाँ देवी निःसंतान महिलाओं की सूनी गोद भर देती हैं। देवी सिमसा को संतान-दात्री के नाम से भी जाना जाता … Read more

तरकुलहा देवी – यहाँ क्रांतिकारी बाबू बंधु सिंह ने दी थी कई अंग्रेजों की बलि

Tarkulha Devi Temple Gorakhpur History in Hindi : गोरखपुर से लगभग 20 किमी. तथा चौरी-चौरा से 5 किमी. की दूरी पर स्थित है देवी तरकुलहा माता का मन्दिर। तरकुल अर्थात ताड़ के पेड़ के नीचे स्थापित होने से यह देवी तरकुलहा कहलाई। यह मन्दिर अपने भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।  इसका सर्वाधिक महत्त्व यह है … Read more

गड़ियाघाट माताजी – यहाँ पानी से जलता है दीपक

Gadiyaghat Mata Temple History in Hindi : जहाँ आस्था गहरी हो वहाँ चमत्कार दिखाई दे ही जाते हैं। चमत्कार भी ऐसे कि जो कल्पना से भी परे हो। और ऐसे चमत्कार दिखाई देने  पर हमारी आस्था और भी अधिक गहरी हो जाती है। आज हम एक ऐसे ही चमत्कारी धाम की बात कर रहे हैं। … Read more

जानिए कैसे पड़ा माता शक्ति का नाम दुर्गा ?

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How Goddess got her name Durga : पुरातन काल में दुर्गम नामक दैत्य ने स्वर्गलोक में भारी हाहाकार मचा रखी थी। उसने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न कर सभी वेदों को अपने वश में कर लिया था  जिससे देवताओं का बल क्षीण हो गया। दैत्यराज दुर्गम ने देवताओं को परास्त करके स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया। तब देवताओं को देवी … Read more

जीजी बाई – अनोखा मन्दिर जहाँ मां दुर्गा को चढ़ती है चप्पल और सैंडिल

Jiji Bai Mata Mandir Bhopal Story in Hindi : सचमुच हमारा देश भारत विविधताओं का देश है।  यूं तो हम भगवान अथवा देवी-देवता के आसपास चप्पल-जूते कभी नहीं रखते लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है जहां मां दुर्गा काे नयी चप्पल या सैंडिल चढ़ाई जाती है। जी हाँ,  यह सच है। यह मंदिर है मध्यप्रदेश की … Read more

घंटियाली माता जैसलमेर – पाकिस्तानी सैनिकों को माँ ने दिया मृत्यु-दण्ड

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Ghantiyali Mata Temple History in Hindi : यह मन्दिर तन्नोट से 5 कि.मी. की दूरी पर दक्षिण-पूर्व में स्थित है । ऐसी मान्यता है कि स्वांगियां देवी ने तन्नोट से लौटते समय यहाँ घंटिया नामक दैत्य का वध किया था । उसके नाम से यहाँ बनाया गया मन्दिर घंटियाली राय का मन्दिर कहलाया । जब मातेश्वरी तनोट से … Read more

स्वांगिया माता / आवड़ माता / तन्नोट माता का इतिहास

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Swangiya Mata / Aavad Mata History in Hindi : देवी स्वांगिया का इतिहास बहुत पुराना है। भगवती आवड़ के पूर्वज सिन्ध में निवास करने वाले सउवा शाखा के चारण थे जो गायें पालते और घी व घोडों का व्यापार करते थे। मांड प्रदेश के चेलक गांव में चेला नामक एक चारण आकर रहा। उसके वंश में मामड़िया चारण … Read more

तनोट माता मंदिर जैसलमेर– जहां पाकिस्तान के 3000 बम हुए बेअसर

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तन्नोटराय का मन्दिर (Tanot Mata Temple Jaisalmer)  Tanot Mata Temple Jaisalmer History in Hindi : आठवीं शताब्दी के उतरार्द्ध में भाटी तणु राव ने तन्नोट में देवी स्वांगियां का मन्दिर बनवाया। यहाँ पर सैंकड़ों वर्षों से अखण्ड ज्योति आज भी प्रज्वलित है। तणु राव के नाम पर ही देवी स्वांगियां को ‘तणुटिया’ ‘तन्नोट’ राय देवी के नाम से … Read more

श्री देगराय मन्दिर जैसलमेर – रात को सुनाई देती है नगाड़ों की आवाजें

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Shri Degrai Temple History in Hindi : यह मन्दिर जैसलमेर से पूर्व दिशा में 50 कि.मी. की दूरी पर देगराय जलाशय (देवीकोट-फलसूंड मार्ग) पर बना हुआ है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ पर बुगा सेलावत की भैंसे चरा करती थी। भैंसो के झुण्ड में एक दैत्य छिपकर रहता था। देवी स्वांगियां के आदेश से बहादरिया … Read more

श्री काले डूंगरराय मन्दिर

Shri Kale Dungar Rai Temple History in Hindi : आवड़ माता का यह मन्दिर जैसलमेर से 25 कि.मी. दूर हाढा के पास काले रंग की पहाड़ी पर बना हुआ है। मांड प्रदेश की भाषा में पहाड़ी को डूंगर कहते हैं इसलिए यहाँ मंदिर काला डूंगरराय का मंदिर कहलाता है और आवड़ आदि देवियां डूंगरेचियां कहलाई। सिंध … Read more

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