घंटियाली माता जैसलमेर – पाकिस्तानी सैनिकों को माँ ने दिया मृत्यु-दण्ड

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Ghantiyali Mata Temple History in Hindi : यह मन्दिर तन्नोट से 5 कि.मी. की दूरी पर दक्षिण-पूर्व में स्थित है । ऐसी मान्यता है कि स्वांगियां देवी ने तन्नोट से लौटते समय यहाँ घंटिया नामक दैत्य का वध किया था । उसके नाम से यहाँ बनाया गया मन्दिर घंटियाली राय का मन्दिर कहलाया । जब मातेश्वरी तनोट से … Read more

स्वांगिया माता / आवड़ माता / तन्नोट माता का इतिहास

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Swangiya Mata / Aavad Mata History in Hindi : देवी स्वांगिया का इतिहास बहुत पुराना है। भगवती आवड़ के पूर्वज सिन्ध में निवास करने वाले सउवा शाखा के चारण थे जो गायें पालते और घी व घोडों का व्यापार करते थे। मांड प्रदेश के चेलक गांव में चेला नामक एक चारण आकर रहा। उसके वंश में मामड़िया चारण … Read more

तनोट माता मंदिर जैसलमेर– जहां पाकिस्तान के 3000 बम हुए बेअसर

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तन्नोटराय का मन्दिर (Tanot Mata Temple Jaisalmer)  Tanot Mata Temple Jaisalmer History in Hindi : आठवीं शताब्दी के उतरार्द्ध में भाटी तणु राव ने तन्नोट में देवी स्वांगियां का मन्दिर बनवाया। यहाँ पर सैंकड़ों वर्षों से अखण्ड ज्योति आज भी प्रज्वलित है। तणु राव के नाम पर ही देवी स्वांगियां को ‘तणुटिया’ ‘तन्नोट’ राय देवी के नाम से … Read more

श्री देगराय मन्दिर जैसलमेर – रात को सुनाई देती है नगाड़ों की आवाजें

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Shri Degrai Temple History in Hindi : यह मन्दिर जैसलमेर से पूर्व दिशा में 50 कि.मी. की दूरी पर देगराय जलाशय (देवीकोट-फलसूंड मार्ग) पर बना हुआ है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ पर बुगा सेलावत की भैंसे चरा करती थी। भैंसो के झुण्ड में एक दैत्य छिपकर रहता था। देवी स्वांगियां के आदेश से बहादरिया … Read more

श्री काले डूंगरराय मन्दिर

Shri Kale Dungar Rai Temple History in Hindi : आवड़ माता का यह मन्दिर जैसलमेर से 25 कि.मी. दूर हाढा के पास काले रंग की पहाड़ी पर बना हुआ है। मांड प्रदेश की भाषा में पहाड़ी को डूंगर कहते हैं इसलिए यहाँ मंदिर काला डूंगरराय का मंदिर कहलाता है और आवड़ आदि देवियां डूंगरेचियां कहलाई। सिंध … Read more

स्वांगिया माता गजरूप सागर मन्दिर

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Gajrup Sagar Temple Aavad Mata History in Hindi : जैसलमेर से 4 कि.मी. पूर्व की तरफ गजरूप सागर तालाब के पास समतल पहाड़ी पर देवी स्वांगियां का मन्दिर बना हुआ है। इसका निर्माण संवत् 1895 में महारावल गजसिंह ने करवाया था। वे प्रातः उठते ही अपने किले से देवी के दर्शन किया करते थे। इतिहास प्रसिद्ध विजयराव … Read more

आंजन धाम : यहीं माँ अंजनी ने दिया था हनुमान को जन्म 

Anjan Dham Gumla Hanuman Birth Place History in Hindi : रामभक्त हनुमान का नाम सप्त चिरंजीवियों में शामिल है। देश-दुनिया में उनके अनेक मन्दिर हैं।  लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका जन्म कहाँ हुआ था ? …  कहा जाता है कि भगवान हनुमान जी के जन्म का इतिहास झारखंड के गुमला जिले के उत्तरी … Read more

चौसठ योगिनी मन्दिर, मुरैना – इसी मन्दिर पर आधारित है भारत का संसद भवन

Chausath Yogini Mandir Morena History in Hindi : सामान्यतः योगाभ्यास करने वाली स्त्री योगिनी कहलाती है। परन्तु शाक्त मत तथा तांत्रिक परम्पराओं में योगिनी देवीरूपा हैं जो सप्तमातृकाओं से सम्बद्ध हैं। इनकी संख्या 64 है। आपने अष्ट या चौंसठ योगिनियों के बारे में सुना होगा। दरअसल ये सभी आदिशक्ति मां काली का अवतार है। घोर नामक दैत्य … Read more

कामाख्या देवी शक्तिपीठ से जुड़े रोचक तथ्य

Mata Kamakhya Devi Shaktipeeth History in Hindi : कामाख्या शक्तिपीठ गुवाहाटी (असम) के पश्चिम में 8 कि.मी. दूर नीलांचल पर्वत पर है। 51 शक्तिपीठों में कामाख्या देवी शक्तिपीठ को सर्वोत्तम माना जाता है। कामाख्या देवी का यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ असम में गुवाहाटी के पश्चिम में 8 किमी. दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित है। माता सती … Read more

चूड़ामणि देवी मंदिर- इस मदिर में चोरी करने पर ही पूरी होती है मनोकामना

Devi Chudamani Temple Uttarakhand History in Hindi : इस मन्दिर में चोरी करने पर ही  मनोकामना होती है पूरी  – Mission Kuldevi  में हम आपको कुलदेवियों सहित देवी माँ के विभिन्न धामों का दर्शन करवाते हैं। हमारे भारत में कई ऐसे अनोखे मन्दिर हैं जिनकी परम्पराएं और मान्यतायें अनोखी होती हैं। पिछले लेख में हमने आपको … Read more

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