बीसहत्थ माता मन्दिर का इतिहास Bees Hath Mata, jodhpur

Bees Hath Mata Temple Jodhpur History in Hindi : कुलदेवी-धाम यात्रा के इस पावन अभियान के अन्तर्गत मैं और मेरे पिताजी अपने गृहनगर सीकर से जोधपुर नगर पहुंचे। रात्रि में सफर करके हम सुबह 5 बजे यहाँ पहुंचे थे। सबसे पहले हमने एक धर्मशाला में स्नानादि से निवृत होकर जोधपुर नगर में प्रसिद्ध देवी-धाम बीसहथ माता के … Read more

श्री लिखासन माता दर्शन, आरती व इतिहास

Likhasan Mata Temple Nagaur : लिकासंण माता का मन्दिर नागौर जिले के लिकासंण गांव में है। यह स्थान नागौर से 75 कि.मी. डीडवाना से 18 कि.मी. तथा छोटी खाटू से 5 कि.मी. दूर है। लिकासन माता का ट्रस्ट – कुलस्वामिनी श्रीलिकासंणमाता ट्रस्ट, नाशिक के नाम से बना हुआ है। माता का मन्दिर एक हजार वर्ष … Read more

भुवाल माता मंदिर: चमत्कार, दर्शन व इतिहास

Bhuwal Mata Temple Merta City : Bhuwal Mata Darshan Video कृपया Video पर दिखने वाले Youtube के Icon पर Click करें और हमारे Youtube Channel पर जाकर Subscribe करें।  नागौर जिले में मेड़ता से लगभग 20-22 कि.मी. दक्षिण में स्थित भुवाल एक गाँव है । यहाँ पर विक्रम संवत् की 21वीं शताब्दी के लगभग निर्मित … Read more

आसोप स्थित माहेश्वरी समाज की गायल माता और खत्री/अरोड़ा समाज की छाबला माता का मंदिर | Gayal Mata Temple Asop, Jodhpur

Gayal Mata Temple Asop :  गायल माता का मंदिर जोधपुर जिले के आसोप में है । नागौर तथा जोधपुर से आसोप जाया जा सकता है। इस मंदिर में प्रतिदिन भक्तों का तांता लगा रहता है। जोधपुर व आसपास के क्षेत्रों में गायल माता के प्रति विशेष आस्था रखी जाती है। यहाँ यात्रियों के रहने व … Read more

तोषीणा की खूंखर माता | Maheshwari Samaj Kuldevi: Khunkhar Mata, Toshina

खूंखर माता  का  मन्दिर नागौर जिले के तोषीणा गांव में है।  यह नागौर से 50 कि. मी. की दूरी पर तथा डीडवाना (उपकाशी) तहसील से 28 कि. मी. की दूरी पर स्थित है।  पौराणिक दन्त कथाओं से ज्ञात होता है कि इस स्थान का प्राचीन नाम थल था। सेठ तोषाशाह तोषनीवाल के 1139 ई. में आगमन के … Read more

Daresiya Mata Temple- Dehru (Nagaur)

नागौर जिले के खींवसर से मुख्य मार्ग से जोरापुर गांव से 6 किमी. दूर डारू/डेहरु  गांव है। डारू गांव से 2 किमी. दूर तालाब के किनारे डोरसिया माता का मन्दिर बना हुआ है। मन्दिर की समिति डोरसिया माताजी ट्रस्ट सेवा समिति गांव डारू, नागौर के नाम से बनी हुई है। मन्दिर के प्रांगण में ठहरने … Read more

Chamunda Mata Temple Tarnau (Nagaur)

नागौर जिले के जायल तहसील से 12 किमी. दूर तरनाऊ के पास चामुण्डा माता का मन्दिर है। मन्दिर परिसर में  ठहरने की व्यवस्था है।जोधपुर-नागौर-तरनाऊ :- 181 किमी.बीकानेर-नागौर-तरनाऊ “- 154 किमी.जयपुर-कुचामन सिटी- तरनाऊ :- 197 किमी. तरनाऊ की चामुंडा माता चामुंडा माँ तरनाऊ की पावननगरी पर विराजित एक भव्य मंदिर है !! यह मंदिर बहुत प्राचीन है , … Read more

राजस्थान का प्राचीन शक्तिपीठ -ज्वालामाता “Jwala Mata-Jobner”

Jwala Mata Temple Jobner Jaipur History in Hindi : राजस्थान के जयपुर के जोबनेर में स्थित ज्वालामाता का यह मन्दिर राजस्थान का एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जिसकी शताब्दियों से लोक में बहुत मान्यता है । यह धाम जयपुर से लगभग 45 कि. मी. पश्चिम में ढ़ूंढ़ाड़ अंचल के प्राचीन कस्बे जोबनेर में अवस्थित है । यह स्थान … Read more

माता सती का शीश – सुन्धामाता “Sundha Mata-Jalore”

Sundha Mata Temple History in Hindi : सुन्धामाता का प्राचीन और प्रसिद्ध मन्दिर जालौर जिले की भीनमाल तहसील में जसवंतपुरा से 12 कि.मी. दर दंतालावास गाँव के समीप लगभग 1220 मीटर की ऊँचाई का एक विशाल पर्वत शिखर, जो की सुन्धा पर्वत कहलाता है, के पर्वतांचल में एक प्राचीन गुफा के भीतर स्थित है । पुराणों … Read more

चमत्कारी जोगन- जोगणियामाता “Joganiya Mata”

चित्तौड़गढ़ से  लगभग 85 कि.मी.दूर राजस्थान और मध्यप्रेदश राज्यों की सीमा से लगते ऊपरमाल पठार के दक्षिणी छोर पर जोगणियामाता का प्रसिद्ध मन्दिर स्थित है । ज्ञात इतिहास के अनुसार इस मन्दिर का निर्माण आठवीं शताब्दी ई. के लगभग हुआ । लोकमान्यता है कि पहले यहाँ अन्नपूर्णा देवी का मन्दिर था। मन्दिर से 1 कि.मी. पर … Read more

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