लोधा जाति का इतिहास, खांप व कुलदेवी | Lodha Caste History Kuldevi Khap Gharane

परिचय  लोधा अपने को यदुवंशी बतलाते हैं। इनकी ख्यातों के अनुसार ये भुवनपाल यादव के द्वितीय पुत्र सामंत के वंशज हैं जिसने लुधियाना बसाया था। तब से ही यह लोधा कहलाने लगे। लोधी (या लोधा, लोध) भारत में पायी जाने वाली एक किसान जाति है। ये मध्य प्रदेश में बहुतायत में पाये जाते हैं, जहाँ यह लोग उत्तर प्रदेश से … Read more

Devra Chauhan Rajput Vansh History Khap Thikane

देवड़ा, चौहान राजवंश की एक प्रसिद्ध खांप है | राजतरंगिणी (1205 वि.) ज्ञात होता है कि 1205 वि. से पूर्व ही 36 राजपूत राजवंश बन चुके थे | उस समय देवड़ा चौहानों की उत्पत्ति हो चुकी थी और भीनमाल पर उनका स्वतंत्र राज्य हो चुका था | चौहानों की खांप होने के बावजूद भी देवड़ा … Read more

चौहान वंश का इतिहास, शाखायें, ठिकाने व कुलदेवी | Chauhan Rajput Vansh History in Hindi |Kuldevi

चौहान वंश का परिचय  Chauhan Vansh in Hindi: चौहान वंश, जिसे चौहान राजवंश के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रमुख राजपूत वंश है जिसने उत्तरी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों पर चार शताब्दियों तक शासन किया। अपने सैन्य कौशल के लिए प्रसिद्ध इस शक्तिशाली राजवंश ने भारतीय इतिहास और संस्कृति पर स्थायी … Read more

प्रजापति / कुम्हार समाज का परिचय, इतिहास, शाखायें व कुलदेवी श्रीयादे माता | Prajapati Samaj Kuldevi | Shriyade Mata | Kumhar Caste History in Hindi

परिचय :- Prajapati Samaj | Kumhar caste history in hindi : कुम्हार शब्द का जन्म संस्कृत भाषा के ‘कुम्भकार’ शब्द से हुआ है | जिसका अर्थ है -मिट्टी का बर्तन बाने वाला | द्रविड़ भाषाओं में भी कुम्भकार शब्द का यही अर्थ है | कुम्हारों का दुसरा नाम प्रजापत भी है | “भांडे” शब्द का प्रयोग भी … Read more

यदु वंश /यादवों का इतिहास, शाखायें व कुलदेवी | History of Yadu Vansh | Yadav Samaj ka Itihas | Khaanp | Kuldevi

यदुवंश का परिचय व इतिहास  भारत की समस्त जातियों में यदुवंश बहुत प्रसिद्ध है | माना जाता है कि इस वंश की उत्पत्ति श्रीकृष्ण के चन्द्रवंश से हुई है। यदु को सामान्यतः जदु भी कहते हैं तथा ये पूरे भारत में बसे हुए हैं। श्रीकृष्ण के पुत्रों प्रद्युम्न तथा साम्ब के ही वंशज यादव कहलाये। इन्हीं के वंशज … Read more

गहलोत वंश का परिचय, इतिहास और कुलदेवी बाणमाता |Guhilot / Gahlot History|Kuldevi

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गुहिलोत वंश का इतिहास  |History of Guhilot Vansh: भगवान राम के असली वंशधर  Guhilot / Gahlot / गुहिलोत / गहलोत : इस वंश के स्वामी और छत्तीस कुल के भूषण, सूर्यवंशी महाराणा चित्तौड़ाधीश हैं, यह रामचन्द्र जी के असली वंशधर माने जाते हैं, सूर्यवंशी अंतिम राजा सुमित्र से इनका सम्बन्ध है, इनके कुल का विस्तार से … Read more

इस दुर्लभ स्तुति से होंगी महालक्ष्मी प्रसन्न | SHREE MAHALAKSHMI STOTRA | STUTI | AYI MAHALAKSHMI VIPATTI NIVARINI

#Shree#Mahalakshmi#Stuti#Stotra भगवती महालक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय। .. इस दुर्लभ श्री महालक्ष्मी स्तुति को सुनिए और साथ-साथ पाठ करिये। जय माँ महालक्ष्मी … Shree Mahalakshmi Stotra | महालक्ष्मी स्तोत्र : (सर्वाधिकार सुरक्षित) अयि महालक्ष्मि विपत्ति निवारिणि दैन्यविदारिणि विश्वनुते, प्रेमानन्दसुधारसभासिनि भक्तिप्रकाशिनि प्रीतिभरे | ऋषिमुनिहृदयागारनिवासिनि नीतिविकासिनि तापहरे, जय जय हे भगवति जगदीश्वरि श्रीः परमेश्वरि … Read more

कुलबी / पटेल समाज की कुलदेवियां | Kalbi / Patel / Anjana / Patidar Samaj ki Kuldeviya

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Kalbi / Kulbi / Patel / Anjana Samaj : कलबी या पटेल समाज के लोग राजस्थान, गुजरात एवं मध्यप्रदेश में बहुतायत से निवास करते हैं। इन्हें कलबी/Kalbi / Kulbi, कणवी/Kanvi, कुलूम्बी/Kulumbi आंजणा / Anjana आदि नामों से भी पुकारा जाता है। इन्हें गुजरात में पाटीदार / Patidar तथा मारवाड़ में पटेल / Patel कहा जाता है। कुलबी / … Read more

सीरवी समाज की कुलदेवियाँ | Seervi Samaj ki Kuldevi

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Seervi Samaj ka Itihas : सीर का अर्थ खेती होता है इसलिए अच्छी कृषि करने वाले राजपूत ‘सीरवी’ कहलाने लगे। सीरवी जाति का मुख्य व्यवसाय काश्तकारी है।    इनमें दो वर्ग हैं – १. जणवा और २. खारड़िया। इनमें जणवा अपनी उत्पत्ति गौतम ऋषि के शिष्य विजयराज से बताते हैं। विजयराज ने पाली के पुरोहित सोमनाथ … Read more

महाशिवरात्रि व्रत विधि, कथा व आरती : Mahashivratri Vrat Katha Vidhi Aarti

Mahashivratri Vrat 2019 : महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। महाशिवरात्र‍ि का पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। वैसे तो प्रत्येक माह में एक शिवरात्र‍ि होती है, परंतु फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी को आने वाली इस शिवरात्र‍ि का अत्यंत महत्व है, इसलिए इसे महाशिवरात्र‍ि कहा … Read more

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