मेड़तिया राठौड़ वंश का इतिहास, परिचय व ठिकाने | Medtiya / Mertiya Rathore Vansh History in Hindi

Mertiya Rathore Vansh History in Hindi : जोधपुर के शासक जोधा के पुत्र दूदाजी के वंशज मेड़ता नगर के नाम से मेड़तिया कहलाये। राव दूदा जी का जन्म राव जोधा जी की सोनगरी राणी चाम्पा के गर्भ से 15 जूं 1440 को हुआ । राव दूदा जी ने मेड़ता नगर बसाया । इसमें उनके भाई … Read more

चांपावत राठौड़ वंश का इतिहास, परिचय व ठिकाने | Champawat Rathore Vansh History in Hindi

Champawat Rathore Vansh : राव रिड़मल के पुत्र चांपाजी थे। चांपाजी ने वि.सं. 1522 में सुल्तान महमूद खिलजी के साथ युद्ध किया था। वि.सं. 1536 में मणियारी के पास सीधलों के साथ युद्ध हुआ जिसमें चांपा वीरगति को प्राप्त हुए। इन्हीं चांपा के वंशधर चांपावत राठौड़ कहलाये। इनके मारवाड़ में काफी ताजीमी ठिकाने थे। जयपुर … Read more

Bishath Mata / Biswant Mata Temple Tunkaliya

बीसहथ माता  Bishath / Biswant Mata का मंदिर राजस्थान के नागौर जिले में गोटन कस्बे के पास टुंकलिया गाँव में स्थित है। बीसहथ माता की इस क्षेत्र में बहुत लोकमान्यता है जिनका मंदिर एक विशाल तालाब के किनारे पर एक पहाड़ी पर बना है। इन्हें बिसवंत माता भी कहा जाता है। ये माहेश्वरी समाज में हुरकट शाखा … Read more

गर्गवंशी ब्राह्मण समाज का परिचय, इतिहास,गौत्र एवं कुलदेवियाँ | Gotra wise Kuldevi List of Garg Vanshi Brahmin Samaj

     विनोद शर्मा  कृष्णगौड़ ब्राह्मण सेवा समिति, जयपुर  द्वारा प्रेषित आलेख       ब्राह्मणोत्पत्ति  दर्पण व जाति भास्कर आदि से प्राप्त अभिलेखों के अनुसार महर्षि गर्ग ऋषि की संतान गर्गवंशी ब्राह्मण कहलाते है,ब्राह्मण वर्ग जो शिक्षण, अध्यापन का कार्य करते थे वे गुरु ब्राह्मण कहलाते है।          गुरु का अर्थ है अध्यापक, शिक्षक,आचार्य,उपाध्याय । गर्ग ऋषि के … Read more

तंवर राजवंश की कुलदेवी व कुछ विशेष जानकारियां |Tanwar Rajput Vansh Kuldevi | Yogmaya Temple Delhi |Chilay Mata

तंवरों की कुलदेवी ”योगमाया” या चिलाय माता तंवर या तोमर राजवंश का भारत के इतिहास ही नहीं बल्कि संस्कृति में भी महत्त्वपूर्ण योगदान है। इस राजवंश ने सैकड़ों वर्षों तक दिल्ली पर एकछत्र शासन किया है। तोमर राजवंश की उत्पत्ति चंद्रवंशी पाण्डवों के वंश से हुई है। महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने वर्तमान दिल्ली के पास हस्तिनापुर … Read more

क्या अग्रवाल समाज भी है भगवान् राम का वंशज ? Bhagwan Ram ke Vanshaj Agrawal Samaj

सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद प्रकरण की सुनवाई के दौरान जब न्यायाधीश ने पूछा कि क्या भगवान राम के वंशज अब भी मौजूद हैं ? तो वकील तत्काल कोई जवाब न दे सके। इस विषय में सबसे पहला वक्तव्य जयपुर के कछवाहा राजघराने की पूर्व राजकुमारी सांसद दीयाकुमारी का आया। उन्होंने कुछ दस्तावेजों का … Read more

गुर्जर समाज का इतिहास, खांप व कुलदेवियां | Gurjar Samaj History Khaap Kuldevi

परिचय Gurjar Samaj History in Hindi : गूजर शब्द गूर्जर का अपभ्रंश है | जो क्षत्रिय प्रायः गूर्ज से ही युद्ध करते थे वे गूर्जर कहलाये | गूर्ज लकड़ी के नीचे लोहे का ठोस पोला लगाकर बनता है। इससे चोट ज्यादा लगती है। गूर्जरों के द्वारा शासित प्रदेश गूर्जर देश सातवीं शताब्दी में कहलाता था । … Read more

लोधा जाति का इतिहास, खांप व कुलदेवी | Lodha Caste History Kuldevi Khap Gharane

परिचय  लोधा अपने को यदुवंशी बतलाते हैं। इनकी ख्यातों के अनुसार ये भुवनपाल यादव के द्वितीय पुत्र सामंत के वंशज हैं जिसने लुधियाना बसाया था। तब से ही यह लोधा कहलाने लगे। लोधी (या लोधा, लोध) भारत में पायी जाने वाली एक किसान जाति है। ये मध्य प्रदेश में बहुतायत में पाये जाते हैं, जहाँ यह लोग उत्तर प्रदेश से … Read more

Devra Chauhan Rajput Vansh History Khap Thikane

देवड़ा, चौहान राजवंश की एक प्रसिद्ध खांप है | राजतरंगिणी (1205 वि.) ज्ञात होता है कि 1205 वि. से पूर्व ही 36 राजपूत राजवंश बन चुके थे | उस समय देवड़ा चौहानों की उत्पत्ति हो चुकी थी और भीनमाल पर उनका स्वतंत्र राज्य हो चुका था | चौहानों की खांप होने के बावजूद भी देवड़ा … Read more

चौहान वंश का इतिहास, शाखायें, ठिकाने व कुलदेवी | Chauhan Rajput Vansh History in Hindi |Kuldevi

चौहान वंश का परिचय  Chauhan Vansh in Hindi: चौहान वंश, जिसे चौहान राजवंश के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रमुख राजपूत वंश है जिसने उत्तरी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों पर चार शताब्दियों तक शासन किया। अपने सैन्य कौशल के लिए प्रसिद्ध इस शक्तिशाली राजवंश ने भारतीय इतिहास और संस्कृति पर स्थायी … Read more

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