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Gotra, Kuldevi of Saraswat Brahmin Community सारस्वत समाज की कुलदेवियाँ

सारस्वत ब्राह्मण समाज भारत के हिन्दू ब्राह्मण समाज का समुदाय है जो अपनी उत्पत्ति ऋग्वैदिक सरस्वती नदी के तट पर मानते हैं।  यह समाज पंचगौड़ ब्राह्मण समाजों में से एक है। इस समाज के अतिरिक्त पंचगौड़ ब्राह्मणों में अन्य चार ब्राह्मण समाज हैं -गौड़, कान्यकुब्ज, मैथिल और उत्कल।

कल्हण की ‘राजतरंगिणी’ में, सारस्वत ब्राह्मणों का उल्लेख विंध्य के उत्तर में रहने वाले पंचगौड़ ब्राह्मण समुदायों में से एक के रूप में किया गया है।

सारस्वत ब्राह्मण समाज की उत्पत्ति : 

सारस्वत समाज का आदिपुरुष सरस जी महाराज को माना जाता है। इनका जन्म लुद्रजी की सातवी पीढ़ी में हुआ था। लुद्रजी जैसलमेर में लुद्रवा रियासत के राजा जयसिंह के मार्गदर्शक थे। मान्यता है कि वि.स. 933 में आषाढ़ मास कीअमावस्या को सूर्य ग्रहण का संयोग बना। इस दिन राजा ने लुद्रजी को दान देना चाहा तो उन्होंने दान लेने से मना कर दिया। परिणामस्वरूप राजा ने लुद्रजी को अपने राज्य से निर्वासित कर दिया। लुद्रजी ने वि.स. 934 में पौड़ी गढ़वाल के पास लुद्रगढ़ बसाया और वहीं निवास करने लगे | इन्ही लुद्रजी की सातवीं  पीढ़ी में सरस जी का जन्म हुआ। इन्हीं सरसजी के वंशज सारस्वत कहलाये। 

Kuldevi List of Saraswat Brahmin Samaj | सारस्वत समाज के गोत्र एवं कुलदेवियां

Gotra wise Kuldevi List of Saraswat Brahmin Samaj  : सारस्वत समाज  की गोत्र के अनुसार कुलदेवियों का विवरण इस प्रकार है –   

सं.कुलदेवीउपासक नख/ खांप (सामाजिक गोत्र) (Gotra of Saraswat Brahmin Samaj)

1.

आशावरी माताढीलीवाल।

2.

अर्णोलीमातावालमीक।

3.

कनसूरी मातापटणी।

4.

कालिकामातादीक्षित।

5.

करणोला माताबावा।

6.

कर्णेश्वरी माताधम्मू, पालीवाल।

7.

कजली माताकांथड्या।

8.

कामाक्षा माताकुकड़ा भानोत।

9.

चतुर्भुजा मातारत्नपाल, टिमटिमा।

10.

चण्डिका माताकूरबिलाव।

11.

चामुण्डा माताघोमंच, जांगलवा, अवस्थी, काहल, जयचंद, तंवालवा, नवला, पण्डित, हुंडावण, सोदका, भेहाणी।

12.

ज्वालामुखी माता आजर्डा, छकड़ा, जासू, डोडिया, मोठ, शारदा, हयताजा, मोतिया।

13.

जीणमातासिन्धुवेग।

14.

 नवदुर्गा माताकोडका।

15.

बटवासिनी माताबीजल, दंद्राणी, शाण्डिल्य।

16.

बीजासणी मातामालिया, लुद्रेवा, सारसवा।

17.

ब्रह्माणी माताकेलवाड़ा, ढिल्लीवाल, भटनेरी, रैण्या, कोडूका, दुबे।

18.

भद्रकाली मातागुडगीला, गुरावा, पाण्डया, कुरल, चित्रचोट, लीलाडिय़ा, शीली, भूरला, राखसा, क्रियाएत, भडिय़ा, गंगवाल, सिरसीवाल।

19.

भटियानी माताझींगरन, टण्डन।

20.

मनसा मातागुसाई।

21.

महाकाली मातामोठ्या।

22.

संचायमातागीतावण्या, तावणिया, पवर, लखनपाल।

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53 thoughts on “Gotra, Kuldevi of Saraswat Brahmin Community सारस्वत समाज की कुलदेवियाँ”

    • सारस्वत ब्राह्मणों में एक गौत्र कण्व ऋषि भी है। मुझे मेरे कुल देवी या कुल देवता की जानकारी नहीं है। मुझे मेरे कुल देवी या कुल देवता कौन है बताने का कष्ट करें।

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  1. हमारा गोत्र पाराशर है व हम सारस्वत ब्राह्मण है उत्तर प्रदेश के | वर्तमान में अजमेर में निवास कर रहे है |
    हमारी कुलदेवी अम्बा माता आबूरोड है उनके बारे में कोई विवरण मौजूद नही है
    कृपया जानकारी उपलब्ध कराये |
    धन्यवाद

    प्रतिक्रिया
  2. Mai Baijnath saarswat Punjabi Brahman Pakistan Lahore ki chuhni tehsil usse pehle Punjab me Jalandhar k pass gaaon ththha tibba gaaon k itihaas Ko jaanta hoon or hmaara gotra kplaksh hai sb gotra palan hai ISS se pehle hmaare poorvaj khaan k rehne ਵਾਲੇ the isle baare me Jaan na hai aur hmaari kuldevi k baare me Jaan na hai

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