जाट समाज के गोत्रों की लिस्ट Jat Samaj History and All Gotras List

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Jat Samaj History in Hindi: भारतीय उपमहाद्वीप में ‘जाट’ केवल एक जाति का नाम नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक है। प्राचीन काल से ही भारत की जीवन रेखा (कृषि) और उसकी रक्षा पंक्ति (सेना) जाट समाज के कंधों पर सुरक्षित रही है। “जय जवान, जय … Read more

Gotra wise Kuldevi List of Adi Gaur Brahmin Samaj

Gotra and Kuldevi List of Aadigaur / Aadigaud Brahmin Samaj: According to “Brahmanotpatti Marttanda”, Maharshi “Galav” is the originator of Aadigaur Community. BrahmKuldevi List of a had a son named ‘Brahmarshi’. Brahmarshi had a son named ‘Parabrahma’. His son was Kripacharya. Kripacharya had two sons, the name of the younger son was ‘Shakti’. The first … Read more

Gotra wise Kuldevi List of Oswal Samaj

Gotra wise Kuldevi List of Oswal Samaj:  The ancient name of the Oswal Samaj is ‘Upkesh’.  Uaish, Ukesh etc.are also used for Upekesh clan. Their place was named Ukesh, which is now called Oasian. Jain community of Osian is called Oswal. Kuldevi of Oswal Samaj Video : Please Subscribe our Youtube Channel ‘Devika TV – Devotional India’  There is an important place of … Read more

मैथिल ब्राह्मण: इतिहास, संस्कृति, परंपरा और गोत्र – कुलदेवी

मैथिल ब्राह्मण एक समृद्ध इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के साथ दक्षिण भारत में एक प्रमुख ब्राह्मण समुदाय हैं। वे मुख्य रूप से तमिलनाडु और केरल राज्यों में पाए जाते हैं, और विशेष रूप से साहित्य, कला और संगीत के क्षेत्र में भारतीय समाज में उनके योगदान के लिए जाने जाते हैं। इतिहास: माना जाता है … Read more

कान्यकुब्ज ब्राह्मण: इतिहास, संस्कृति, परंपरा और गोत्र – कुलदेवी

कान्यकुब्ज ब्राह्मण एक ब्राह्मण समुदाय है जो मुख्य रूप से भारत के उत्तरी भागों में पाया जाता है, खासकर उत्तर प्रदेश राज्य में। वे भारत के पाँच प्रमुख ब्राह्मण समूहों में से एक हैं और अपनी बुद्धिमत्ता, विद्वता और धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। इस लेख में हम कान्यकुब्ज ब्राह्मणों … Read more

नीमाज की मगरमण्डीमाता | Magarmandi / Makarmandi Mata Nimaj Pali

  नीमाज (Nimaj) पाली जिले का एक प्रमुख कस्बा है । निमाज कस्बे से दो-ढाई किलोमीटर दूर पाली व अजमेर जिले की सरहद के समीप नवीं-दसवीं शताब्दी के पूर्व का ऐतिहासिक मगरमण्डीमाता (Magarmandi Mata) का एक प्राचीन और भव्य मन्दिर स्थित है। यहाँ इनकी बहुत लोकमान्यता है। ज्ञात इतिहास के अनुसार नीमाज रियासतकाल में ऊदावत … Read more

Shivratri ki Aarti Lyrics Hindi English

आरती श्री शिवरात्रि की (हिन्दी) आ गयी महाशिवरात्रि पधारो शंकर जी हो पधारो शंकर जी आरती उतारे पार उतारो शंकर जी हो उतरो शंकर जी तुम नयन नयन मे हो, मन धाम तेरा हे नीलकंठ है कंठ, कंठ मे नाम तेरा हो देवो के देव, जगत मे प्यारे शंकर जी तुम राज महल हो, तुम्ही … Read more

वीरातरा की श्री वांकल माता – Shri Vankal Mata Viratra

Shri Vankal Mata Viratra

Vankal Mata Viratra History in Hindi : श्री वांकल माता का मन्दिर बाड़मेर से लगभग 48 कि.मी. तथा चौहटन तहसील से लगभग 10 कि.मी. उत्तर में स्थित है । जो लगभग 400 वर्षों से अधिक पुराना है । विरातरामाता भोपों की कुलदेवी मानी जाती है ।  यह मन्दिर पर्वत की तलहटी में है जो एक ओर … Read more

Shri Kashi Vishwanath Suprabhatam Lyrics

॥ श्रीकाशीविश्वनाथसुप्रभातम् ॥ Shri Kashi Vishwanath Suprabhatam in Sanskrit / Hindi विश्वेशं माधवं धुण्डिं दण्डपाणिं च भैरवम।वन्दे काशीं गुहां गङ्गां भवानीं मणिकर्णिकाम॥१॥ उत्तिष्ठ काशि भगवान प्रभुविश्वनाथोगङ्गोर्मिसङ्गतिशुभैः परिभूषितोऽब्जैः।श्रीधुण्डिभैरवमुखैः सहितान्नपूर्णामाता च वाञ्छति मुदा तव सुप्रभातम्॥२॥ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारिःभानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवःकुर्वन्तु सर्वे भुवि सुप्रभातम्॥३॥ वाराणसीस्थितगजाननधुण्डिराजतापत्रयापहरणे प्रथितप्रभाव।आनन्दकन्दलकुलप्रसवैकभूमेनित्यं समस्तजगतः कुरु सुप्रभातम्॥४॥ ब्रह्मद्रवोपमितगाङ्गपयः प्रवाहैःपुण्यैः सदैव परिचुम्बितपादपद्मे।मध्येऽखिलामरगणैः परिसेव्यमानेश्रीकाशिके कुरु सदा … Read more

Shri Venkatesh Stotram Lyrics

॥अथ श्रीवेङ्कटेशस्तोत्रम्॥ कमलाकुचचूचुककुङ्कुमतोनियतारुणितातुलनीलतनो।कमलायतलोचनलोकपतेविजयी भव वेङ्कटशैलपते॥१ सचतुर्मुखषण्मुखपञ्चमुखप्रमुखाखिलदैवतमौलिमणे।शरणागतवत्सल सारनिधेपरिपालय मां वृषशैलपते॥२ अतिवेलतया तव दुर्विषहैःअनुवेलकृतैरपराधशतैः।भरितं त्वरितं वृषशैलपतेपरया कृपया परिपाहि हरे॥३ अधिवेङ्कटशैलमुदारमतेजनताभिमताधिकदानरतात्।परदेवतया गदितान्निगमैःकमलादयितान्न परं कलये॥४ कलवेणुरवावशगोपवधूशतकोटिवृतात्स्मरकोटिसमात्।प्रतिवल्लविकाभिमतात्सुखदात्वसुदेवसुतान्न परं कलये॥५ अभिरामगुणाकर दाशरथेजगदेकधनुर्धर धीरमते।रघुनायक राम रमेश विभोवरदोभव देव दयाजलधे॥६ अवनीतनयाकमनीयकरंरजनीकरचारुमुखाम्बुरुहं।रजनीचरराजतमोमिहिरंमहनीयमहं रघुराम मये॥७ सुमुखं सुहृदं सुलभं सुखदंस्वनुजं च सुखायममोघशरं।अपहाय रघूद्वहमन्यमहंन कथञ्चन कञ्चन जातु भजे॥८ विना वेङ्कटेशं न नाथो नाथःसदा वेङ्कटेशं स्मरामि स्मरामि।हरे वेङ्कटेश … Read more

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