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भैसादश्री माता मन्दिर नीमच Bhaisad Shri Mata Temple Neemuch

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Bhaisad Shri Mata Temple Neemuch : भैसाद श्री माता मन्दिर नीमच सिटी के मीणा मोहल्ले में नदी के किनारे पर है। यह मन्दिर लगभग 600 वर्ष पुराना है। यह देवी माहेश्वरी समाज में आगीवाल खांप की कुलदेवी है। यदि आप भी भैसाद माता को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं

नौसर माता का मन्दिर, पुष्कर घाटी अजमेर

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Nausar Mata Temple Pushkar Valley Ajmer : नौसर माता का मन्दिर राजस्थान के अजमेर जिले की पुष्कर घाटी में स्थित है। यह मन्दिर लगभग 1300 वर्ष पुराना है। माता के श्रद्धालु दूर-दूर से यहाँ माथा टेकने और मनौती मांगने आते हैं। वैसे तो यहाँ प्रतिदिन ही उपासकों का ताँता लगा रहता

राजस्थान के 10 प्रसिद्ध देवी मन्दिर, जो कुलदेवियों के रूप में पूजित हैं

10 Famous Devi Temples of Rajasthan in Hindi : आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भारत में देवीपूजा की बहुत मान्यता है। देवी जो शक्ति के रूप में संसार को चलाती है। भारतवर्ष के कोने-कोने में देवियों के मन्दिर स्थापित हैं।  यहाँ राजस्थान के कुछ प्रसिद्ध देवी मंदिरों के बारे में बताया जा

साण्डन / स्यानण की कालिका माता का प्राचीन मन्दिर, सुजानगढ़ चूरू

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राजस्थान के चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील में रतनगढ़-सालासर मार्ग पर सांडण / स्यानण की डूंगरी स्थित है। इस पहाड़ी पर तीन भागों में विभक्त प्राचीन मन्दिर स्थित है। सांडण / स्यानण की काली माता का मन्दिर दसवीं शताब्दी में हर्षनाथ का समकालीन बताया जाता है। दो मन्दिर पहाड़ी पर

कुलदेवी श्री रायमाता गांगियासर – दर्शन, इतिहास व चमत्कार

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रायमाता का मन्दिर राजस्थान के झुंझुनू जिले में बिसाऊ तहसील से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर गांगियासर नामक गाँव में स्थित है। प्रवासी एवं स्थानीय भक्तों का यह उपासना केन्द्र चमत्कारी देवी के रूप में विख्यात है। गांगियासर ग्राम की देवी रायमाता के प्रकटीकरण का इतिहास भी चमत्कारी व रोचक

कुलदेवी श्री जमवाय माता मन्दिर धामाणा धाम भोड़की झुंझुनू

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राजस्थान में जमवा रामगढ की जमवाय माता के अलावा झुंझुनू जिले के भोड़की गाँव से 2 किलोमीटर दक्षिण दिशा में धामाणा जोहड़ा (तालाब) के किनारे भी जमवाय माता का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह स्थान धामाणा धाम नाम से लोकविख्यात है। इस मन्दिर का शिखर काफी ऊंचा है और गर्भ-गृह आंगन की

श्री रोयल माताजी सादड़ी – गूंदेचा पुरोहित मादा की कुलदेवी

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पुरोहित समाज के मादा (सादड़ी) गुन्देचा गोत्र की कुलदेवी श्री रोयल माता का मन्दिर राजस्थान के पाली जिले के गाँव सादड़ी में  रणकपुर वाली सड़क पर स्थित है।  इस प्राचीन मन्दिर में क्षेत्र के तथा दूर-दराज से उपासक आकर माँ का दर्शन करते हैं। श्री रोयल माताजी सादड़ी मन्दिर के कुछ चित्र -

वैभवशाली मण्डोर उद्यान और मण्डोर किले के खंडहरों में विराजमान माँ चामुण्डा देवी

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जोधपुर की इस यात्रा में हमने पिछले दिन बीसहथ माता तथा मेहरानगढ़ की चामुण्डा माता के दर्शन किये। आज का दिन हमने मण्डोर के उद्यान देखने के लिए निश्चित किया था। हम सुबह जल्दी ही उठकर मण्डोर के लिए निकल गए। मण्डोर की यह यात्रा हमारी कुलदेवीधामयात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण

मेहरानगढ़ की चामुण्डामाता दर्शन तथा किले व जसवंत थड़ा की यात्रा

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बीसहथ माता के दर्शन करने के पश्चात् हम (मैं और मेरे पिताजी) मेहरानगढ़ पहुंचे। जोधपुर आने के बाद यदि मेहरानगढ़ नहीं देखा जाता और इस गढ़ में स्थित प्रसिद्ध चामुण्डामाता के दर्शन ना किये जाते तो इस कुलदेवीधाम-यात्रा अभियान में कमी रह जाती तथा जोधपुर का पर्यटन अधूरा रह जाता। शाप, बलिदान व ऐश्वर्य

ये है चौथ माता का सबसे बड़ा मंदिर : चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर

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Chauth Mata Temple Chauth Ka Barwara Sawai Madhopur : चौथमाता का मन्दिर बरवाड़ा गाँव में एक विशाल और ऊँची पहाड़ी पर स्थित है । जयपुर सवाईमाधोपुर रेलमार्ग पर चौथ का बरवाड़ा एक रेलवे स्टेशन है जिसका नामकरण चौथमाता के मन्दिर के आधार पर हुआ । देवी मन्दिर तक पहुँचने के लिए

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